
कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं बतौर प्रतिभागी आमंत्रित महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, नगर निगम सागर द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
इस अवसर पर कार्यशाला को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और नगरीय जीवन की गुणवत्ता से सीधे जुड़े हुए मुद्दे बन गये हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम 2026 कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबन्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन नियमों का उद्देश्य केवल कचरे का संग्रहण और निस्तारण नहीं है बल्कि कचरे का स्रोत पर पृथक्कीकरण, परिपक्व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, लैंडफिल पर निर्भरता कम करना तथा पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करना है। उन्होंने शहरों की सुंदरता, सफाई तथा नियमों के अनुरूप अपशिष्ट निपटान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ, व्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल शहर के निर्माण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी पालन और जनसहभागिता दोनों अनिवार्य हैं। उन्होंने सभी से अपने स्तर पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
नगरीय प्रशासन एवं विकास, सागर संभाग के संयुक्त संचालक श्री आर.पी. नायक ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कचरा प्रबन्धन भी एक सामाजिक परिवर्तन है, जिसमें कुछ समय लगता है। पहले एक ही जगह कचरा इकट्ठा किया जाता था। बाद में वर्ष 2016 के नियमों के अनुरूप गीला, सूखा और सेनेटरी अपशिष्ट हेतु तीन बिन्स में संग्रहीत किया जाने लगा, परन्तु फिर भी कुछ कमियां महसूस की जा रही थीं। अतएव अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन अनुसार नये नियम 2026 के अनुरूप नगरीय निकायों द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन किया जाना होगा।
स्वच्छता नॉलेज पार्टनर, ऑल इंडिया इन्स्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेन्ट (एआईआईएलएसजी), भोपाल की टीम द्वारा प्रशिक्षण एवं समन्वय में महत्वूर्ण भूमिका निभाई गई। केन्द्रीय प्रशिक्षक श्रीमती केतना मटकर द्वारा कार्यशाला में अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2026 पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
डी.पी. तिवारी द्वारा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नये नियमों के प्रति जागरुकता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य निष्पादन, नगरीय निकायों के क्षमतावर्धन की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम साबित होगा।
इस अवसर पर संस्थान के सलाहकार डी.पी. तिवारी, आई.ए.एस (से.नि.),
के.आर. शर्मा क्षेत्रीय संचालक, भोपाल, एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल , एमआईसी सदस्य श्रीमती संगीता शैलेष जैन ,एमआईसी सदस्य श्रीमती कंचन सोमेश जड़िया सहित गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही।
