सागर। पुलिस द्वारा साइबर तकनीक एवं टीम के अथक प्रयासों से गुम हुए 112 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए। रिकवर किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹16 लाख 50 हजार है। बरामद मोबाइलों में iPhone सहित विभिन्न कंपनियों के महंगे एवं बेशकीमती स्मार्टफोन शामिल हैं।
यह सफलता पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सागर पुलिस की साइबर टीम द्वारा लगातार किए जा रहे तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों का परिणाम है।
पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी संसाधनों एवं आधुनिक साइबर तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस कर रिकवर किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों तथा मध्यप्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे।

मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण, IMEI नंबर एवं अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार ट्रेसिंग तथा संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय कर मोबाइल फोन रिकवर किए गए।
मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
साइबर टीम द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण एवं फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया गया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाया गया।
सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत लगभग ₹16,50,000 (सोलह लाख पचास हजार रुपये) है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता एवं साइबर टीम की निरंतर मेहनत को दर्शाती है।
मोबाइल वापस पाकर खिले चेहरे
गुम हुए महंगे मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने सागर पुलिस एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।
कई नागरिकों के लिए मोबाइल फोन केवल एक महंगा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उसमें सुरक्षित व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी होती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी उनके लिए विशेष राहत एवं खुशी का विषय रही।
सागर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें तथा मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपने मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी एवं बैंकिंग/सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
सागर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा एवं वापसी के लिए भी लगातार प्रतिबद्ध है। गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तकनीकी माध्यमों से तलाश एवं रिकवरी का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
यह सफलता पुलिस अधीक्षक सागर अनुराग सुजानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीना जयवीर सिंह भदौरिया एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री नरेंद्र सोलंकी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सागर पुलिस की साइबर टीम द्वारा लगातार किए जा रहे तकनीकी एवं मैदानी प्रयासों का परिणाम है।
पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी संसाधनों एवं आधुनिक साइबर तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए ऐसे मोबाइल फोन भी ट्रेस कर रिकवर किए, जो सागर जिले के अलावा मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों तथा मध्यप्रदेश के बाहर के राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे।

मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी का विश्लेषण, IMEI नंबर एवं अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार ट्रेसिंग तथा संबंधित स्थानों पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय कर मोबाइल फोन रिकवर किए गए।
मोबाइल रिकवरी की इस कार्रवाई में साइबर टीम के प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, प्रधान आरक्षक विजय शुक्ला एवं आरक्षक हेमेंद्र सिंह सहित सागर जिले के विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
साइबर टीम द्वारा लगातार तकनीकी विश्लेषण एवं फील्ड स्तर पर पुलिस टीमों के साथ समन्वय कर गुम मोबाइलों को ट्रेस किया गया और उन्हें सुरक्षित रूप से बरामद कर उनके वास्तविक धारकों तक पहुंचाया गया।
सागर पुलिस द्वारा रिकवर किए गए 112 मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत लगभग ₹16,50,000 (सोलह लाख पचास हजार रुपये) है। इनमें विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन के साथ महंगे iPhone भी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में मोबाइल फोन की बरामदगी सागर पुलिस की तकनीकी दक्षता एवं साइबर टीम की निरंतर मेहनत को दर्शाती है।
मोबाइल वापस पाकर खिले चेहरे
गुम हुए महंगे मोबाइल फोन वापस मिलने पर उनके वास्तविक मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने सागर पुलिस एवं पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया का आभार व्यक्त करते हुए साइबर टीम के प्रयासों की सराहना की।
कई नागरिकों के लिए मोबाइल फोन केवल एक महंगा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि उसमें सुरक्षित व्यक्तिगत फोटो, संपर्क, दस्तावेज एवं अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी भी होती है। ऐसे में मोबाइल की वापसी उनके लिए विशेष राहत एवं खुशी का विषय रही।
सागर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें तथा मोबाइल का IMEI नंबर सुरक्षित रखें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपने मोबाइल में मौजूद महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी एवं बैंकिंग/सोशल मीडिया खातों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें।
सागर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा एवं वापसी के लिए भी लगातार प्रतिबद्ध है। गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की तकनीकी माध्यमों से तलाश एवं रिकवरी का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
