सागर। गायत्री शक्तिपीठ गोपालगंज में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सफल विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक शैलेन्द्र जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं परीक्षा के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन प्रतिवर्ष विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के उद्देश्य से किया जाता है। इस वर्ष सागर जिले में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में लगभग 15 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक परीक्षा में भाग लिया।
इस अवसर पर विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति और हमारे गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास की जानकारी मिले तथा उनमें भारतीय संस्कारों के प्रति रुचि और गौरव की भावना विकसित हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने और विद्यार्थियों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने विधानसभा के माध्यम से भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा ज्ञान पीठ स्थापित किए जाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
विधायक श्री जैन ने कहा कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान के प्रति रुचि और अधिक बढ़े, इसके लिए आगे भी प्रयास करना उनकी निरंतर जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और इतिहास से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को किस प्रकार अवगत करा सकें और बच्चों को अपनी महान सांस्कृतिक विरासत का ज्ञान दे सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ट्रस्टी डॉ. अनिल तिवारी, एम.के. सोनी, सी.एम. वर्मा, एस.एल. साहू, श्री सक्सैना , महाराज सिंह ठाकुर, इन्द्रपाल सिंह राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन प्रतिवर्ष विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के उद्देश्य से किया जाता है। इस वर्ष सागर जिले में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में लगभग 15 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक परीक्षा में भाग लिया।
इस अवसर पर विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति और हमारे गौरवशाली इतिहास को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और इतिहास की जानकारी मिले तथा उनमें भारतीय संस्कारों के प्रति रुचि और गौरव की भावना विकसित हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने और विद्यार्थियों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से उन्होंने विधानसभा के माध्यम से भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा ज्ञान पीठ स्थापित किए जाने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
विधायक श्री जैन ने कहा कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान के प्रति रुचि और अधिक बढ़े, इसके लिए आगे भी प्रयास करना उनकी निरंतर जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और इतिहास से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को किस प्रकार अवगत करा सकें और बच्चों को अपनी महान सांस्कृतिक विरासत का ज्ञान दे सकें, इसके लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ती है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ट्रस्टी डॉ. अनिल तिवारी, एम.के. सोनी, सी.एम. वर्मा, एस.एल. साहू, श्री सक्सैना , महाराज सिंह ठाकुर, इन्द्रपाल सिंह राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
