सागर। दीपावली प्रकाश और स्वच्छता के पर्व पर सागर को स्वच्छता रैंकिंग में राष्ट्रीय पुरस्कार की खुशखबरी का उपहार मिला है दीपावली से एक दिन पहले केंद्र शासन से जारी हुई स्वच्छ सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर विजेता शहरों की सूची में सागर शामिल है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2025-26 में उत्कृष्ट कार्य करने पर सागर नगर निगम को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। आगामी 11 नवंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्वारा नगर निगम सागर को यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

इस उपलब्धि पर महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार एवं नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सागर शहर के सभी नागरिकों, सामाजिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सभी के सामूहिक सहयोग, सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का परिणाम है। शहरवासियों के सहयोग से ही सागर नगर निगम को यह गौरव हासिल हुआ है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की है कि भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखते हुए सागर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाएं। आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2025-26 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें सागर नगर निगम को उत्कृष्ट स्वच्छता कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों, बेहतर व्यवस्थाओं, स्वच्छता कर्मियों की मेहनत और शहरवासियों के सक्रिय सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से सागर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा की नागरिकों को स्वच्छता से सीधे जोड़ने और जनजागरूकता लाने में नवाचारों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सबसे पहले तो लाखा बंजारा झील किनारे गंगा आरती ने धार्मिक आध्यात्मिकता के साथ झील जैसे विशाल जलस्रोत को साफ रखने हेतु नागरिकों को जागरूक बनाया। स्वच्छता की गागर हमाओ सागर नवाचार अंतर्गत धार्मिक सांस्कृतिक जुलूस रैलियों सहित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ चलकर तत्काल सड़कों व कार्यक्रम स्थलों की सफाई व्यवस्था ने सड़कों को स्वच्छ बनाने के साथ नागरिकों में जागरूकता लाई। डिस्पोजल की जगह रीयूज़ वाले ग्लास व स्टील उत्पाद आदि अन्य सामग्री का उपयोग बड़े आयोजनों में बढ़ा है। सिंगल यूज़ प्लास्टिक छोड़ने हेतु किये गए नवाचारों से प्रभावित नागरिकों ने प्लास्टिक की कपड़े के थैलों का उपयोग शुरू किया।
विभिन्न वार्डों में सौन्दर्य कार्यों ने भी शहर की स्वच्छता को चार चाँद लगाएं और आप पास के रहवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाया है। शीतला माता मंदिर चौराहा पर वर्षों पुराना कचराघर जैसा ब्लैक स्पॉट समाप्त कर बनाया गया सौन्दर्य स्थल पार्क, छतरी, श्री कृष्ण अर्जुन रथ और आकर्षक फाउंटेन, धर्मश्री पर भारत माता चौक, संविधान चौक, चित्रगुप्त चौराहे पर कलम दवात सहित आकर्षक सौन्दर्यीकरण, वीरांगना झलकारी बाई पार्क एवं कला मंच, संजयड्राइव रोड किनारे छोटी झील का आकर्षक घाट और प्रतिमाएँ, तीनमढ़िया पर कबाड़ से जुगाड़ कर बनाई गई स्वच्छता के नायक की आकर्षक कलाकृतियाँ, पीली कोठी चौराहे पर स्टेप फाउंटेन, योगमुद्रा गार्डन, आर्मी कलाकृतियों वाली दीवार, डिग्री कॉलेज दीवार सहित शहर की सुंदर चित्रकारी, समुद्र मंथन कलाकृति, कबाड़ से जुगाड़ कर बनी तोप, मिशाईल, रेडियो सहित पुराने स्क्रेप टायरों आदि से बने आकर्षक मिक्कीमाऊस, मछली, घड़ी आदि कलाकृतियों ने शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही नागरिकों में पुरानी अनुपयोगी सामग्री को पुनः उपयोग में लाने की आदत को विकसित किया है और सोर्स पर hi कचरे को कम करने की आदत अब विकसित हो रही है। डोर टू डोर कचरे का संग्रहण, नाले नालियों की नियमित सफाई, रहवासी और व्यवसायिक क्षेत्रों की दिन में तीन पालियों में रोड स्वीपिंग जैसे अन्य विभिन्न कार्य सहित लगातार नियमित निगरानी का यह सुखद परिणाम हम सागरवासियों को अवार्ड के रूप में प्राप्त होने वाला है।

इस उपलब्धि पर महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी, निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार एवं नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सागर शहर के सभी नागरिकों, सामाजिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों तथा नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सभी के सामूहिक सहयोग, सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का परिणाम है। शहरवासियों के सहयोग से ही सागर नगर निगम को यह गौरव हासिल हुआ है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की है कि भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग एवं सहभागिता बनाए रखते हुए सागर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ाएं। आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2025-26 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें सागर नगर निगम को उत्कृष्ट स्वच्छता कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों, बेहतर व्यवस्थाओं, स्वच्छता कर्मियों की मेहनत और शहरवासियों के सक्रिय सहयोग का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से सागर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने कहा की नागरिकों को स्वच्छता से सीधे जोड़ने और जनजागरूकता लाने में नवाचारों की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सबसे पहले तो लाखा बंजारा झील किनारे गंगा आरती ने धार्मिक आध्यात्मिकता के साथ झील जैसे विशाल जलस्रोत को साफ रखने हेतु नागरिकों को जागरूक बनाया। स्वच्छता की गागर हमाओ सागर नवाचार अंतर्गत धार्मिक सांस्कृतिक जुलूस रैलियों सहित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ चलकर तत्काल सड़कों व कार्यक्रम स्थलों की सफाई व्यवस्था ने सड़कों को स्वच्छ बनाने के साथ नागरिकों में जागरूकता लाई। डिस्पोजल की जगह रीयूज़ वाले ग्लास व स्टील उत्पाद आदि अन्य सामग्री का उपयोग बड़े आयोजनों में बढ़ा है। सिंगल यूज़ प्लास्टिक छोड़ने हेतु किये गए नवाचारों से प्रभावित नागरिकों ने प्लास्टिक की कपड़े के थैलों का उपयोग शुरू किया।
विभिन्न वार्डों में सौन्दर्य कार्यों ने भी शहर की स्वच्छता को चार चाँद लगाएं और आप पास के रहवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाया है। शीतला माता मंदिर चौराहा पर वर्षों पुराना कचराघर जैसा ब्लैक स्पॉट समाप्त कर बनाया गया सौन्दर्य स्थल पार्क, छतरी, श्री कृष्ण अर्जुन रथ और आकर्षक फाउंटेन, धर्मश्री पर भारत माता चौक, संविधान चौक, चित्रगुप्त चौराहे पर कलम दवात सहित आकर्षक सौन्दर्यीकरण, वीरांगना झलकारी बाई पार्क एवं कला मंच, संजयड्राइव रोड किनारे छोटी झील का आकर्षक घाट और प्रतिमाएँ, तीनमढ़िया पर कबाड़ से जुगाड़ कर बनाई गई स्वच्छता के नायक की आकर्षक कलाकृतियाँ, पीली कोठी चौराहे पर स्टेप फाउंटेन, योगमुद्रा गार्डन, आर्मी कलाकृतियों वाली दीवार, डिग्री कॉलेज दीवार सहित शहर की सुंदर चित्रकारी, समुद्र मंथन कलाकृति, कबाड़ से जुगाड़ कर बनी तोप, मिशाईल, रेडियो सहित पुराने स्क्रेप टायरों आदि से बने आकर्षक मिक्कीमाऊस, मछली, घड़ी आदि कलाकृतियों ने शहर की सुंदरता बढ़ाने के साथ ही नागरिकों में पुरानी अनुपयोगी सामग्री को पुनः उपयोग में लाने की आदत को विकसित किया है और सोर्स पर hi कचरे को कम करने की आदत अब विकसित हो रही है। डोर टू डोर कचरे का संग्रहण, नाले नालियों की नियमित सफाई, रहवासी और व्यवसायिक क्षेत्रों की दिन में तीन पालियों में रोड स्वीपिंग जैसे अन्य विभिन्न कार्य सहित लगातार नियमित निगरानी का यह सुखद परिणाम हम सागरवासियों को अवार्ड के रूप में प्राप्त होने वाला है।
