सागर । सुरखी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सीहोरा आज एक ऐतिहासिक एवं गौरवशाली क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। वीरता, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और त्याग के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा का अनावरण खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर जिला स्तरीय क्षत्रिय समाज का विशाल सम्मेलन भी आयोजित किया गया है, जिसमें जिलेभर से समाजजन, युवा, वरिष्ठ नागरिक, मातृशक्ति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

महाराणा प्रताप केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि स्वाभिमान की अमर गाथा हैं । मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की और आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि यह युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। यह प्रतिमा समाज की एकता, आत्मसम्मान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बनेगी।
क्षत्रिय समाज के लिए गौरव का अवसर
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि क्षत्रिय समाज का यह आयोजन केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि समाज की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य और राष्ट्र निर्माण में क्षत्रिय समाज के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। महाराणा प्रताप का जीवन संदेश देता है कि सम्मान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए। महाराणा प्रताप की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगी।
प्रधानमंत्री के संदेश का सम्मान, नहीं निकलेगी वाहन रैली
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पूर्व वर्षों में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर वाहन रैली का आयोजन किया जाता था, लेकिन इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण के संदेश को ध्यान में रखते हुए वाहन रैली का आयोजन स्थगित किया गया है।
उन्होंने कहा कि समाजजन अलग-अलग स्थानों से वाहन रैली निकालने के बजाय सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर एक स्थान पर एकत्रित होंगे और सामूहिक रूप से महाराणा प्रताप को याद करेंगे। इससे समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत भी होगी तथा अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में सहभागिता कर सकेंगे।
जिलेभर के समाजजनों से शामिल होने का आग्रह
मंत्री श्री राजपूत ने जिलेभर के क्षत्रिय समाज के लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। समाज के सभी वर्गों की सहभागिता इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएगी।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वाभिमान से समझौता नहीं करना चाहिए। इसलिए सभी समाजजन अपने परिवार सहित कार्यक्रम में उपस्थित होकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करें और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।
इतिहास और प्रेरणा का केंद्र बनेगी प्रतिमा
सीहोरा में स्थापित की जा रही महाराणा प्रताप की यह भव्य प्रतिमा क्षेत्र की पहचान बनने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणास्थल का कार्य करेगी। प्रतिमा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास, वीरता, राष्ट्रभक्ति और संस्कृति से परिचित होंगी तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा प्राप्त करेंगी। क्षत्रिय समाज के इस गौरवपूर्ण आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में समाजजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीहोरा पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी समाजबंधुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

महाराणा प्रताप केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि स्वाभिमान की अमर गाथा हैं । मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी पराधीनता स्वीकार नहीं की और आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं होगी, बल्कि यह युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। यह प्रतिमा समाज की एकता, आत्मसम्मान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बनेगी।
क्षत्रिय समाज के लिए गौरव का अवसर
मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि क्षत्रिय समाज का यह आयोजन केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि समाज की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य और राष्ट्र निर्माण में क्षत्रिय समाज के योगदान को स्मरण करने का अवसर है। महाराणा प्रताप का जीवन संदेश देता है कि सम्मान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना ही सच्चा धर्म है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाए। महाराणा प्रताप की प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगी।
प्रधानमंत्री के संदेश का सम्मान, नहीं निकलेगी वाहन रैली
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पूर्व वर्षों में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर वाहन रैली का आयोजन किया जाता था, लेकिन इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल-डीजल की बचत और ऊर्जा संरक्षण के संदेश को ध्यान में रखते हुए वाहन रैली का आयोजन स्थगित किया गया है।
उन्होंने कहा कि समाजजन अलग-अलग स्थानों से वाहन रैली निकालने के बजाय सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर एक स्थान पर एकत्रित होंगे और सामूहिक रूप से महाराणा प्रताप को याद करेंगे। इससे समय, ऊर्जा और संसाधनों की बचत भी होगी तथा अधिक से अधिक लोग कार्यक्रम में सहभागिता कर सकेंगे।
जिलेभर के समाजजनों से शामिल होने का आग्रह
मंत्री श्री राजपूत ने जिलेभर के क्षत्रिय समाज के लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने का आग्रह करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है। समाज के सभी वर्गों की सहभागिता इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाएगी।
उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वाभिमान से समझौता नहीं करना चाहिए। इसलिए सभी समाजजन अपने परिवार सहित कार्यक्रम में उपस्थित होकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करें और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें।
इतिहास और प्रेरणा का केंद्र बनेगी प्रतिमा
सीहोरा में स्थापित की जा रही महाराणा प्रताप की यह भव्य प्रतिमा क्षेत्र की पहचान बनने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणास्थल का कार्य करेगी। प्रतिमा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली इतिहास, वीरता, राष्ट्रभक्ति और संस्कृति से परिचित होंगी तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा प्राप्त करेंगी। क्षत्रिय समाज के इस गौरवपूर्ण आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में समाजजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सीहोरा पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति ने सभी समाजबंधुओं से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
