सागर । बीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने एक जटिल एवं उच्च जोखिम वाली शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक संपन्न कर एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विभाग की विशेषज्ञ टीम ने 70 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 1 किलोग्राम वजनी तथा 15×20 सेंटीमीटर आकार की विशाल एडनेक्सल (ओवेरियन) सिस्ट को सुरक्षित रूप से निकालकर मरीज को नया जीवन प्रदान किया।

बड़ा बाजार निवासी श्रीमती मुन्नी बाई को लंबे समय से पेट में लगातार दर्द एवं सूजन की शिकायत थी। जांच के दौरान उनके पेट एवं एब्डोमिनोपेल्विक क्षेत्र में एक बड़ी गांठ पाई गई। अल्ट्रासाउंड एवं सीईसीटी जांच के बाद इसे एडनेक्सल सिस्ट के रूप में चिन्हित किया गया। मरीज पिछले लगभग चार वर्षों से क्रॉनिक डायरिया की समस्या से भी पीड़ित थीं, जिससे शल्य चिकित्सा का जोखिम और बढ़ गया था। ऑपरेशन से पूर्व प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा विस्तृत जांच एवं मरीज की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। सभी आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों तथा उच्च जोखिम की सहमति (High-Risk Consent) के बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका पटेल तथा डॉ. सिफ्टी बंगा , स्नातकोत्तर छात्रा डॉ. रिंशु सुजोरिया , स्क्रब नर्स श्रीमती राखी गौतम एवं आकांक्षा वर्मा के सहयोग से एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी कर दाहिनी ओर स्थित लगभग 15×20 सेंटीमीटर आकार की विशाल सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
इस जटिल शल्य चिकित्सा को सफल बनाने में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन एवं उनकी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिनके कुशल एनेस्थीसिया प्रबंधन एवं सतत मॉनिटरिंग से ऑपरेशन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी पूरी तरह सामान्य रही। उपचार उपरांत उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हाल ही में हुए फॉलो-अप परीक्षण में मरीज पूरी तरह स्वस्थ, दर्दमुक्त एवं स्थिर पाई गईं। इस अवसर पर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने सफल ऑपरेशन के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग एवं समस्त चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि बीएमसी में अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से जटिल एवं उच्च जोखिम वाली शल्य चिकित्साएं भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह सफलता न केवल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है तथा यह दर्शाती है कि अब क्षेत्रीय स्तर पर भी जटिल एवं उच्च जोखिम वाली सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

बड़ा बाजार निवासी श्रीमती मुन्नी बाई को लंबे समय से पेट में लगातार दर्द एवं सूजन की शिकायत थी। जांच के दौरान उनके पेट एवं एब्डोमिनोपेल्विक क्षेत्र में एक बड़ी गांठ पाई गई। अल्ट्रासाउंड एवं सीईसीटी जांच के बाद इसे एडनेक्सल सिस्ट के रूप में चिन्हित किया गया। मरीज पिछले लगभग चार वर्षों से क्रॉनिक डायरिया की समस्या से भी पीड़ित थीं, जिससे शल्य चिकित्सा का जोखिम और बढ़ गया था। ऑपरेशन से पूर्व प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा विस्तृत जांच एवं मरीज की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। सभी आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षणों तथा उच्च जोखिम की सहमति (High-Risk Consent) के बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शीला जैन के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका पटेल तथा डॉ. सिफ्टी बंगा , स्नातकोत्तर छात्रा डॉ. रिंशु सुजोरिया , स्क्रब नर्स श्रीमती राखी गौतम एवं आकांक्षा वर्मा के सहयोग से एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी कर दाहिनी ओर स्थित लगभग 15×20 सेंटीमीटर आकार की विशाल सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया।
इस जटिल शल्य चिकित्सा को सफल बनाने में एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. सर्वेश जैन एवं उनकी टीम का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिनके कुशल एनेस्थीसिया प्रबंधन एवं सतत मॉनिटरिंग से ऑपरेशन सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी पूरी तरह सामान्य रही। उपचार उपरांत उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हाल ही में हुए फॉलो-अप परीक्षण में मरीज पूरी तरह स्वस्थ, दर्दमुक्त एवं स्थिर पाई गईं। इस अवसर पर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. ठाकुर ने सफल ऑपरेशन के लिए प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग एवं समस्त चिकित्सकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि बीएमसी में अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से जटिल एवं उच्च जोखिम वाली शल्य चिकित्साएं भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं। यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह सफलता न केवल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है तथा यह दर्शाती है कि अब क्षेत्रीय स्तर पर भी जटिल एवं उच्च जोखिम वाली सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।
