
शिविर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि यह आयोजन मात्र भाषण सुनाने का औपचारिक मंच नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और धरातलीय समाधान का शिविर है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में जिला स्तरीय, खंड स्तरीय एवं नगरीय निकायों में ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिला प्रशासन के आला अधिकारी स्वयं जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं का सामना करें और उनका निवारण करें। आज कलेक्टर से लेकर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला आपके बीच मौजूद है। सरकार और जिला प्रशासन चलकर आपके घर तक आया है। आमजन को चाहिए कि वे शिविर में आकर अधिकारियों से अपनी समस्याओं पर बात करें, योजनाओं की प्रक्रिया समझें और उनका पूरा लाभ उठाएं।
मंत्री श्री राजपूत ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त आवेदनों का पूरी गंभीरता से परीक्षण किया जाए और उनका समय-सीमा के भीतर पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री श्री राजपूत ने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने संबल कार्ड के बहुआयामी फायदों और इसके तहत संकट के समय मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि की जानकारी दी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भू-स्वामियों को उनके मकान व ज़मीन का वास्तविक मालिकाना हक दिलाने में स्वामित्व योजना को क्रांतिकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राही इसकी प्रक्रिया को समझकर लाभ लें, ताकि उन्हें भविष्य में किसी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनका एकमात्र उद्देश्य ‘सेवा और संकल्प’ के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने शिविर की उपयोगिता पर बल देते हुए इसे आमजन की समस्याओं के निराकरण का सबसे सुलभ माध्यम बताया। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन जमा करें और विभिन्न विभागों के स्टॉलों से जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही तत्काल निराकरण किया जाए। जिन आवेदनों में जांच या प्रक्रियात्मक समय आवश्यक है, उनका अनिवार्य रूप से तीन दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कृषि विभाग की योजनाओं, खाद-बीज की उपलब्धता, उन्नत कृषि यंत्रों तथा किसानों को मिलने वाली सब्सिडी/लाभों की विस्तृत जानकारी दी। महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ बताए गए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जा रही निःशुल्क जांचों एवं सेवाओं का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने एएनएम व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागीय स्टॉलों पर दी गई विस्तृत जानकारी
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने मंच व अपने-अपने स्टॉलों के माध्यम से विभागीय योजनाओं, उनकी पात्रता शर्तों तथा आवेदन करने की सरल प्रक्रियाओं से आम नागरिकों को अवगत कराया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अपनी पात्रता के अनुसार विभागीय स्टॉलों पर संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाएं।
इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती सीता औंकार सिंह, जिला पंचायत सीईओ जगदीश कुमार गोमे, संयुक्त कलेक्टर रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम रोहित वर्मा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण व आम नागरिक उपस्थित रहे।
