सागर। सागर विधानसभा क्षेत्र के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए तैयार किए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट को लेकर विधायक शैलेन्द्र जैन ने एसडीएम कार्यालय में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में आगामी विकास कार्ययोजना को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा की गई तथा सभी विभाग प्रमुखों से उनके सुझाव लिए गए।

विधायक जैन ने अधिकारियों से कहा कि विजन डॉक्यूमेंट सागर के भविष्य की आवश्यकताओं, जनअपेक्षाओं और शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से यह सुझाव लिए कि किस प्रकार ऐसे विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिनसे समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिले और सागर को विकास की नई दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि विकास की कार्ययोजना में केवल आधुनिक अधोसंरचना ही नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और पर्यटन को भी विशेष रूप से समाहित किया जाए। सागर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए प्राचीन संरचनाओं, ऐतिहासिक स्थलों, जल स्रोतों तथा अखाड़ों के संरक्षण एवं निर्माण से जुड़े कार्यों को भी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाए, ताकि विकास के साथ-साथ सागर की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो।
विधायक जैन ने कहा कि सागर की प्राचीन धरोहर, जल स्रोत और सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। साथ ही पर्यटन की संभावनाओं को विकसित कर सागर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
बैठक में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई तथा जनहित के सर्वाधिक आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम रोहित वर्मा, तहसीलदार संदीप तिवारी, राहुल गौड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नगर निगम उपायुक्त बघेल, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ यशवंत नामदेव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विधायक जैन ने अधिकारियों से कहा कि विजन डॉक्यूमेंट सागर के भविष्य की आवश्यकताओं, जनअपेक्षाओं और शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से यह सुझाव लिए कि किस प्रकार ऐसे विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिनसे समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिले और सागर को विकास की नई दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि विकास की कार्ययोजना में केवल आधुनिक अधोसंरचना ही नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और पर्यटन को भी विशेष रूप से समाहित किया जाए। सागर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए प्राचीन संरचनाओं, ऐतिहासिक स्थलों, जल स्रोतों तथा अखाड़ों के संरक्षण एवं निर्माण से जुड़े कार्यों को भी विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया जाए, ताकि विकास के साथ-साथ सागर की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत हो।
विधायक जैन ने कहा कि सागर की प्राचीन धरोहर, जल स्रोत और सांस्कृतिक परंपराएं हमारी पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। साथ ही पर्यटन की संभावनाओं को विकसित कर सागर को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।
बैठक में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा की गई तथा जनहित के सर्वाधिक आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, एसडीएम रोहित वर्मा, तहसीलदार संदीप तिवारी, राहुल गौड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नगर निगम उपायुक्त बघेल, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ यशवंत नामदेव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
