सागर। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वह समाज अधिक संगठित, समृद्ध और सुरक्षित बनता है। क्षत्रिय समाज की प्रगति भी नारीशक्ति के सम्मान और सहभागिता पर निर्भर है। यह उद्गार क्षत्रिय महासभा जिला सागर की महिला विंग द्वारा आयोजित क्षत्रिय महिला सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ संरक्षक पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में क्षत्रिय समाज की उन महिला सदस्यों का सम्मान किया जिन्होंने विगत दिनों क्षत्रिय महासभा सागर द्वारा समाज की 21 बेटियों के सामूहिक कन्या विवाह आयोजन में योगदान किया और सक्रिय भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि नारी सम्मान से सामाजिक नेतृत्व मजबूत होता है, आत्मविश्वास का निर्माण होता है। सम्मान से प्रतिभा को अवसर मिलता है, कई बार प्रतिभाएं अवसर के अभाव में नहीं, बल्कि सम्मान के अभाव में पीछे रह जाती है। नारी सम्मान से सामाजिक कुरीतियाँ समाप्त होती हैं। पूर्व मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आज देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। यदि उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिलें, तो भारत की प्रगति और अधिक तेज एवं समावेशी होगी। किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूँजी उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी सम्मानित मातृशक्ति होती है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ले जाने वाली नारी ही है।
उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है जब-जब धर्म और स्वाभिमान पर संकट आया, क्षत्रिय महिलाओं ने साहसपूर्वक नेतृत्व किया और अपने त्याग से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया। अनेक इतिहासकारों और कवियों ने क्षत्रिय नारियों के साहस, स्वाभिमान और बलिदान को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने लिखा है कि ‘‘राजपूताना का इतिहास उन क्षत्राणियों के रक्त से रंगा है, जिन्होंने अपने सतीत्व और राष्ट्र की आन-बान के लिए हंसते-हंसते धधकती ज्वाला (जौहर) को गले लगा लिया।‘‘ उन्होंने कहा कि एक वीर समाज का निर्माण वीर माताओं की गोद में होता है।
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा जिला सागर ने समाज की बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अनेक काम किए हैं। इनमें से एक आयोजन पिछले दिनों किया था जिसमें पहली बार क्षत्रिय समाज की 21 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह आयोजित किया गया जिसमें आयोजन के साथ प्रत्येक बेटी को समाज की ओर से 1 लाख 1 हजार की नगद राशि तथा अन्य उपहार सामग्रियां दी गई थीं। इस आयोजन में क्षत्रिय महासभा की महिला विंग की सदस्याओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार क्षत्रिय महासभा की ओर से 101 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह आयोजित किए जाने का संकल्प लिया गया है। पूर्व गृहमंत्री श्री सिंह ने कहा कि आप सभी को आगे आकर समाज के विवाह योग्य बेटे बेटियों का परिचय सम्मेलन आयोजित करना चाहिए ताकि वैवाहिक संबंधों में सुविधा हो।
साहित्यकार सुश्री शरद सिंह ने कहा कि हम सभी को ऐसे तत्वों का सभी मंचों पर सक्रिय विरोध करना चाहिए जो क्षत्रिय समाज व समाज की नारीशक्ति के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रांतियां फैलाने का काम करते हैं। कार्यक्रम का आभार क्षत्रिय महासभा जिला सागर की महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह ने किया। मंच संचालन वंदना सिंह ने किया। कार्यक्रम में मंच पर साहित्यकार सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह, अभिषेक गौर उपस्थित रहे। विधायक भूपेन्द्र सिंह ने क्षत्रिय समाज की जिन बहिनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया उनमें सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, श्रीमती प्रीति सिंह, श्रीमती सीमा ठाकुर बन्नाद, श्रीमती सीता ठाकुर घूघर, श्रीमती नेहा राजपूत बरकोटी, श्रीमती नंदिनी हरिसिंह खुरई, श्रीमती मनीषा सिंह खुरई, श्रीमती रुचि सिंह खुरई, श्रीमती श्रद्धा सिंह सागर, श्रीमती ज्योति चैहान मकरोनिया, श्रीमती अंशु सिंह, श्रीमती ऋतु सिंह ठाकुर, श्रीमती सीमा चैहान, श्रीमती मंजू सिंह महुआखेड़ा, श्रीमती अनीता भरत सिंह केसली, श्रीमती सुमन राजपूत, श्रीमती अर्चना सिंह भैंसा, श्रीमती राजबाला सिंह, श्रीमती रेखा ठाकुर खुरई, श्रीमती अनुपमा राजपूत, श्रीमती साक्षी सिंह भैंसा, श्रीमती रेशु सिंह , श्रीमती रीना बैस , श्रीमती वंदना सिंह, श्रीमती निरुपमा गौर, श्रीमती आरती सिंह बंडा शामिल हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि नारी सम्मान से सामाजिक नेतृत्व मजबूत होता है, आत्मविश्वास का निर्माण होता है। सम्मान से प्रतिभा को अवसर मिलता है, कई बार प्रतिभाएं अवसर के अभाव में नहीं, बल्कि सम्मान के अभाव में पीछे रह जाती है। नारी सम्मान से सामाजिक कुरीतियाँ समाप्त होती हैं। पूर्व मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आज देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। यदि उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिलें, तो भारत की प्रगति और अधिक तेज एवं समावेशी होगी। किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूँजी उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी सम्मानित मातृशक्ति होती है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक ले जाने वाली नारी ही है।
उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है जब-जब धर्म और स्वाभिमान पर संकट आया, क्षत्रिय महिलाओं ने साहसपूर्वक नेतृत्व किया और अपने त्याग से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त किया। अनेक इतिहासकारों और कवियों ने क्षत्रिय नारियों के साहस, स्वाभिमान और बलिदान को रेखांकित किया है। उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने लिखा है कि ‘‘राजपूताना का इतिहास उन क्षत्राणियों के रक्त से रंगा है, जिन्होंने अपने सतीत्व और राष्ट्र की आन-बान के लिए हंसते-हंसते धधकती ज्वाला (जौहर) को गले लगा लिया।‘‘ उन्होंने कहा कि एक वीर समाज का निर्माण वीर माताओं की गोद में होता है।
पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री सिंह ने कहा कि क्षत्रिय महासभा जिला सागर ने समाज की बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अनेक काम किए हैं। इनमें से एक आयोजन पिछले दिनों किया था जिसमें पहली बार क्षत्रिय समाज की 21 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह आयोजित किया गया जिसमें आयोजन के साथ प्रत्येक बेटी को समाज की ओर से 1 लाख 1 हजार की नगद राशि तथा अन्य उपहार सामग्रियां दी गई थीं। इस आयोजन में क्षत्रिय महासभा की महिला विंग की सदस्याओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार क्षत्रिय महासभा की ओर से 101 बेटियों का निःशुल्क सामूहिक कन्यादान विवाह समारोह आयोजित किए जाने का संकल्प लिया गया है। पूर्व गृहमंत्री श्री सिंह ने कहा कि आप सभी को आगे आकर समाज के विवाह योग्य बेटे बेटियों का परिचय सम्मेलन आयोजित करना चाहिए ताकि वैवाहिक संबंधों में सुविधा हो।
साहित्यकार सुश्री शरद सिंह ने कहा कि हम सभी को ऐसे तत्वों का सभी मंचों पर सक्रिय विरोध करना चाहिए जो क्षत्रिय समाज व समाज की नारीशक्ति के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत कर भ्रांतियां फैलाने का काम करते हैं। कार्यक्रम का आभार क्षत्रिय महासभा जिला सागर की महिला विंग की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह ने किया। मंच संचालन वंदना सिंह ने किया। कार्यक्रम में मंच पर साहित्यकार सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लखन सिंह, अभिषेक गौर उपस्थित रहे। विधायक भूपेन्द्र सिंह ने क्षत्रिय समाज की जिन बहिनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया उनमें सुश्री शरद सिंह, श्रीमती प्रमिला सिंह, श्रीमती प्रीति सिंह, श्रीमती सीमा ठाकुर बन्नाद, श्रीमती सीता ठाकुर घूघर, श्रीमती नेहा राजपूत बरकोटी, श्रीमती नंदिनी हरिसिंह खुरई, श्रीमती मनीषा सिंह खुरई, श्रीमती रुचि सिंह खुरई, श्रीमती श्रद्धा सिंह सागर, श्रीमती ज्योति चैहान मकरोनिया, श्रीमती अंशु सिंह, श्रीमती ऋतु सिंह ठाकुर, श्रीमती सीमा चैहान, श्रीमती मंजू सिंह महुआखेड़ा, श्रीमती अनीता भरत सिंह केसली, श्रीमती सुमन राजपूत, श्रीमती अर्चना सिंह भैंसा, श्रीमती राजबाला सिंह, श्रीमती रेखा ठाकुर खुरई, श्रीमती अनुपमा राजपूत, श्रीमती साक्षी सिंह भैंसा, श्रीमती रेशु सिंह , श्रीमती रीना बैस , श्रीमती वंदना सिंह, श्रीमती निरुपमा गौर, श्रीमती आरती सिंह बंडा शामिल हैं।
