सागर । शहर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के प्रयास नगर निगम प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं ऐसे में शहर के किसी भी क्षेत्र को गंदा या कचरायुक्त बनाकर शहर की स्वच्छता में लापरवाही बरतने वालों को बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उक्त कथन नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने सुबह शहर के शास्त्री वार्ड संत कबरराम वार्ड और भाग्योदय रोड का निरीक्षण करते समय कहे। उन्होंने संतकबर राम वार्ड में होटल संचालक नवीन पटैल द्वारा दुकान के बाहर सड़क पर अतिक्रमण करने और गंदगी फैलाने पर 10 हजार रूपये का जुर्माना कराया।

उक्त होटल के आगे लगाये गये त्रिपाल आदि अतिक्रमण सामग्री को हटवाकर जब्त किया गया। निगमायुक्त ने कहा की अक्सर देखने में आता है की जितने भी होटल, चाय पान दुकान सहित अन्य खाने-पीने से संबंधित व्यापरीयों के प्रतिष्ठान हैं उनके आस-पास खाद्य सामग्री के खाली पेकिट, डिस्पोजल ग्लास आदि अन्य समग्री, चाय डिस्पोजल, दोना, कागज और भी कई प्रकार की वस्तुएँ डस्टबिन के बाहर सड़क या आसपास पड़ी रहती हैं। उनके यहां आने वाले उपभोक्ता ग्राहक पानी पीकर यहां वहां कुल्ला कर थूकते रहते हैं, हाथ धोते हैं और भी अन्य गतिविधियों द्वारा पानी को सड़क पर या रोड किनारे फैलाते हैं इससे बड़ी संख्या में कीचड गंदगी फैलती है। उक्त सभी छोटे बड़े व्यापारी दुकान दार अपने प्रतिष्ठानों पर ऐसी गतिविधियों को रोकें। पानी व्यर्थ न बहने दें और सड़क पर कीचड़ फैलाकर शहर की स्वच्छता प्रभावित करने में सहभागी न बने। दुकानदार स्वयं स्वच्छता अपनाएं और अपने ग्राहकों को भी स्वच्छता अपनाने हेतु प्रेरित करें। कचरा डस्टबिन में ही डाला जाएं। गीला सूखा कचरा अलग अलग एकत्र करें और कचरा कलेक्शन वाहनों में दें। हम सभी के प्रयास से स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारा सागर शहर 73वें स्थान से 10वें स्थान पर पहुंचा है और आने वाले समय में हम सब का प्रयास इसे प्रथम स्थान हासिल कराना है। शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाने में न केबल नगर निगम प्रशासन बल्कि प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी शहरवासी शहर की स्वच्छता, सुंदरता और शासकीय सम्पति की सुरक्षा में सहभागिता करें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाए।

उक्त होटल के आगे लगाये गये त्रिपाल आदि अतिक्रमण सामग्री को हटवाकर जब्त किया गया। निगमायुक्त ने कहा की अक्सर देखने में आता है की जितने भी होटल, चाय पान दुकान सहित अन्य खाने-पीने से संबंधित व्यापरीयों के प्रतिष्ठान हैं उनके आस-पास खाद्य सामग्री के खाली पेकिट, डिस्पोजल ग्लास आदि अन्य समग्री, चाय डिस्पोजल, दोना, कागज और भी कई प्रकार की वस्तुएँ डस्टबिन के बाहर सड़क या आसपास पड़ी रहती हैं। उनके यहां आने वाले उपभोक्ता ग्राहक पानी पीकर यहां वहां कुल्ला कर थूकते रहते हैं, हाथ धोते हैं और भी अन्य गतिविधियों द्वारा पानी को सड़क पर या रोड किनारे फैलाते हैं इससे बड़ी संख्या में कीचड गंदगी फैलती है। उक्त सभी छोटे बड़े व्यापारी दुकान दार अपने प्रतिष्ठानों पर ऐसी गतिविधियों को रोकें। पानी व्यर्थ न बहने दें और सड़क पर कीचड़ फैलाकर शहर की स्वच्छता प्रभावित करने में सहभागी न बने। दुकानदार स्वयं स्वच्छता अपनाएं और अपने ग्राहकों को भी स्वच्छता अपनाने हेतु प्रेरित करें। कचरा डस्टबिन में ही डाला जाएं। गीला सूखा कचरा अलग अलग एकत्र करें और कचरा कलेक्शन वाहनों में दें। हम सभी के प्रयास से स्वच्छ सर्वेक्षण में हमारा सागर शहर 73वें स्थान से 10वें स्थान पर पहुंचा है और आने वाले समय में हम सब का प्रयास इसे प्रथम स्थान हासिल कराना है। शहर को स्वच्छता में अग्रणी बनाने में न केबल नगर निगम प्रशासन बल्कि प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी शहरवासी शहर की स्वच्छता, सुंदरता और शासकीय सम्पति की सुरक्षा में सहभागिता करें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाए।
