उल्लेखनीय है कि डीन डॉ पी एस ठाकुर के कार्यकाल में अब तक पचास सीटों की वृद्धि हुई है।
*सीटों का विस्तृत विवरण*
सत्र 2025-26 में जहाँ कॉलेज में कुल 81 पीजी सीटें थीं, वहीं सत्र 2026-27 में इनमें 29 सीटों की वृद्धि के साथ कुल सीटों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है।
प्रमुख विभागों में सीटों की स्थिति इस प्रकार है:
एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री फार्माकोलॉजी: इन चारों प्री-क्लिनिकल विभागों में पहले 3-3 सीटें थीं, जिनमें 2-2 सीटें बढ़कर अब प्रत्येक में 5-5 सीटें हो गई हैं।
पैथोलॉजी: पैथोलॉजी विभाग में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली है, जहाँ पहले मात्र 2 सीटें थीं और अब 7 सीटों की भारी बढ़ोतरी के साथ कुल 9 सीटें हो गई हैं।
जनरल सर्जरी: इस महत्वपूर्ण क्लिनिकल विभाग में पहले 6 सीटें थीं, जिसमें 5 सीटों का इजाफा होकर अब कुल 11 सीटें हो गई हैं।
जनरल मेडिसिन: यहाँ पहले 9 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 11 सीटें (2 सीटों की वृद्धि) हो गईं हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन & पीडियाट्रिक्स: कम्युनिटी मेडिसिन में 3 सीटें बढ़कर 7 हो गई हैं, और पैडियाट्रिक्स में 1 सीट बढ़कर 5 हो गई है।
रेडियोलॉजी: रेडियोलॉजी विभाग, जिसमें पहले एक भी सीट नहीं थी, वहाँ अब 2 नई सीटें सृजित कर दी गई हैं।
ऑबस्टेट्रीक्स & जिनेकोलॉजी: इस विभाग में 1 सीट की बढ़ोतरी के साथ कुल सीटें 8 हो गई हैं।
मेडिकल कॉलेज में लगातार हो रहे इस विकास और मेडिकल शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के डीन डॉ पी एस ठाकुर के अथक प्रयासों, उच्चाधिकारियों, कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन टीम के निरंतर एवं विशेष प्रयास शामिल हैं। इन सभी के समन्वित प्रयासों का ही यह परिणाम है कि आज सागर का यह प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
इन बढ़ी हुई सीटों से न केवल क्षेत्रीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि मेडिकल के विद्यार्थियों को अपने ही संभाग में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
