सागर। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर सागर विधानसभा में सामाजिक समरसता अभियान एवं कलश वंदन यात्रा का शुभारंभ संत कुंजीदास एवं डेलन दास महाराज के सानिध्य में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े, सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, शाहडोल संभाग प्रभारी गौरव सिरोठिया एवं नगरपालिका अध्यक्ष मिहीलाल अहिरवार के कर कमलों से हुआ।

मुख्य मंचीय कार्यक्रम संत रविदास मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संत रविदास जी महाराज के चित्र एवं कलश का विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात जनप्रतिनिधियों एवं संतों ने सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि देश की आजादी के बाद लंबे समय तक विभिन्न सरकारें सत्ता में रहीं, लेकिन संतों के सम्मान और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के व्यापक अभियान का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा संत रविदास जी के विचारों और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में सामाजिक समरसता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज को अपनी वाणी के माध्यम से सही दिशा दिखाने वाले युगपुरुष थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। हमें उनके वचनों को केवल सुनना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारने और आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए।
सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि भाजपा द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य सामाजिक समरसता का मजबूत ताना-बाना खड़ा करना है। संत रविदास जी ने अपना संपूर्ण जीवन कठिन परिस्थितियों में व्यतीत किया, लेकिन उन्होंने कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने कर्म को प्रधानता दी और समाज को संदेश दिया कि भगवान की भक्ति के साथ आर्थिक रूप से कमजोर एवं शोषित वर्ग की सहायता करना भी बड़ा धर्म है। उनका संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी समाज को कर्म, आस्था और सद्भाव का मार्ग दिखाता है।
श्री जैन ने कहा कि आज देश के सामने सामाजिक समरसता और अस्पृश्यता जैसी चुनौतियां हैं। यदि हम इन चुनौतियों को समाप्त करने में सफल होते हैं तो भारत वास्तव में विश्व का मार्गदर्शक बन सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी के कलश की यात्रा सागर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में निकाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि संत किसी समाज विशेष के नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण मानव जाति के होते हैं। संत रविदास जी का संदेश संपूर्ण समाज को जोड़ने और मानवता की सेवा करने का संदेश है।
नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि संत रविदास जी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने संत रविदास जी के जीवन एवं उनके संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सनातन संस्कृति और अपने सिद्धांतों का परित्याग नहीं किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने ‘बेगमपुरा’ की कल्पना की थी, जहां किसी प्रकार का दुख, भेदभाव और असमानता न हो। उनकी वाणी आज भी समाज को समानता और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि संत रविदास जी की वाणी के 41 पद गुरु ग्रंथ साहिब में भी समाहित हैं। उनकी वाणी समाज और विशेष रूप से युवाओं को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने संत रविदास जी के विचारों और उनकी जन्मस्थली के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के सम्मान तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलश के माध्यम से भोपाल से सागर लाया गया है। यह कलश यात्रा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचेगा और श्रद्धालु इसका पूजन कर संत रविदास जी के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लेंगे
नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने लंबे समय तक समाज के वंचित वर्गों का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। संत रविदास जी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों का वह सम्मान नहीं हुआ, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने संतों एवं महापुरुषों के सम्मान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सागर के बड़तूमा में संत रविदास जी के भव्य मंदिर एवं स्मारक का लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार महू में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान सागर विधानसभा एवं नरयावली विधानसभा के विभिन्न मंडलों के लिए कलशों का वितरण किया गया। इसके पश्चात कलश वंदन यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। मुख्य कलश को जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने सिर पर धारण किया।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने कलश का पूजन किया और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं स्थानीय नागरिक यात्रा में शामिल हुए। पूरे आयोजन में संत रविदास जी के संदेश, सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का भाव दिखाई दिया। आज की यात्रा धर्म टाल शास्त्री वार्ड से दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुलदीप सिंह राठौर, जगन्नाथ गुरैया, चेतराम अहिरवार, अमित कछवाहा, विक्रम सोनी, राजेश केसरवानी, सुश्री मेघा दुबे, डॉ. परशुराम, मधुकर जाटव, गंगाराम ठेकेदार, रामू ठेकेदार, देवेंद्र अहिरवार, श्रीमती नीलम अहिरवार, नीरज यादव, अरविंद घोसी, श्री अशोक पड़रिया, मनीष चौबे, धर्मेंद्र खटीक, रीतेश तिवारी, विशाल खटीक, संजय दुबे, कन्हैया पटेल, कैलाश हसानी, गोलू कोरी, नरेश धानक, लक्ष्मण सिंह लोधी, नितिन सोनी, अभिमन्यु सोनी, प्रभुदयाल साहू, जय सोनी, विवेक सोदिया, राजेश अग्रवाल, टिंकू राय, राहुल अहिरवार, अनुज साहू, गरीबदास जाटव, राजेश पटेल, दिलीप बचकैंया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, श्रद्धालु एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।

मुख्य मंचीय कार्यक्रम संत रविदास मंदिर प्रांगण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संत रविदास जी महाराज के चित्र एवं कलश का विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात जनप्रतिनिधियों एवं संतों ने सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने कहा कि देश की आजादी के बाद लंबे समय तक विभिन्न सरकारें सत्ता में रहीं, लेकिन संतों के सम्मान और उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के व्यापक अभियान का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा संत रविदास जी के विचारों और संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देशभर में सामाजिक समरसता अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज को अपनी वाणी के माध्यम से सही दिशा दिखाने वाले युगपुरुष थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। हमें उनके वचनों को केवल सुनना नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण में उतारने और आत्मसात करने का प्रयास करना चाहिए।
सागर विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि भाजपा द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य सामाजिक समरसता का मजबूत ताना-बाना खड़ा करना है। संत रविदास जी ने अपना संपूर्ण जीवन कठिन परिस्थितियों में व्यतीत किया, लेकिन उन्होंने कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने कर्म को प्रधानता दी और समाज को संदेश दिया कि भगवान की भक्ति के साथ आर्थिक रूप से कमजोर एवं शोषित वर्ग की सहायता करना भी बड़ा धर्म है। उनका संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी समाज को कर्म, आस्था और सद्भाव का मार्ग दिखाता है।
श्री जैन ने कहा कि आज देश के सामने सामाजिक समरसता और अस्पृश्यता जैसी चुनौतियां हैं। यदि हम इन चुनौतियों को समाप्त करने में सफल होते हैं तो भारत वास्तव में विश्व का मार्गदर्शक बन सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी के कलश की यात्रा सागर विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में निकाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि संत किसी समाज विशेष के नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण मानव जाति के होते हैं। संत रविदास जी का संदेश संपूर्ण समाज को जोड़ने और मानवता की सेवा करने का संदेश है।
नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि संत रविदास जी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस अभियान का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने संत रविदास जी के जीवन एवं उनके संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी सनातन संस्कृति और अपने सिद्धांतों का परित्याग नहीं किया।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने ‘बेगमपुरा’ की कल्पना की थी, जहां किसी प्रकार का दुख, भेदभाव और असमानता न हो। उनकी वाणी आज भी समाज को समानता और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने बताया कि संत रविदास जी की वाणी के 41 पद गुरु ग्रंथ साहिब में भी समाहित हैं। उनकी वाणी समाज और विशेष रूप से युवाओं को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने संत रविदास जी के विचारों और उनकी जन्मस्थली के विकास की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के सम्मान तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलश के माध्यम से भोपाल से सागर लाया गया है। यह कलश यात्रा के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचेगा और श्रद्धालु इसका पूजन कर संत रविदास जी के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लेंगे
नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने लंबे समय तक समाज के वंचित वर्गों का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। संत रविदास जी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों का वह सम्मान नहीं हुआ, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने संतों एवं महापुरुषों के सम्मान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सागर के बड़तूमा में संत रविदास जी के भव्य मंदिर एवं स्मारक का लगभग 101 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार महू में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में भव्य स्मारक का निर्माण किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान सागर विधानसभा एवं नरयावली विधानसभा के विभिन्न मंडलों के लिए कलशों का वितरण किया गया। इसके पश्चात कलश वंदन यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। मुख्य कलश को जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने सिर पर धारण किया।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने कलश का पूजन किया और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बड़ी संख्या में वार्डवासी एवं स्थानीय नागरिक यात्रा में शामिल हुए। पूरे आयोजन में संत रविदास जी के संदेश, सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का भाव दिखाई दिया। आज की यात्रा धर्म टाल शास्त्री वार्ड से दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुलदीप सिंह राठौर, जगन्नाथ गुरैया, चेतराम अहिरवार, अमित कछवाहा, विक्रम सोनी, राजेश केसरवानी, सुश्री मेघा दुबे, डॉ. परशुराम, मधुकर जाटव, गंगाराम ठेकेदार, रामू ठेकेदार, देवेंद्र अहिरवार, श्रीमती नीलम अहिरवार, नीरज यादव, अरविंद घोसी, श्री अशोक पड़रिया, मनीष चौबे, धर्मेंद्र खटीक, रीतेश तिवारी, विशाल खटीक, संजय दुबे, कन्हैया पटेल, कैलाश हसानी, गोलू कोरी, नरेश धानक, लक्ष्मण सिंह लोधी, नितिन सोनी, अभिमन्यु सोनी, प्रभुदयाल साहू, जय सोनी, विवेक सोदिया, राजेश अग्रवाल, टिंकू राय, राहुल अहिरवार, अनुज साहू, गरीबदास जाटव, राजेश पटेल, दिलीप बचकैंया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, श्रद्धालु एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।
