सागर । मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में खाद्य विभाग द्वारा किए जा रहे नित नये नवाचारों ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ सरकार का ध्यान अपनी एक महत्वपूर्ण योजना की ओर खींचा है। “मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना” के मध्यप्रदेश में सफल क्रियान्वयन का डंका अब दूसरे राज्यों तक पहुंच रहा है। मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व एवं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मार्गदर्शन से खाद्य विभाग अपनी सफलता के नए सोपान तय कर रहा है।

मप्र में “मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना” के सफल क्रियान्वयन संबंधी जानकारी लेने और इसमें विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिये छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के अधिकारियों का एक दल इन दिनों मध्यप्रदेश भ्रमण पर है। इस दल ने गुरूवार को खाद्य संचालनालय में अधिकारियों से योजना की कार्य प्रणाली, परिवहन व्यवस्था, आईटी आधरित मॉनीटरिंग प्रणाली, संबंधित विभागों के बीच समन्वय, हित धारकों की भूमिका तथा खाद्यान वितरण व्यवस्था में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान अपर संचालक खाद्य एचएस परमार एवं अन्य अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। छत्तीसगढ़ के दल में सहायक महाप्रबंधक आईटी एवं उपार्जन महेन्द्र साहू, उप सहायक महाप्रबंधक परिवहन मनोज वर्मा, उप सहायक महाप्रबंधक सार्वजनिक वितरण प्रणाली त्रिनाधा रेड्डी, वरिष्ठ सलाहकार सुशील तिवारी और सलाहकार संदीप हलदर शामिल हैं।
*यह है मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना :*
मध्यप्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत प्रदाय केन्द्र से उचित मूल्य’ दुकानों तक राशन सामग्री के परिवहन का कार्य परिवहनकर्ता ठेकेदार के स्थान पर बेरोजगार युवकों के माध्यम से कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिये “मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना” नवाचार के रूप में लागू की गई है। इसमें लगभग 900 परिवहनकर्ता हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनांतर्गत ऋण स्वीकृति से 7.5 मीट्रिक टन क्षमता के वाहन उपलब्ध कराएँ गए हैं। वाहनों के लिये राज्य सरकार द्वारा 1.25 लाख रूपये प्रति वाहन मार्जिन मनी और 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। वाहनों से प्रतिमाह लगभग 3,000 क्विंटल राशन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। योजना में बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ सामग्री का परिवहन भी त्वरित गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनीटरिंग की जाती है ।

मप्र में “मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना” के सफल क्रियान्वयन संबंधी जानकारी लेने और इसमें विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिये छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन के अधिकारियों का एक दल इन दिनों मध्यप्रदेश भ्रमण पर है। इस दल ने गुरूवार को खाद्य संचालनालय में अधिकारियों से योजना की कार्य प्रणाली, परिवहन व्यवस्था, आईटी आधरित मॉनीटरिंग प्रणाली, संबंधित विभागों के बीच समन्वय, हित धारकों की भूमिका तथा खाद्यान वितरण व्यवस्था में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान अपर संचालक खाद्य एचएस परमार एवं अन्य अधिकारियों ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। छत्तीसगढ़ के दल में सहायक महाप्रबंधक आईटी एवं उपार्जन महेन्द्र साहू, उप सहायक महाप्रबंधक परिवहन मनोज वर्मा, उप सहायक महाप्रबंधक सार्वजनिक वितरण प्रणाली त्रिनाधा रेड्डी, वरिष्ठ सलाहकार सुशील तिवारी और सलाहकार संदीप हलदर शामिल हैं।
*यह है मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना :*
मध्यप्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत प्रदाय केन्द्र से उचित मूल्य’ दुकानों तक राशन सामग्री के परिवहन का कार्य परिवहनकर्ता ठेकेदार के स्थान पर बेरोजगार युवकों के माध्यम से कराकर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिये “मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना” नवाचार के रूप में लागू की गई है। इसमें लगभग 900 परिवहनकर्ता हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनांतर्गत ऋण स्वीकृति से 7.5 मीट्रिक टन क्षमता के वाहन उपलब्ध कराएँ गए हैं। वाहनों के लिये राज्य सरकार द्वारा 1.25 लाख रूपये प्रति वाहन मार्जिन मनी और 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। वाहनों से प्रतिमाह लगभग 3,000 क्विंटल राशन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। योजना में बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ सामग्री का परिवहन भी त्वरित गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनीटरिंग की जाती है ।
