सागर । निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की बकायादारों की स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि शहर में अनेक व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा संपत्तिकर, जलकर, दुकानों का किराया, कचरा प्रबंधन शुल्क सहित अन्य करों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इस पर उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की जाए तथा कर अदायगी न करने वालों पर तालाबंदी की कार्रवाई बिना विलंब प्रारंभ की जाए।

उन्होंने कहा कि जिन मैरिज गार्डन द्वारा बकाया करों की राशि जमा नहीं की है उनके विरुद्ध भी तालाबंदी करने की कार्रवाई प्रारंभ की जाए । उन्होंने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए राजस्व वसूली अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगमायुक्त ने निर्देशित किया कि शहर में अनेक स्थानों पर बिना स्वीकृत व्यवसायिक नक्शे के भवनों में दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। उन्होंने सभी वार्ड इंजीनियरों को ऐसे सभी भवनों की जांच करने, नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा आवश्यक होने पर दंडात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि व्यवसायिक नक्शा स्वीकृत कराना प्रत्येक व्यवसायी की कानूनी जिम्मेदारी है और बिना स्वीकृति के व्यवसाय संचालित करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से करने, सभी वार्डों में बकाया करों की अद्यतन सूची तैयार रखने तथा वसूली कार्य को गति देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि करों की समय पर अदायगी से ही शहर में विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है, इसलिए राजस्व अमला सक्रियता के साथ कार्य करे और नागरिकों को समय-सीमा में कर जमा कराने के लिए जागरूक भी करे। निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में राजस्व अधिकारी श्री बृजेश तिवारी, सभी वार्डों के इंजीनियर एवं राजस्व शाखा के अधिकारी उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि जिन मैरिज गार्डन द्वारा बकाया करों की राशि जमा नहीं की है उनके विरुद्ध भी तालाबंदी करने की कार्रवाई प्रारंभ की जाए । उन्होंने कहा कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए राजस्व वसूली अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगमायुक्त ने निर्देशित किया कि शहर में अनेक स्थानों पर बिना स्वीकृत व्यवसायिक नक्शे के भवनों में दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं। उन्होंने सभी वार्ड इंजीनियरों को ऐसे सभी भवनों की जांच करने, नियमानुसार नोटिस जारी करने तथा आवश्यक होने पर दंडात्मक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने कहा कि व्यवसायिक नक्शा स्वीकृत कराना प्रत्येक व्यवसायी की कानूनी जिम्मेदारी है और बिना स्वीकृति के व्यवसाय संचालित करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने राजस्व वसूली की साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से करने, सभी वार्डों में बकाया करों की अद्यतन सूची तैयार रखने तथा वसूली कार्य को गति देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि करों की समय पर अदायगी से ही शहर में विकास कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है, इसलिए राजस्व अमला सक्रियता के साथ कार्य करे और नागरिकों को समय-सीमा में कर जमा कराने के लिए जागरूक भी करे। निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्रवाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में राजस्व अधिकारी श्री बृजेश तिवारी, सभी वार्डों के इंजीनियर एवं राजस्व शाखा के अधिकारी उपस्थित थे।
