सागर । बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (MDRU) द्वारा स्किल लैब में स्ट्रेंगथनिंग रिसर्च स्किल्स फॉर फैकल्टीज (Strengthening Research Skills for Faculties) थीम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

बीएमसी डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संकाय सदस्यों के शोध कौशल को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, वैज्ञानिक लेखन एवं शोध परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला में कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं ने शोध के विविध महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्याख्यान दिए ।
डॉ. तपस चकमा ने फंडामेंटल्स ऑफ हेल्थ रिसर्च, रिसर्च मेथोडॉलजी एंड स्टडी डिजाइन तथा साइंटिफिक राइटिंग पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. नवीन कांगो ने शोध एवं वैज्ञानिक प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटबॉट्स के उचित उपयोग, उनकी सीमाओं तथा सावधानियों पर प्रकाश डाला।
भोपाल से आए डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने
एथिकल राइटिंग, इन्फॉर्म्ड कंसेंट एवं एमडीआरयू की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
डॉ. आकांक्षा तोमर ने सैंपल साइज कैलकुलेशन, डाटा कलेक्शन, रिव्यू ऑफ लिटरेचर तथा रेफरेंस मैनेजमेंट (Mendeley एवं Zotero) विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। एम्स भोपाल से पधारे डॉ. संजीव कुमार ने जर्नल प्रकाशन की प्रक्रिया, सही जर्नल का चयन एवं रिसर्च में प्लेग्रिज्म (साहित्यिक चोरी) के नियंत्रण पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला ज्ञानवर्धक, रोचक एवं उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को उच्च गुणवत्ता के शोध पत्र, शोध परियोजनाएं तथा बेहतर शोध थीसिस तैयार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि, चिकित्सा क्षेत्र में नित नए शोध और अपडेट्स आते रहते हैं। संकाय सदस्यों को आधुनिक शोध तकनीकों और एआई जैसे नए माध्यमों से अवगत कराने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस तरह के आयोजनों से मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च कल्चर को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अंततः चिकित्सा शिक्षा और मरीज देखभाल दोनों को बेहतर दिशा मिलेगी।
कार्यशाला का आयोजन एमडीआरयू की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता भटनागर के मार्गदर्शन एवं सह-नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के सहयोग से संपन्न हुआ। आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं का संचालन एमडीआरयू टीम के रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. नीतू मिश्रा, डॉ. सौम्या सक्सेना, डॉ. पूजा सिंह तथा टेक्निकल टीम के सिद्धांत पांडे, सृष्टि पटेल एवं तरुण श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।

बीएमसी डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संकाय सदस्यों के शोध कौशल को सुदृढ़ करना तथा उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, वैज्ञानिक लेखन एवं शोध परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला में कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर सहित बड़ी संख्या में संकाय सदस्यों ने भाग लिया।
विभिन्न विशेषज्ञ वक्ताओं ने शोध के विविध महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्याख्यान दिए ।
डॉ. तपस चकमा ने फंडामेंटल्स ऑफ हेल्थ रिसर्च, रिसर्च मेथोडॉलजी एंड स्टडी डिजाइन तथा साइंटिफिक राइटिंग पर विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. नवीन कांगो ने शोध एवं वैज्ञानिक प्रकाशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटबॉट्स के उचित उपयोग, उनकी सीमाओं तथा सावधानियों पर प्रकाश डाला।
भोपाल से आए डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने
एथिकल राइटिंग, इन्फॉर्म्ड कंसेंट एवं एमडीआरयू की भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
डॉ. आकांक्षा तोमर ने सैंपल साइज कैलकुलेशन, डाटा कलेक्शन, रिव्यू ऑफ लिटरेचर तथा रेफरेंस मैनेजमेंट (Mendeley एवं Zotero) विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। एम्स भोपाल से पधारे डॉ. संजीव कुमार ने जर्नल प्रकाशन की प्रक्रिया, सही जर्नल का चयन एवं रिसर्च में प्लेग्रिज्म (साहित्यिक चोरी) के नियंत्रण पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यशाला ज्ञानवर्धक, रोचक एवं उपयोगी रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को उच्च गुणवत्ता के शोध पत्र, शोध परियोजनाएं तथा बेहतर शोध थीसिस तैयार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेंगे। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि, चिकित्सा क्षेत्र में नित नए शोध और अपडेट्स आते रहते हैं। संकाय सदस्यों को आधुनिक शोध तकनीकों और एआई जैसे नए माध्यमों से अवगत कराने के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस तरह के आयोजनों से मेडिकल कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण रिसर्च कल्चर को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अंततः चिकित्सा शिक्षा और मरीज देखभाल दोनों को बेहतर दिशा मिलेगी।
कार्यशाला का आयोजन एमडीआरयू की नोडल अधिकारी डॉ. श्वेता भटनागर के मार्गदर्शन एवं सह-नोडल अधिकारी डॉ. सुमित रावत के सहयोग से संपन्न हुआ। आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं का संचालन एमडीआरयू टीम के रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. नीतू मिश्रा, डॉ. सौम्या सक्सेना, डॉ. पूजा सिंह तथा टेक्निकल टीम के सिद्धांत पांडे, सृष्टि पटेल एवं तरुण श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया।
