
उल्लेखनीय है कि, पुलिस अधीक्षक सागर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, बण्डा निवासी आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत (पिता कोमल लोधी) एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध आबकारी एक्ट, मारपीट, गाली-गलौज, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा आर्म्स एक्ट के तहत कुल 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हाल ही में उसके खिलाफ जहरीली शराब के निर्माण एवं विक्रय के गंभीर अपराध में मामला दर्ज किया गया था, जिसके सेवन से कई लोगों की मृत्यु हुई है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी मनीष लोधी अपनी मां शीलादेवी के नाम पर दर्ज शस्त्र लाइसेंस (क्रमांक 94/2023) का दुरुपयोग कर आम जनता को डराता-धमकाता था और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
जवाब संतोषजनक न मिलने पर कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लाइसेंसधारक शीलादेवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। शीलादेवी ने अपने जवाब में कहा कि उनका पुत्र उनसे अलग रहता है और लाइसेंस का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है। हालांकि, प्रस्तुत तथ्यों, पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और आपराधिक इतिहास का अवलोकन करने के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने जवाब को असंतोषजनक पाया।
भविष्य में शस्त्र के दुरुपयोग की संभावना और लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन के आधार पर आयुध अधिनियम 1959 के प्रावधानों के तहत उक्त कार्रवाई की गई है।
