सागर । स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और शासकीय कार्यों में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में भारी लापरवाही सामने आई, जहां उपस्थिति पंजी देखने पर 42 अधिकारियों व कर्मचारियों में से 21 लोग अनुपस्थित पाए गए। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने सभी अनुपस्थित स्टाफ का तत्काल 3 दिन का वेतन काटने और अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी श्री अमन मिश्रा, सीएमएचओ डॉ. जी.पी. राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक स्टाफ उपस्थित था।

एक-एक शाखा पहुंचकर जांची व्यवस्थाएं
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सीएमएचओ कार्यालय परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित हो रही सभी शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्थापना शाखा , लिपिक शाखा तथा नेशनल हेल्थ मिशन यूनिट सहित विभिन्न विभागों की टेबल पर जाकर फाइलों और रिकॉर्ड की स्थिति देखी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासकीय कर्मचारियों के अवकाश, क्लेम और सर्विस बुक से जुड़े मामलों का निपटारा समय-सीमा में किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर लेटलतीफी न की जाए। इसके साथ ही एनएचएम यूनिट के तहत जिले में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर ने कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर की सघन जांच की, तो स्थिति अत्यंत निराशाजनक मिली। दफ्तर के 42 अधिकारियों- कर्मचारियों में से 21 लोग बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से नदारद थे। इस घोर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर श्रीमती पाल ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाए और उनका 3 दिन का वेतन काटने की दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

एक-एक शाखा पहुंचकर जांची व्यवस्थाएं
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने सीएमएचओ कार्यालय परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित हो रही सभी शाखाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्थापना शाखा , लिपिक शाखा तथा नेशनल हेल्थ मिशन यूनिट सहित विभिन्न विभागों की टेबल पर जाकर फाइलों और रिकॉर्ड की स्थिति देखी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शासकीय कर्मचारियों के अवकाश, क्लेम और सर्विस बुक से जुड़े मामलों का निपटारा समय-सीमा में किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर लेटलतीफी न की जाए। इसके साथ ही एनएचएम यूनिट के तहत जिले में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर ने कार्यालय के उपस्थिति रजिस्टर की सघन जांच की, तो स्थिति अत्यंत निराशाजनक मिली। दफ्तर के 42 अधिकारियों- कर्मचारियों में से 21 लोग बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से नदारद थे। इस घोर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर श्रीमती पाल ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जाए और उनका 3 दिन का वेतन काटने की दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
