सागर । लाखा बंजारा झील किनारे चकराघाट पर आस्था और श्रद्धा के साथ स्वच्छता का समागम तब देखने मिला जब छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान दिनांक 28 अक्टूबर को अपने समापन की ओर था मंगलवार की सुबह छठ व्रतियों द्वारा सूर्य पूजन के बाद नगर निगम आयुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री की अगुवाई में सफाईमित्रों और स्थानीय नागरिकों ने मिलजुल कर छठ घाटों से फूल-पत्ती आदि विसर्जित सामग्री, फलों के छिलके सहित अन्य कचरा एकत्रित किया और कचरा गाड़ी के माध्यम से कचरा उठाकर 1 घंटे में झील के किनारे घाटों की सफाई सुनिश्चित की।

निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्वयं अपने हांथो से झील के पानी सहित आस-पास घाट पर एकत्रित विसर्जन सामग्री उठाकर कचरा गाड़ी में रखी और झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने निगम के सफाईमित्रों व नागरिकों के साथ चकराघाट सहित झील किनारे सफाई करते हुए कहा की प्रत्येक नागरिक अपने हिस्से की स्वच्छता सुनिश्चित करने का संकल्प ले और प्रतिदिन साफ सफाई करने की आदत बना ले। प्रकृति के प्रत्येक अंग का अपना महत्व है जैसे चकरा घाट पर पिछले 4 दिनों से चल रहे छठ पूजा अनुष्ठान के दौरान ढलते सूरज को अर्ग देने के साथ व्रत का आगाज और उगते सूरज की पूजन पश्चात व्रत का समापन हुआ। उन्होंने कहा की यह बिहारी समाज और छठ पर्व को मानने वालों के लिए बड़ी आस्था और श्रद्धा का महापर्व है। आज 1 घंटे के इस सफाई अभियान में मेरे साथ बिहारी समाज और अन्य नागरिकों ने मिलकर घाटों की सफाई की व अपने शहर की स्वच्छता के प्रति जागरूक नागरिक होने की जिम्मेदारी निभाइ। इसके साथ ही उन्होंने कहा की किसी भी उत्सव में बड़े स्तर पर प्रसादी वितरण आदि की जाती है उक्त सभी कार्यों के दौरान सिंगल यूज़ प्लास्टिक, डिस्पोजल सामग्री का उपयोग न करें।
चकराघाट छठ पूजा समिति की सदस्या ने लाखा बंजारा झील किनारे घाटों के सुंदर निर्माण व साफसफाई आदि व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा की हमने 7 वर्ष पहले बहुत छोटे रूप में यहां छठ पूजन का कार्यक्रम प्रारम्भ किया था तब इतनी अच्छी व्यवस्थाएं नहीं थी ।

निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने स्वयं अपने हांथो से झील के पानी सहित आस-पास घाट पर एकत्रित विसर्जन सामग्री उठाकर कचरा गाड़ी में रखी और झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने निगम के सफाईमित्रों व नागरिकों के साथ चकराघाट सहित झील किनारे सफाई करते हुए कहा की प्रत्येक नागरिक अपने हिस्से की स्वच्छता सुनिश्चित करने का संकल्प ले और प्रतिदिन साफ सफाई करने की आदत बना ले। प्रकृति के प्रत्येक अंग का अपना महत्व है जैसे चकरा घाट पर पिछले 4 दिनों से चल रहे छठ पूजा अनुष्ठान के दौरान ढलते सूरज को अर्ग देने के साथ व्रत का आगाज और उगते सूरज की पूजन पश्चात व्रत का समापन हुआ। उन्होंने कहा की यह बिहारी समाज और छठ पर्व को मानने वालों के लिए बड़ी आस्था और श्रद्धा का महापर्व है। आज 1 घंटे के इस सफाई अभियान में मेरे साथ बिहारी समाज और अन्य नागरिकों ने मिलकर घाटों की सफाई की व अपने शहर की स्वच्छता के प्रति जागरूक नागरिक होने की जिम्मेदारी निभाइ। इसके साथ ही उन्होंने कहा की किसी भी उत्सव में बड़े स्तर पर प्रसादी वितरण आदि की जाती है उक्त सभी कार्यों के दौरान सिंगल यूज़ प्लास्टिक, डिस्पोजल सामग्री का उपयोग न करें।
चकराघाट छठ पूजा समिति की सदस्या ने लाखा बंजारा झील किनारे घाटों के सुंदर निर्माण व साफसफाई आदि व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा की हमने 7 वर्ष पहले बहुत छोटे रूप में यहां छठ पूजन का कार्यक्रम प्रारम्भ किया था तब इतनी अच्छी व्यवस्थाएं नहीं थी ।
