सागर । जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और सहकारी समितियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने शत प्रतिशत उपार्जन भुगतान में हो रही देरी, खाद के सुस्त उठाव और समितियों की मनमानी पर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को खाद वितरण और उनकी फसल के भुगतान में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर संबंधित विभाग और समिति प्रबंधकों के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में किसानों के लंबित उपार्जन भुगतान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम से खाद के वितरण और प्रबंधन की समीक्षा की। कलेक्टर ने पाया कि डबल लॉक केंद्रों से सोसायटियों का खाद का उठाव बेहद धीमा है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि स्टॉक होने के बावजूद उठाव, वितरण की गति इतनी धीमी क्यों है? इसमें तत्काल सुधार कर रैक के माध्यम से आए स्टॉक को जल्द से जल्द सोसायटियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी सामने आया कि कई सहकारी समितियां खाद का उठाव और सुव्यवस्थित वितरण नहीं कर रही हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल को अवगत कराया गया कि कुछ समिति प्रबंधक सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे हैं। इस पर उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो समितियां जानबूझकर काम में लापरवाही कर रही हैं, उनके खिलाफ तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों से बचाने और सुगम वितरण के लिए कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। समितियों और वितरण केंद्रों पर खाद की सुचारू बिक्री के लिए गत वर्ष की तरह अतिरिक्त कैश काउंटर खोलने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने इसके लिए तत्काल ऑर्डर जारी करने को कहा है ताकि काउंटर जल्द से जल्द क्रियाशील हों और किसानों को नकद भुगतान कर खाद लेने में कोई परेशानी न हो।

कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों को खाद वितरण और उनकी फसल के भुगतान में किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर संबंधित विभाग और समिति प्रबंधकों के खिलाफ सीधे दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में किसानों के लंबित उपार्जन भुगतान की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सहकारी समितियों के माध्यम से खाद के वितरण और प्रबंधन की समीक्षा की। कलेक्टर ने पाया कि डबल लॉक केंद्रों से सोसायटियों का खाद का उठाव बेहद धीमा है। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि स्टॉक होने के बावजूद उठाव, वितरण की गति इतनी धीमी क्यों है? इसमें तत्काल सुधार कर रैक के माध्यम से आए स्टॉक को जल्द से जल्द सोसायटियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी सामने आया कि कई सहकारी समितियां खाद का उठाव और सुव्यवस्थित वितरण नहीं कर रही हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल को अवगत कराया गया कि कुछ समिति प्रबंधक सुचारू रूप से काम नहीं कर रहे हैं। इस पर उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो समितियां जानबूझकर काम में लापरवाही कर रही हैं, उनके खिलाफ तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसानों को खाद के लिए लंबी लाइनों से बचाने और सुगम वितरण के लिए कलेक्टर ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। समितियों और वितरण केंद्रों पर खाद की सुचारू बिक्री के लिए गत वर्ष की तरह अतिरिक्त कैश काउंटर खोलने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने इसके लिए तत्काल ऑर्डर जारी करने को कहा है ताकि काउंटर जल्द से जल्द क्रियाशील हों और किसानों को नकद भुगतान कर खाद लेने में कोई परेशानी न हो।
