सागर् । श्री बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा से प्रेरित होकर आज सागर में सनातन सद्भाव संगठन द्वारा भव्य सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाली गई। सागर में सनातन संगठन द्वारा, हिंदू एकता पदयात्रा का आयोजन संपन्न हुआ। यात्रा पीटीसी ग्राउंड से प्रारंभ होकर सिविल लाइन चैराहे, गोपालगंज मुख्य चैराहा होते हुए श्री वृंदावन मठ सागर तक पहुँची।

इस विशाल यात्रा में युवा नेता आकाश राजपूत ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कहा यह धार्मिक आयोजन धर्मदृएकता और सनातन संस्कृति की त्रिवेणी को समर्पित है। हिन्दू एकता सिर्फ नारा नहीं, एक परंपरा, एक संस्कृति, एक शक्ति का प्रवाह है। एक धर्म, एक संस्कृति, एक भाव ,यही सनातन हिन्दू एकता की असली शक्ति है।
‘वसुधेव कुटुम्बकं’ का दर्शन हमें सिखाता है कि पूरी दुनिया हमारा परिवार है। यही भावना हमें शाश्वत सनातन बनाती है और हमें एकत्रित होकर एक परिवार की तरह जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यदि हमारी परंपरा और संस्कृति प्रेम के धागे से जुड़ी रहेंगी, तो निश्चय ही हमारा भारत सनातन रहेगा, एकजुट रहेगा, और निरंतर ‘विश्व गुरु’ बनने की ओर अग्रसर रहेगा। उन्होंने कहा‘यदि हम सामाजिक समरसता की ओर संगठित होकर आगे बढ़ेंगे,जात-पात, ऊँचदृनीच, भाषावाद और क्षेत्रवाद से मुक्त रहेंगे,और धर्म के प्रति एकजुट होकर खड़े होंगे,तो निश्चय ही प्रेम की यह राम की माला पूरे भारत में एक नया उजाला लेकर आएगी।हिंदू सदियों से प्रेम से जुड़े हैं, संस्कारों में खड़े हैं और सेवा के मार्ग पर चलते हैं। यही है सनातन की राह, यही हमारी शक्ति।
हमारे गुरुदेव बागेश्वर महाराज पूरी दुनिया में सनातन की शक्ति को जगाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है, पदयात्रा कर रहे है,जिसमे पूरे देश भर से लोग जुड़ रहे है ,पूरा सनातन एक परिवार है यही सनातन का शाशवत संदेश है, गुरुजी न गर्मी की परवाह, न थाकन का हिसाब, न आराम की चिंता, न महंगे सस्ते का मोह, बस भक्ति श्रम, समर्पण और सनातन उत्थान की भावना के साथ आगे बढ़ रहे है,उनके उद्देश को समर्थन देने के लिए सभी आज सब एकजुट हुए ये देकरसभी सनातन प्रेमी अवश्य खुश होंगे । और इस विचार पर चलकर देश का युवा भी जागरूक होगा।“
आयोजन को सफल बनाने में सनातन सद्भाव संगठन के जिला अध्यक्ष रितेश ठाकुर एवं शहर के विभिन्न हिंदू संगठनों का विशेष योगदान रहा। सहयोग करने वालों में प्रमुख रूप से गोलू घोषी, शुभम घोषी, संतोष राय, मिश्री चंद्र गुप्ता, अनिल सेन, अंकु चैरसिया, अंकित तिवारी, शशांक सिंह राजपूत, राहुल कोसी, कार्तिक तिवारी, जीतू यादव, अमन गौतम, आशीष साहू, अंकित सेन सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवक संगठन शामिल रहे। हजारों की सहभागिता ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया, जहाँ श्रद्धालुओं की आस्था और समुदाय की एकता ने सनातन संस्कृति की उज्ज्वल छवि प्रस्तुत की।

इस विशाल यात्रा में युवा नेता आकाश राजपूत ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए कहा यह धार्मिक आयोजन धर्मदृएकता और सनातन संस्कृति की त्रिवेणी को समर्पित है। हिन्दू एकता सिर्फ नारा नहीं, एक परंपरा, एक संस्कृति, एक शक्ति का प्रवाह है। एक धर्म, एक संस्कृति, एक भाव ,यही सनातन हिन्दू एकता की असली शक्ति है।
‘वसुधेव कुटुम्बकं’ का दर्शन हमें सिखाता है कि पूरी दुनिया हमारा परिवार है। यही भावना हमें शाश्वत सनातन बनाती है और हमें एकत्रित होकर एक परिवार की तरह जीवन जीने की प्रेरणा देती है। यदि हमारी परंपरा और संस्कृति प्रेम के धागे से जुड़ी रहेंगी, तो निश्चय ही हमारा भारत सनातन रहेगा, एकजुट रहेगा, और निरंतर ‘विश्व गुरु’ बनने की ओर अग्रसर रहेगा। उन्होंने कहा‘यदि हम सामाजिक समरसता की ओर संगठित होकर आगे बढ़ेंगे,जात-पात, ऊँचदृनीच, भाषावाद और क्षेत्रवाद से मुक्त रहेंगे,और धर्म के प्रति एकजुट होकर खड़े होंगे,तो निश्चय ही प्रेम की यह राम की माला पूरे भारत में एक नया उजाला लेकर आएगी।हिंदू सदियों से प्रेम से जुड़े हैं, संस्कारों में खड़े हैं और सेवा के मार्ग पर चलते हैं। यही है सनातन की राह, यही हमारी शक्ति।
हमारे गुरुदेव बागेश्वर महाराज पूरी दुनिया में सनातन की शक्ति को जगाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे है, पदयात्रा कर रहे है,जिसमे पूरे देश भर से लोग जुड़ रहे है ,पूरा सनातन एक परिवार है यही सनातन का शाशवत संदेश है, गुरुजी न गर्मी की परवाह, न थाकन का हिसाब, न आराम की चिंता, न महंगे सस्ते का मोह, बस भक्ति श्रम, समर्पण और सनातन उत्थान की भावना के साथ आगे बढ़ रहे है,उनके उद्देश को समर्थन देने के लिए सभी आज सब एकजुट हुए ये देकरसभी सनातन प्रेमी अवश्य खुश होंगे । और इस विचार पर चलकर देश का युवा भी जागरूक होगा।“
आयोजन को सफल बनाने में सनातन सद्भाव संगठन के जिला अध्यक्ष रितेश ठाकुर एवं शहर के विभिन्न हिंदू संगठनों का विशेष योगदान रहा। सहयोग करने वालों में प्रमुख रूप से गोलू घोषी, शुभम घोषी, संतोष राय, मिश्री चंद्र गुप्ता, अनिल सेन, अंकु चैरसिया, अंकित तिवारी, शशांक सिंह राजपूत, राहुल कोसी, कार्तिक तिवारी, जीतू यादव, अमन गौतम, आशीष साहू, अंकित सेन सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवक संगठन शामिल रहे। हजारों की सहभागिता ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया, जहाँ श्रद्धालुओं की आस्था और समुदाय की एकता ने सनातन संस्कृति की उज्ज्वल छवि प्रस्तुत की।
