सागर / ननि / नगर निगम आयुक्त श्री राजकुमार खत्री द्वारा नगर निगम क्षेत्र में बकाया करों की वसूली को लेकर राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी की उपस्थिति में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निगमायुक्त ने सभी कर संग्राहकों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने वार्डों में लंबित राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान निगमायुक्त ने वार्डवार वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हो पाई है। इस पर उन्होंने संबंधित कर संग्राहकों को सख्त निर्देश दिए कि वे आगामी 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर संपत्ति कर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क, दुकानों के किराए सहित अन्य सभी करों की पूर्ण वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्व वसूली नगर निगम के विकास कार्यों की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में अब बहुत कम समय शेष है, ऐसे में सभी कर संग्राहकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि बकायादारों की सूची तैयार कर उनसे व्यक्तिगत संपर्क किया जाए और आवश्यकतानुसार नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई तेज की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बड़े बकायादारों पर विशेष ध्यान दिया जाए और आवश्यक होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से करों का भुगतान नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। निगमायुक्त ने कर संग्राहकों को यह भी कहा कि वे क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों को समय पर कर जमा करने के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों की जानकारी दें और यह भी बताएं कि 31 मार्च के बाद संपत्तिकर की राशि दोगुनी हो जाएगी।
निगमायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो कर संग्राहक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर पाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा करते रहें, जिससे निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

बैठक के दौरान निगमायुक्त ने वार्डवार वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हो पाई है। इस पर उन्होंने संबंधित कर संग्राहकों को सख्त निर्देश दिए कि वे आगामी 31 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर संपत्ति कर, जलकर, कचरा प्रबंधन शुल्क, दुकानों के किराए सहित अन्य सभी करों की पूर्ण वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राजस्व वसूली नगर निगम के विकास कार्यों की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त श्री खत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में अब बहुत कम समय शेष है, ऐसे में सभी कर संग्राहकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि बकायादारों की सूची तैयार कर उनसे व्यक्तिगत संपर्क किया जाए और आवश्यकतानुसार नोटिस जारी कर वसूली की कार्रवाई तेज की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बड़े बकायादारों पर विशेष ध्यान दिया जाए और आवश्यक होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई भी की जाए।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा लंबे समय से करों का भुगतान नहीं किया गया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। निगमायुक्त ने कर संग्राहकों को यह भी कहा कि वे क्षेत्र में भ्रमण कर नागरिकों को समय पर कर जमा करने के लिए प्रेरित करें तथा उन्हें शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों की जानकारी दें और यह भी बताएं कि 31 मार्च के बाद संपत्तिकर की राशि दोगुनी हो जाएगी।
निगमायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो कर संग्राहक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर पाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें और प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा करते रहें, जिससे निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
