सागर । मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय वयोश्री एवं एडीप योजना अंतर्गत पद्माकर सभागार, मोतीनगर में आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने हेतु परीक्षण एवं पंजीयन किया गया। शिविर का आयोजन नगर पालिक निगम सागर द्वारा किया गया।

शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों की शारीरिक स्थिति एवं आवश्यकताओं का परीक्षण करने के पश्चात कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। कई हितग्राहियों के लिए मौके पर ही आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंगों का निर्माण भी किया गया। जिन हितग्राहियों को तत्काल उपकरण उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सका, उनके लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।
महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने शिविर में पहुंचकर प्रत्येक स्टॉल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को पूरी संवेदनशीलता, सम्मान और आत्मीयता के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। महापौर ने हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी उनसे साझा किए।
महापौर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आवश्यक सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य विनोद तिवारी, संगीता शैलेश जैन,पार्षद प्रह्लाद पटेल, रूबी पटेल, भरत अहिरवार, अनीता रामू ठेकेदार, कृष्ण कुमार पटैल, उपायुक्त एस.एस.बघेल, सिटी मिशन मैनेजर विक्रम जैन, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव, नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों की शारीरिक स्थिति एवं आवश्यकताओं का परीक्षण करने के पश्चात कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। कई हितग्राहियों के लिए मौके पर ही आवश्यकतानुसार कृत्रिम अंगों का निर्माण भी किया गया। जिन हितग्राहियों को तत्काल उपकरण उपलब्ध कराना संभव नहीं हो सका, उनके लिए सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई।
महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने शिविर में पहुंचकर प्रत्येक स्टॉल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को पूरी संवेदनशीलता, सम्मान और आत्मीयता के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। महापौर ने हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई हितग्राहियों ने अपने अनुभव भी उनसे साझा किए।
महापौर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आवश्यक सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य विनोद तिवारी, संगीता शैलेश जैन,पार्षद प्रह्लाद पटेल, रूबी पटेल, भरत अहिरवार, अनीता रामू ठेकेदार, कृष्ण कुमार पटैल, उपायुक्त एस.एस.बघेल, सिटी मिशन मैनेजर विक्रम जैन, योजना प्रभारी जया श्रीवास्तव, नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
