सागर । संत रविदास वार्ड, कांच गोदाम निवासी श्रीमती शांति लालवानी (70 वर्ष) का 22 सितंबर की रात करीब 8 बजे निधन हो गया। जीवनकाल में उन्होंने नेत्रदान की इच्छा जताई थी, और परिवार ने दुख की इस घड़ी में भी मां की उसी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया।

निधन की सूचना मिलते ही दिवंगत के बड़े पुत्र शंकर लालवानी ने बिना विलंब किए बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग एवं आई बैंक से संपर्क किया। सूचना पाते ही नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे के मार्गदर्शन में आई बैंक की टीम तत्काल दिवंगत के निवास पर पहुंची।
परिजनों की लिखित सहमति लेने के बाद, आवश्यक चिकित्सकीय एहतियात बरतते हुए टीम ने दोनों आंखों के कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए, जिन्हें बीएमसी आई बैंक में सुरक्षित रखा गया है।
इस अवसर पर बीएमसी के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने दिवंगत श्रीमती शांति लालवानी के पुत्रों शंकर लालवानी, जय लालवानी एवं रितेश लालवानी के प्रति आभार व्यक्त किया। डीन डॉ पी एस ठाकुर ने कहा कि नेत्रदान समाज के लिए एक अत्यंत पुनीत कार्य है, और शोक की घड़ी में भी दिवंगत मां की इच्छा को पूरा करने का परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है । इस पूरी प्रक्रिया में आई बैंक की टीम से डॉ. अजय, डॉ. हर्षिता, डॉ. पंकज, डॉ. पुष्पेंद्र के साथ ही नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने बताया कि बीएमसी आई बैंक द्वारा लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंदों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। लालवानी परिवार का यह कदम अन्य लोगों को भी नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करेगा।

निधन की सूचना मिलते ही दिवंगत के बड़े पुत्र शंकर लालवानी ने बिना विलंब किए बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग एवं आई बैंक से संपर्क किया। सूचना पाते ही नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे के मार्गदर्शन में आई बैंक की टीम तत्काल दिवंगत के निवास पर पहुंची।
परिजनों की लिखित सहमति लेने के बाद, आवश्यक चिकित्सकीय एहतियात बरतते हुए टीम ने दोनों आंखों के कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए, जिन्हें बीएमसी आई बैंक में सुरक्षित रखा गया है।
इस अवसर पर बीएमसी के डीन डॉ. पी. एस. ठाकुर एवं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने दिवंगत श्रीमती शांति लालवानी के पुत्रों शंकर लालवानी, जय लालवानी एवं रितेश लालवानी के प्रति आभार व्यक्त किया। डीन डॉ पी एस ठाकुर ने कहा कि नेत्रदान समाज के लिए एक अत्यंत पुनीत कार्य है, और शोक की घड़ी में भी दिवंगत मां की इच्छा को पूरा करने का परिवार का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है । इस पूरी प्रक्रिया में आई बैंक की टीम से डॉ. अजय, डॉ. हर्षिता, डॉ. पंकज, डॉ. पुष्पेंद्र के साथ ही नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मीडिया प्रभारी डॉ सौरभ जैन ने बताया कि बीएमसी आई बैंक द्वारा लोगों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंदों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। लालवानी परिवार का यह कदम अन्य लोगों को भी नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करेगा।
