सागर । स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता 2025-26 को दृष्टिगत रखते हुए नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री द्वारा नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर निरीक्षण किए जा रहे हैं। निगमायुक्त ने सूबेदार (संतकबीर) वार्ड में पार्षद धर्मेन्द्र खटीक एवं नगर निगम की स्वच्छता टीम के साथ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का निरीक्षण किया।

निगमायुक्त श्री खत्री ने नागरिकों से संवाद करते हुए उन्हें सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक डस्टबिन में देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करे तो शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखना सरल हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त द्वारा सड़क पर भवन निर्माण सामग्री जैसे रेत एवं गिट्टी का विक्रय करते हुए पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर मौके पर ही 5 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण एवं अव्यवस्था स्वच्छता एवं यातायात दोनों के लिए बाधक है, इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगमायुक्त ने कहा कि देशभर में स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता प्रारंभ हो चुकी है और नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे खुले में कचरा व सी एंड डी वेस्ट( तोड़े गए भवन का मलवा) न फेंकें, घर एवं प्रतिष्ठानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा नगर निगम की स्वच्छता टीम का सहयोग करें।
इसके साथ ही निगमायुक्त ने ओपन यूरेनेशन की समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से सभी सार्वजनिक एवं सामुदायिक पेशाबघरों की नियमित एवं गहन साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता निरीक्षक विकास गुरु, गंधर्व सिंह सहित सभी सफाई दरोगा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

निगमायुक्त श्री खत्री ने नागरिकों से संवाद करते हुए उन्हें सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक डस्टबिन में देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए नागरिकों की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर से ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करे तो शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखना सरल हो जाएगा। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त द्वारा सड़क पर भवन निर्माण सामग्री जैसे रेत एवं गिट्टी का विक्रय करते हुए पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर मौके पर ही 5 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर अतिक्रमण एवं अव्यवस्था स्वच्छता एवं यातायात दोनों के लिए बाधक है, इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगमायुक्त ने कहा कि देशभर में स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता प्रारंभ हो चुकी है और नगर निगम द्वारा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे खुले में कचरा व सी एंड डी वेस्ट( तोड़े गए भवन का मलवा) न फेंकें, घर एवं प्रतिष्ठानों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा नगर निगम की स्वच्छता टीम का सहयोग करें।
इसके साथ ही निगमायुक्त ने ओपन यूरेनेशन की समस्या को समाप्त करने के उद्देश्य से सभी सार्वजनिक एवं सामुदायिक पेशाबघरों की नियमित एवं गहन साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। निरीक्षण के दौरान स्वच्छता निरीक्षक विकास गुरु, गंधर्व सिंह सहित सभी सफाई दरोगा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
