सागर । शहर के मोतीनगर चौराहे पर मंगलवार शाम करीब 7:20 बजे एक चलती हुई 108 एंबुलेंस के इंजन क्षेत्र में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगी थी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई, लेकिन आग बुझाने के लिए तत्काल कोई प्रभावी साधन उपलब्ध नहीं था।
इसी दौरान घटना की सूचना डायल-112 को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 की FRV टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

FRV में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग करते हुए पायलट सज्जाद खान ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान आरक्षक मधुर दुबे ने भी मौके पर आवश्यक सहयोग एवं समन्वय करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डायल-112 टीम की त्वरित कार्रवाई से एंबुलेंस में लगी आग को समय रहते बुझा लिया गया। यदि आग पर तत्काल नियंत्रण नहीं पाया जाता तो एंबुलेंस में मौजूद ईंधन एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग विकराल रूप ले सकती थी और बड़ी दुर्घटना होने की आशंका थी।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि डायल-112 केवल आपात सूचना प्राप्त करने वाली सेवा ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने वाली पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था है।
FRV में उपलब्ध आवश्यक अग्निशमन उपकरण का सही समय पर उपयोग कर डायल-112 टीम ने आग को फैलने से रोकते हुए संभावित बड़ी घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना के दौरान आरक्षक मधुर दुबे एवं FRV पायलट सज्जाद खान की तत्परता, साहस एवं सूझबूझ की सराहनीय भूमिका रही।
सागर पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
इसी दौरान घटना की सूचना डायल-112 को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 की FRV टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।

FRV में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग करते हुए पायलट सज्जाद खान ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान आरक्षक मधुर दुबे ने भी मौके पर आवश्यक सहयोग एवं समन्वय करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डायल-112 टीम की त्वरित कार्रवाई से एंबुलेंस में लगी आग को समय रहते बुझा लिया गया। यदि आग पर तत्काल नियंत्रण नहीं पाया जाता तो एंबुलेंस में मौजूद ईंधन एवं अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग विकराल रूप ले सकती थी और बड़ी दुर्घटना होने की आशंका थी।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि डायल-112 केवल आपात सूचना प्राप्त करने वाली सेवा ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने वाली पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था है।
FRV में उपलब्ध आवश्यक अग्निशमन उपकरण का सही समय पर उपयोग कर डायल-112 टीम ने आग को फैलने से रोकते हुए संभावित बड़ी घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना के दौरान आरक्षक मधुर दुबे एवं FRV पायलट सज्जाद खान की तत्परता, साहस एवं सूझबूझ की सराहनीय भूमिका रही।
सागर पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
