सागर । बुंदेलखंड की क्रांति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि स्थापित की एवं होनहार खिलाड़ी अपना टैलेंट दिखाकर नाम रोशन करें। उक्त विचार खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 69वीं शालेय खेल प्रतियोगिता के रंगारंग समापन अवसर पर सागर के खेल परिसर मैदान में व्यक्त किए।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिसके दिल में प्रतिभा होती है, वह कभी पराजित नहीं होता और यह सब कर दिखाया है हमारे सागर संभाग एवं बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने, जिसने अपनी छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया और लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने क्रांति गौड़ से मोबाइल पर चर्चा कर उसे बधाई दी ।

उन्होंने कहा कि पहले एक कहावत थी – “पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब”, किंतु अब यह कहावत बदल गई है – “पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तब भी बनोगे नवाब”, इसलिए खेलना आवश्यक है।
सांसद श्रीमती लता वानखेडे ने कहा कि श्रम, परिश्रम एवं संकल्प के साथ खेलने वाला व्यक्ति कभी हारता नहीं है, इसलिए हमें संकल्प एवं ईमानदारी के साथ खेलना चाहिए।
विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने खेलों के लिए करोड़ों रुपए का बजट उपलब्ध कराया है, जिसके माध्यम से आज हमारे बच्चे आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम को भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने भी संबोधित किया । स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने दिया और प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर श्रीमती संध्या भार्गव, ए. एस. अग्रवाल, डॉ. अनिल तिवारी, श्रीमती आशालता सिलाकारी, सुखदेव मिश्र, रामेश्वर नामदेव, एम. के. चाडार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती निगम, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधीर तिवारी, अभय श्रीवास्तव, देवेंद्र चौबे, शरद गौतम, श्रीमती अंजना पाठक, रविंद्र खाटोल, मनीष नेमा, श्री शशिभूषण तिवारी, समस्त संभागों के जनरल मैनेजर, खिलाड़ी एवं जनसमुदा मौजूद थे। संचालन श्रीमती रचना तिवारी एवं मुकेश तिवारी ने किया, आभार जिला खेल अधिकारी संजय दादर ने माना।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि जिसके दिल में प्रतिभा होती है, वह कभी पराजित नहीं होता और यह सब कर दिखाया है हमारे सागर संभाग एवं बुंदेलखंड की बेटी क्रांति गौड़ ने, जिसने अपनी छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया और लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमने क्रांति गौड़ से मोबाइल पर चर्चा कर उसे बधाई दी ।

उन्होंने कहा कि पहले एक कहावत थी – “पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब”, किंतु अब यह कहावत बदल गई है – “पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तब भी बनोगे नवाब”, इसलिए खेलना आवश्यक है।
सांसद श्रीमती लता वानखेडे ने कहा कि श्रम, परिश्रम एवं संकल्प के साथ खेलने वाला व्यक्ति कभी हारता नहीं है, इसलिए हमें संकल्प एवं ईमानदारी के साथ खेलना चाहिए।
विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने खेलों के लिए करोड़ों रुपए का बजट उपलब्ध कराया है, जिसके माध्यम से आज हमारे बच्चे आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम को भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी ने भी संबोधित किया । स्वागत भाषण जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने दिया और प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर श्रीमती संध्या भार्गव, ए. एस. अग्रवाल, डॉ. अनिल तिवारी, श्रीमती आशालता सिलाकारी, सुखदेव मिश्र, रामेश्वर नामदेव, एम. के. चाडार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती निगम, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधीर तिवारी, अभय श्रीवास्तव, देवेंद्र चौबे, शरद गौतम, श्रीमती अंजना पाठक, रविंद्र खाटोल, मनीष नेमा, श्री शशिभूषण तिवारी, समस्त संभागों के जनरल मैनेजर, खिलाड़ी एवं जनसमुदा मौजूद थे। संचालन श्रीमती रचना तिवारी एवं मुकेश तिवारी ने किया, आभार जिला खेल अधिकारी संजय दादर ने माना।
