सागर। शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में पीएम उषा सॉफ्ट कंपोनेंट परियोजना के अंतर्गत “जनमानस का केंद्र बिंदु : वंदे मातरम” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सागर विधायक शैलेंद्र जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सेमिनार की अध्यक्षता रानी अवंतीबाई राजकीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने की।
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में गृहस्थ संत केशव गिरी जी महाराज ने उपस्थित होकर आशीर्वचन प्रदान किए। मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के सुनील देव तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक रामकुमार गोस्वामी एवं पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। छात्र- छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “वंदे मातरम महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की पावन स्तुति और हमारी राष्ट्र चेतना का उद्घोष है।”
उन्होंने कहा कि भारत भूमि हमारे लिए केवल मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि संवेदनशील और जीवंत भारत माता का स्वरूप है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रभक्ति, जागरण और स्वाधीनता की भावना का सशक्त माध्यम बना। देश के महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने इस उद्घोष के साथ देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और आजादी के आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
विधायक श्री जैन ने कहा कि “राष्ट्र की जय चेतना का नाम वंदे मातरम है और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का गान वंदे मातरम है।” उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नियमित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के भाव एवं महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया। अध्यक्षता कर रहे रानी अवंतीबाई राजकीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश की आजादी, अस्मिता और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के भीतर राष्ट्रबोध एवं स्वाधीनता की भावना को निरंतर प्रज्ज्वलित रखा।
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। पीएम उषा परियोजना की संयोजक डॉ. इमराना सिद्दीकी ने आयोजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सॉफ्ट कंपोनेंट योजना के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना एवं वैचारिक संवर्धन को बढ़ावा देना इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
राष्ट्रीय सेमिनार पर आधारित पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा पूर्व में आयोजित “एकात्मक मानव दर्शन : विकसित भारत 2047” विषयक राष्ट्रीय सेमिनार पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन एवं कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने स्वतंत्रता दिवस की जिला स्तरीय परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्र-छात्राओं की एनसीसी यूनिट्स को सम्मानित किया तथा पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार शर्मा, संगीता मुखर्जी, प्रतिभा जैन, शुचिता अग्रवाल, संगीता कुंभारे, डॉ. संदीप सबलोक, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. नीलम सिंह, वसुंधरा गुप्ता एवं लेफ्टिनेंट जय नारायण यादव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने किया।
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में गृहस्थ संत केशव गिरी जी महाराज ने उपस्थित होकर आशीर्वचन प्रदान किए। मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के सुनील देव तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक रामकुमार गोस्वामी एवं पीएम उषा प्रभारी डॉ. इमराना सिद्दीकी मंचासीन रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। छात्र- छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि विधायक शैलेंद्र जैन ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “वंदे मातरम महज एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की पावन स्तुति और हमारी राष्ट्र चेतना का उद्घोष है।”
उन्होंने कहा कि भारत भूमि हमारे लिए केवल मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि संवेदनशील और जीवंत भारत माता का स्वरूप है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रभक्ति, जागरण और स्वाधीनता की भावना का सशक्त माध्यम बना। देश के महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने इस उद्घोष के साथ देशवासियों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और आजादी के आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
विधायक श्री जैन ने कहा कि “राष्ट्र की जय चेतना का नाम वंदे मातरम है और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का गान वंदे मातरम है।” उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नियमित पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के भाव एवं महत्व को समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया। अध्यक्षता कर रहे रानी अवंतीबाई राजकीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश की आजादी, अस्मिता और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। इस गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के भीतर राष्ट्रबोध एवं स्वाधीनता की भावना को निरंतर प्रज्ज्वलित रखा।
प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन में महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। पीएम उषा परियोजना की संयोजक डॉ. इमराना सिद्दीकी ने आयोजन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सॉफ्ट कंपोनेंट योजना के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रीय मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना एवं वैचारिक संवर्धन को बढ़ावा देना इस प्रकार के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
राष्ट्रीय सेमिनार पर आधारित पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा पूर्व में आयोजित “एकात्मक मानव दर्शन : विकसित भारत 2047” विषयक राष्ट्रीय सेमिनार पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन एवं कुलगुरु प्रो. विनोद कुमार मिश्र ने स्वतंत्रता दिवस की जिला स्तरीय परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्र-छात्राओं की एनसीसी यूनिट्स को सम्मानित किया तथा पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार शर्मा, संगीता मुखर्जी, प्रतिभा जैन, शुचिता अग्रवाल, संगीता कुंभारे, डॉ. संदीप सबलोक, डॉ. अंकुर गौतम, डॉ. संदीप तिवारी, डॉ. नीलम सिंह, वसुंधरा गुप्ता एवं लेफ्टिनेंट जय नारायण यादव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने किया।
