सागर । नगर निगम सागर द्वारा स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के अंतर्गत महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने एमआईसी सदस्यों, पार्षदों एवं निगम अधिकारियों के साथ मसवासी ग्रंट स्थित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कचरा प्रसंस्करण संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संयंत्र में कचरे के संग्रहण, पृथक्कीकरण एवं प्रसंस्करण की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा कचरे से जैविक खाद तैयार करने की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती तिवारी ने संयंत्र में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए स्वच्छता प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किसी भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
रेमकी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित दुबे ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि निगम की कचरा संग्रहण गाड़ियों द्वारा प्रतिदिन शहर के विभिन्न वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहित कर मसवासी ग्रंट स्थित संयंत्र तक पहुंचाया जाता है। यहां कचरे का पृथक्कीकरण कर जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट को अलग किया जाता है। जैविक कचरे से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार की जाती है, जबकि अन्य अपशिष्ट पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जाता है।
महापौर ने उपस्थित पार्षदों एवं अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण एवं स्वच्छ शहर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों को भी घर स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्कीकरण करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर का निर्माण संभव है।
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, पार्षद नीरज गोलू कोरी, भरत अहिरवार, विशाल खटीक, श्रीमती रानी अहिरवार, प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी, प्लांट हेड आकाश तिवारी, ऑपरेशन इंचार्ज फिरोज खान, सीनियर एक्जीक्यूटिव राशिद खान, भगवानदास सेन, आशुतोष नायक, सहायक यंत्री श्री राहुल उईके , अक्षय कुमार, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार यशवंत कोष्टी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती तिवारी ने संयंत्र में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए स्वच्छता प्रबंधन में तकनीकी नवाचारों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन किसी भी शहर की स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है तथा कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के पुनः उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
रेमकी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित दुबे ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जानकारी देते हुए बताया कि निगम की कचरा संग्रहण गाड़ियों द्वारा प्रतिदिन शहर के विभिन्न वार्डों से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहित कर मसवासी ग्रंट स्थित संयंत्र तक पहुंचाया जाता है। यहां कचरे का पृथक्कीकरण कर जैविक एवं अजैविक अपशिष्ट को अलग किया जाता है। जैविक कचरे से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उच्च गुणवत्ता वाली खाद तैयार की जाती है, जबकि अन्य अपशिष्ट पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जाता है।
महापौर ने उपस्थित पार्षदों एवं अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण एवं स्वच्छ शहर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिकों को भी घर स्तर पर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्कीकरण करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर का निर्माण संभव है।
निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, धर्मेंद्र खटीक, श्रीमती संगीता शैलेष जैन, पार्षद नीरज गोलू कोरी, भरत अहिरवार, विशाल खटीक, श्रीमती रानी अहिरवार, प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी, प्लांट हेड आकाश तिवारी, ऑपरेशन इंचार्ज फिरोज खान, सीनियर एक्जीक्यूटिव राशिद खान, भगवानदास सेन, आशुतोष नायक, सहायक यंत्री श्री राहुल उईके , अक्षय कुमार, निगम सचिव मुन्नालाल रैकवार यशवंत कोष्टी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
