सागर। जैन भ्रातृ संघ द्वारा 53वें वर्ष सामूहिक क्षमावाणी समारोह का आयोजन दयानंद वार्ड स्थित जैन वर्णी वाचनालय में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक शैलेंद्र जैन उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा विधायक श्री जैन सहित समाज के गणमान्य एवं श्रेष्ठीजनों का सम्मान किया गया। समारोह में समाज के लोगों ने परस्पर क्षमा, मैत्री, सद्भाव और आपसी प्रेम का संदेश देते हुए क्षमावाणी पर्व की भावना को आत्मसात किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शैलेंद्र जैन ने क्षमावाणी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपनी ओर से भी समाज के सभी लोगों से जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल या गलती के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में विनम्रता, आत्मचिंतन और आपसी सद्भाव को अपनाने का अवसर है। क्षमा मांगना और दूसरों को क्षमा करना व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता का संचार करता है तथा समाज में प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत बनाता है। विधायक श्री जैन ने जैन समाज द्वारा देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी सार्थक होती है, जब सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मानव कल्याण के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाए। देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य है, जिससे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और भविष्य में जरूरतमंद लोगों के उपचार के प्रयासों को सहयोग मिल सकता है। इस प्रकार के प्रयास समाज में सेवा, त्याग और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने जैन भ्रातृ संघ द्वारा निरंतर सामूहिक क्षमावाणी समारोह आयोजित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने, आपसी संबंधों को मजबूत करने और नई पीढ़ी तक जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और क्षमा के संदेश आज भी समाज को सद्भावपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने क्षमावाणी पर्व की परंपरा के अनुरूप एक-दूसरे के प्रति सद्भाव व्यक्त किया और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अजित मलैया, ऋषभ समैया, गुलजारीलाल जैन, लालचंद शास्त्री, अशोक जैन, पंकज सिंघई, जयकुमार जैन, अशोक जैन पिडरूआ, अशोक शाह, राकेश जैन चच्चा, संजय सवाई, अपूर्व सिंघई, पी.सी. जैन, मनोज बांगेला, अजय सराफ, श्रीकांत जैन, राजकुमार पड़ेले सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शैलेंद्र जैन ने क्षमावाणी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपनी ओर से भी समाज के सभी लोगों से जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल या गलती के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में विनम्रता, आत्मचिंतन और आपसी सद्भाव को अपनाने का अवसर है। क्षमा मांगना और दूसरों को क्षमा करना व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता का संचार करता है तथा समाज में प्रेम, विश्वास और भाईचारे को मजबूत बनाता है। विधायक श्री जैन ने जैन समाज द्वारा देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे मानवता की सेवा की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी सार्थक होती है, जब सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मानव कल्याण के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाए। देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य है, जिससे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और भविष्य में जरूरतमंद लोगों के उपचार के प्रयासों को सहयोग मिल सकता है। इस प्रकार के प्रयास समाज में सेवा, त्याग और परोपकार की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने जैन भ्रातृ संघ द्वारा निरंतर सामूहिक क्षमावाणी समारोह आयोजित करने की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर लाने, आपसी संबंधों को मजबूत करने और नई पीढ़ी तक जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और क्षमा के संदेश आज भी समाज को सद्भावपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने क्षमावाणी पर्व की परंपरा के अनुरूप एक-दूसरे के प्रति सद्भाव व्यक्त किया और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर अजित मलैया, ऋषभ समैया, गुलजारीलाल जैन, लालचंद शास्त्री, अशोक जैन, पंकज सिंघई, जयकुमार जैन, अशोक जैन पिडरूआ, अशोक शाह, राकेश जैन चच्चा, संजय सवाई, अपूर्व सिंघई, पी.सी. जैन, मनोज बांगेला, अजय सराफ, श्रीकांत जैन, राजकुमार पड़ेले सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
