सागर। विद्यार्थियों में अध्ययन की रुचि विकसित करने, उनके सामान्य ज्ञान को समृद्ध करने तथा महापुरुषों के जीवन और राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान से परिचित कराने के उद्देश्य से सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को महापुरुषों एवं विभिन्न प्रेरणादायी विषयों पर आधारित पुस्तकों का सेट उपलब्ध कराया।

इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए पुस्तकों का अध्ययन उसके व्यक्तित्व विकास और ज्ञानवृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक शासकीय विद्यालय में बड़ी लाइब्रेरी उपलब्ध हो, इसलिए उन्होंने यह तय किया है कि सागर विधानसभा क्षेत्र के लगभग प्रत्येक शासकीय विद्यालय में 89 पुस्तकों का सेट उपलब्ध कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय में ही प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने का अवसर मिल सके।
उन्होंने बताया कि पुस्तकों के इस संग्रह में स्वामी विवेकानंद, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, छत्रपति शिवाजी महाराज, कारगिल विजय, आर्यभट्ट, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, भारत का संविधान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वीर सावरकर सहित अनेक महापुरुषों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर आधारित पुस्तकें शामिल हैं।
विधायक जैन ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें देश के इतिहास, संस्कृति, संविधान, विज्ञान, अंतरिक्ष, महापुरुषों और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विषयों का भी अध्ययन करना चाहिए। जो विद्यार्थी इन पुस्तकों का गंभीरता से अध्ययन कर लेगा, उसके सामान्य ज्ञान का मुकाबला करना किसी के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और उनमें दी गई प्रेरणादायी बातों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनसे विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं को जाना तथा अंतरिक्ष और विज्ञान जैसे विषयों पर भी उनसे चर्चा की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और विधायक जैन के साथ संवाद किया। विधायक ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा ही उन्हें भविष्य में आगे बढ़ाती है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन और परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सुधीर तिवारी, मनीष नेमा, बीजू थॉमस, बी.एन. मिश्रा, सुनीता जैन सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विधायक शैलेंद्र जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं। प्रत्येक विद्यार्थी के लिए पुस्तकों का अध्ययन उसके व्यक्तित्व विकास और ज्ञानवृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि प्रत्येक शासकीय विद्यालय में बड़ी लाइब्रेरी उपलब्ध हो, इसलिए उन्होंने यह तय किया है कि सागर विधानसभा क्षेत्र के लगभग प्रत्येक शासकीय विद्यालय में 89 पुस्तकों का सेट उपलब्ध कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को विद्यालय में ही प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने का अवसर मिल सके।
उन्होंने बताया कि पुस्तकों के इस संग्रह में स्वामी विवेकानंद, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, छत्रपति शिवाजी महाराज, कारगिल विजय, आर्यभट्ट, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, भारत का संविधान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा वीर सावरकर सहित अनेक महापुरुषों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर आधारित पुस्तकें शामिल हैं।
विधायक जैन ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें देश के इतिहास, संस्कृति, संविधान, विज्ञान, अंतरिक्ष, महापुरुषों और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विषयों का भी अध्ययन करना चाहिए। जो विद्यार्थी इन पुस्तकों का गंभीरता से अध्ययन कर लेगा, उसके सामान्य ज्ञान का मुकाबला करना किसी के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने और उनमें दी गई प्रेरणादायी बातों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनसे विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं को जाना तथा अंतरिक्ष और विज्ञान जैसे विषयों पर भी उनसे चर्चा की। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और विधायक जैन के साथ संवाद किया। विधायक ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा ही उन्हें भविष्य में आगे बढ़ाती है। उन्होंने बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन और परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सुधीर तिवारी, मनीष नेमा, बीजू थॉमस, बी.एन. मिश्रा, सुनीता जैन सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
