सागर । “रक्तदान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे जनआंदोलन बनाना हमारा लक्ष्य है।” यह बात युवा नेता अविराज सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि मेरे पिता और आपके पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिवस पर विगत 11 वर्षों से निरंतर आयोजित रक्तदान शिविर इस वर्ष अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। गुरुवार को होटल दीपाली में युवा साथियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिविर की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और सभी उपस्थित युवाओं ने आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।

अविराज सिंह ने कहा, 16, 17, 18 एवं 19 मई को होटल दीपाली में चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को इस महादान में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक जान बचाना, पूरी मानवता को बचाने के समान है।” भारत जैसे देश में, जहां महर्षि दधीचि जैसे महान दानी ऋषियों की परंपरा रही है, वहां रक्तदान को सबसे बड़ा मानवीय धर्म माना गया है। आपके खून की कुछ बूंदें किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकती हैं और किसी के जीवन में नई आशा जगा सकती हैं।
अविराज सिंह ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जबकि करीब 75 लाख यूनिट ही उपलब्ध हो पाता है। इस कमी के कारण हर साल हजारों मरीज समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं। ऐसे में समाज के हर सक्षम नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह रक्तदान के लिए आगे आए। उन्होंने कहा, रक्तदान से जुड़े कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। एक यूनिट रक्तदान से लगभग 650 कैलोरी खर्च होती है और इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। रक्तदान 65 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति कर सकते हैं और यह एक प्रकार का मिनी हेल्थ चेकअप भी होता है। रेड ब्लड सेल्स को 42 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जबकि प्लेटलेट्स हर 7 दिन में दान किए जा सकते हैं। O-नेगेटिव रक्त समूह को यूनिवर्सल डोनर माना जाता है। अविराज सिंह ने कहा, देश में खून की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार हर पांचवें व्यक्ति में खून की कमी पाई जाती है, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। मध्यप्रदेश में की गई स्क्रीनिंग में यह सामने आया है कि हर दूसरी गर्भवती महिला एनीमिया से ग्रसित है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा, पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने 11 वर्ष पूर्व अपने जन्मदिवस को रक्तदान महादान के रूप में मनाने का संकल्प लिया था, जो आज एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। उनके जन्मदिवस के अवसर पर अब तक कुल 13,112 यूनिट रक्त संग्रहित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा प्रेरित आयोजनों के माध्यम से निरंतर समाजसेवा का कार्य जारी है। अविराज सिंह ने कहा, अविराज सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में 589 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, वहीं हेल्पलाइन के माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक 951 जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराया गया है। यह प्रयास जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देशभर में एक रिकॉर्ड के रूप में दर्ज की गई है, जिसे बुक ऑफ इंडिया में भी स्थान मिला है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराकर 16 से 19 मई तक आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लें और इस महादान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

अविराज सिंह ने कहा, 16, 17, 18 एवं 19 मई को होटल दीपाली में चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को इस महादान में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक जान बचाना, पूरी मानवता को बचाने के समान है।” भारत जैसे देश में, जहां महर्षि दधीचि जैसे महान दानी ऋषियों की परंपरा रही है, वहां रक्तदान को सबसे बड़ा मानवीय धर्म माना गया है। आपके खून की कुछ बूंदें किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकती हैं और किसी के जीवन में नई आशा जगा सकती हैं।
अविराज सिंह ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, जबकि करीब 75 लाख यूनिट ही उपलब्ध हो पाता है। इस कमी के कारण हर साल हजारों मरीज समय पर रक्त नहीं मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं। ऐसे में समाज के हर सक्षम नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह रक्तदान के लिए आगे आए। उन्होंने कहा, रक्तदान से जुड़े कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। एक यूनिट रक्तदान से लगभग 650 कैलोरी खर्च होती है और इससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। रक्तदान 65 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति कर सकते हैं और यह एक प्रकार का मिनी हेल्थ चेकअप भी होता है। रेड ब्लड सेल्स को 42 दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जबकि प्लेटलेट्स हर 7 दिन में दान किए जा सकते हैं। O-नेगेटिव रक्त समूह को यूनिवर्सल डोनर माना जाता है। अविराज सिंह ने कहा, देश में खून की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार हर पांचवें व्यक्ति में खून की कमी पाई जाती है, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक है। मध्यप्रदेश में की गई स्क्रीनिंग में यह सामने आया है कि हर दूसरी गर्भवती महिला एनीमिया से ग्रसित है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा, पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने 11 वर्ष पूर्व अपने जन्मदिवस को रक्तदान महादान के रूप में मनाने का संकल्प लिया था, जो आज एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है। उनके जन्मदिवस के अवसर पर अब तक कुल 13,112 यूनिट रक्त संग्रहित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा प्रेरित आयोजनों के माध्यम से निरंतर समाजसेवा का कार्य जारी है। अविराज सिंह ने कहा, अविराज सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में 589 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, वहीं हेल्पलाइन के माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक 951 जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराया गया है। यह प्रयास जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देशभर में एक रिकॉर्ड के रूप में दर्ज की गई है, जिसे बुक ऑफ इंडिया में भी स्थान मिला है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराकर 16 से 19 मई तक आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लें और इस महादान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
