सागर। निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहर में संचालित डेयरियों को डेयरी विस्थापन परियोजना हफसिली में आवंटित भूखंडों पर शिफ्ट नहीं करने वाले 23 डेयरी संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

निगमायुक्त श्री खत्री ने आटो से सूबेदार वार्ड पहुंचकर डेयरियों का औचक निरीक्षण किया तथा वहां संचालित पांच डेयरियों के पशुओं को पकड़कर वाहनों के माध्यम से डेयरी विस्थापन परियोजना हफसिली भिजवाया।
निगमायुक्त ने संबंधित डेयरी संचालकों से अपील करते हुए कहा कि जिन संचालकों को हफसिली में भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, वे तत्काल अपनी डेयरियों को निर्धारित स्थल पर शिफ्ट करें। इसके बावजूद शहर में डेयरी संचालित करने अथवा नगर निगम की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने, जुर्माना लगाने और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अतिक्रमण निरोधक टीम को निर्देशित किया कि डेयरियों को निर्धारित स्थल पर विस्थापित कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निगमायुक्त ने कहा कि शहर के भीतर डेयरियों के संचालन से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की आवाजाही से यातायात बाधित होने के साथ नागरिकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। पशुओं के कारण गंदगी फैलने से जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए डेयरियों को निर्धारित विस्थापन स्थल पर शिफ्ट कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में अनधिकृत रूप से डेयरी संचालन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूबेदार वार्ड में कार्रवाई के दौरान कल्लू यादव, राजेश यादव, कुंजी साहू, सुरेश साहू एवं पप्पू साहू की डेयरियों से पशुओं को पकड़कर हफसिली स्थित विस्थापन परियोजना स्थल पर भेजा गया।
निगमायुक्त ने सभी संबंधित डेयरी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे तत्काल अपने आवंटित भूखंडों पर डेयरियां शिफ्ट करें, अन्यथा उनके विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने सहित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर में भौतिक सत्यापन के दौरान पांच या उससे अधिक पशुओं वाली कुल 76 डेयरियां चिह्नित की गई हैं। इनमें से 23 संचालकों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि शेष 53 डेयरी संचालकों को शीघ्र ही शिविर आयोजित कर भूखंड आवंटित किए जाएंगे, ताकि सभी डेयरियों को निर्धारित स्थल पर व्यवस्थित रूप से संचालित कराया जा सके।

निगमायुक्त श्री खत्री ने आटो से सूबेदार वार्ड पहुंचकर डेयरियों का औचक निरीक्षण किया तथा वहां संचालित पांच डेयरियों के पशुओं को पकड़कर वाहनों के माध्यम से डेयरी विस्थापन परियोजना हफसिली भिजवाया।
निगमायुक्त ने संबंधित डेयरी संचालकों से अपील करते हुए कहा कि जिन संचालकों को हफसिली में भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, वे तत्काल अपनी डेयरियों को निर्धारित स्थल पर शिफ्ट करें। इसके बावजूद शहर में डेयरी संचालित करने अथवा नगर निगम की कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने, जुर्माना लगाने और नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अतिक्रमण निरोधक टीम को निर्देशित किया कि डेयरियों को निर्धारित स्थल पर विस्थापित कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निगमायुक्त ने कहा कि शहर के भीतर डेयरियों के संचालन से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की आवाजाही से यातायात बाधित होने के साथ नागरिकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। पशुओं के कारण गंदगी फैलने से जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए डेयरियों को निर्धारित विस्थापन स्थल पर शिफ्ट कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में अनधिकृत रूप से डेयरी संचालन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूबेदार वार्ड में कार्रवाई के दौरान कल्लू यादव, राजेश यादव, कुंजी साहू, सुरेश साहू एवं पप्पू साहू की डेयरियों से पशुओं को पकड़कर हफसिली स्थित विस्थापन परियोजना स्थल पर भेजा गया।
निगमायुक्त ने सभी संबंधित डेयरी संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वे तत्काल अपने आवंटित भूखंडों पर डेयरियां शिफ्ट करें, अन्यथा उनके विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने सहित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शहर में भौतिक सत्यापन के दौरान पांच या उससे अधिक पशुओं वाली कुल 76 डेयरियां चिह्नित की गई हैं। इनमें से 23 संचालकों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि शेष 53 डेयरी संचालकों को शीघ्र ही शिविर आयोजित कर भूखंड आवंटित किए जाएंगे, ताकि सभी डेयरियों को निर्धारित स्थल पर व्यवस्थित रूप से संचालित कराया जा सके।
