सागर। सागर शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले राजघाट जल आवर्धन परियोजना के अंतर्गत राजघाट बांध में जल की स्थिति का जायजा लेने के लिए महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने राजघाट बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बांध में उपलब्ध पानी, इंटकवेल, जलशोधन संयंत्र एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली।

निरीक्षण के दौरान जलप्रदाय शाखा के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के कारण राजघाट बांध का जलस्तर वर्तमान में 508.37 मीटर है, जबकि बांध का निर्धारित जल स्तर 515.50 मीटर है। महापौर ने आगामी दिनों में होने वाली वर्षा, उपलब्ध जल की स्थिति तथा शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।
महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने इंटकवेल पहुंचकर पानी लेने की प्रक्रिया एवं मशीनरी की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इसके साथ ही जलशोधन संयंत्र का निरीक्षण कर जलशोधन प्रक्रिया, पानी की गुणवत्ता तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को जलशोधन एवं जलापूर्ति व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखने तथा उपलब्ध जल का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजघाट बांध में कम जलस्तर को देखते हुए महापौर ने बांध परिसर में पूजा-अर्चना कर पर्याप्त वर्षा एवं बांध में पर्याप्त जलभराव के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्धता सागरवासियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम द्वारा पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजघाट बांध से सागर नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ मकरोनिया नगरपालिका, छावनी क्षेत्र, रेलवे तथा डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में राजघाट बांध का जलस्तर सागर सहित आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महापौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पेयजल का उपयोग आवश्यकता के अनुसार एवं समझदारी से करें तथा पानी की बर्बादी रोकने में नगर निगम का सहयोग करें, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी, एमआईसी सदस्य श्रीमती कंचन जड़िया, राजकुमार पटेल, धर्मेन्द्र गुड्डा खटीक, पार्षद श्रीमती अनीता ठेकेदार, कन्हैया पटेल, शैलेश केसरवानी, श्रीमती रूबी कृष्ण कुमार पटेल, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि नरेश यादव, शोमेश जड़िया, शैलेष जैन सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान जलप्रदाय शाखा के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के कारण राजघाट बांध का जलस्तर वर्तमान में 508.37 मीटर है, जबकि बांध का निर्धारित जल स्तर 515.50 मीटर है। महापौर ने आगामी दिनों में होने वाली वर्षा, उपलब्ध जल की स्थिति तथा शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली।
महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने इंटकवेल पहुंचकर पानी लेने की प्रक्रिया एवं मशीनरी की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इसके साथ ही जलशोधन संयंत्र का निरीक्षण कर जलशोधन प्रक्रिया, पानी की गुणवत्ता तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को जलशोधन एवं जलापूर्ति व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखने तथा उपलब्ध जल का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राजघाट बांध में कम जलस्तर को देखते हुए महापौर ने बांध परिसर में पूजा-अर्चना कर पर्याप्त वर्षा एवं बांध में पर्याप्त जलभराव के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्धता सागरवासियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम द्वारा पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजघाट बांध से सागर नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ मकरोनिया नगरपालिका, छावनी क्षेत्र, रेलवे तथा डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में राजघाट बांध का जलस्तर सागर सहित आसपास के क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महापौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे पेयजल का उपयोग आवश्यकता के अनुसार एवं समझदारी से करें तथा पानी की बर्बादी रोकने में नगर निगम का सहयोग करें, ताकि उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करते हुए सभी क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
निरीक्षण के दौरान भाजपा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट रिशांक तिवारी, एमआईसी सदस्य श्रीमती कंचन जड़िया, राजकुमार पटेल, धर्मेन्द्र गुड्डा खटीक, पार्षद श्रीमती अनीता ठेकेदार, कन्हैया पटेल, शैलेश केसरवानी, श्रीमती रूबी कृष्ण कुमार पटेल, एमआईसी सदस्य प्रतिनिधि नरेश यादव, शोमेश जड़िया, शैलेष जैन सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
