सागर। जिले में हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। विधायक शैलेंद्र जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने तथा उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा तैयारी की जा रही है। इस योजना में सागर को भी शामिल किया गया है, जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।

विधायक शैलेंद्र जैन ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार एवं विभिन्न उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल को प्रस्तावित किया गया है। केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर आगे कार्य शुरू किया जाएगा।
सागर की वर्तमान हवाई पट्टी का विस्तार कठिन, नए एयरपोर्ट के लिए भूमि की तलाश
विधायक जैन ने बताया कि सागर की भौगोलिक एवं वर्तमान परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं। सागर में वर्तमान में स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक विस्तार करना अत्यंत कठिन है। इसके चलते सागर में एयरपोर्ट के विकास के लिए वैकल्पिक एवं पर्याप्त भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हवाई पट्टी के आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण एयरपोर्ट निर्माण की कार्रवाई फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थान की तलाश की जा रही है, जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो और वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त एयरपोर्ट विकसित किया जा सके।
विमानन विभाग के प्रमुख सचिव से भी विधायक ने ली जानकारी
विधायक शैलेंद्र जैन ने इस संबंध में विमानन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला से भी चर्चा कर सागर में एयरपोर्ट की स्थिति एवं प्रस्तावित प्रक्रिया की अपडेट जानकारी लेने का प्रयास किया।
विधायक ने बताया कि चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि सागर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण एयरपोर्ट निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सागर में एयरपोर्ट के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होती है, उसके बाद विशेष रूप से सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सागर में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की है और इसके लिए आवश्यक विकल्पों पर लगातार काम किया जा रहा है। भूमि चिन्हांकन एवं उपलब्धता की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को मिलेगा लाभ
विधायक जैन ने कहा कि सागर का एयरपोर्ट के रूप में विकास जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे सागर की देश के अन्य प्रमुख शहरों से हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा एवं निवेश को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सागर बुंदेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और लगातार विकास के2 नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे में हवाई सेवाओं का विस्तार सागर को प्रदेश एवं देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विधायक ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग एवं प्रोत्साहन से सागर में एयरपोर्ट के विकास की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त भूमि की उपलब्धता के साथ ही इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सागर में आधुनिक एयरपोर्ट का विकास न केवल जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन एवं रोजगार विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

विधायक शैलेंद्र जैन ने बताया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू के भोपाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार एवं विभिन्न उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 उन्नत एयर स्ट्रिप्स को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनमें सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया और शहडोल को प्रस्तावित किया गया है। केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलने के बाद इन परियोजनाओं पर आगे कार्य शुरू किया जाएगा।
सागर की वर्तमान हवाई पट्टी का विस्तार कठिन, नए एयरपोर्ट के लिए भूमि की तलाश
विधायक जैन ने बताया कि सागर की भौगोलिक एवं वर्तमान परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं। सागर में वर्तमान में स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक विस्तार करना अत्यंत कठिन है। इसके चलते सागर में एयरपोर्ट के विकास के लिए वैकल्पिक एवं पर्याप्त भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हवाई पट्टी के आसपास पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण एयरपोर्ट निर्माण की कार्रवाई फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थान की तलाश की जा रही है, जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो और वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त एयरपोर्ट विकसित किया जा सके।
विमानन विभाग के प्रमुख सचिव से भी विधायक ने ली जानकारी
विधायक शैलेंद्र जैन ने इस संबंध में विमानन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला से भी चर्चा कर सागर में एयरपोर्ट की स्थिति एवं प्रस्तावित प्रक्रिया की अपडेट जानकारी लेने का प्रयास किया।
विधायक ने बताया कि चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि सागर में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण एयरपोर्ट निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सागर में एयरपोर्ट के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध होती है, उसके बाद विशेष रूप से सागर में एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा सागर में बेहतर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की है और इसके लिए आवश्यक विकल्पों पर लगातार काम किया जा रहा है। भूमि चिन्हांकन एवं उपलब्धता की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को मिलेगा लाभ
विधायक जैन ने कहा कि सागर का एयरपोर्ट के रूप में विकास जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे सागर की देश के अन्य प्रमुख शहरों से हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, चिकित्सा एवं निवेश को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सागर बुंदेलखंड का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और लगातार विकास के2 नए आयाम स्थापित कर रहा है। ऐसे में हवाई सेवाओं का विस्तार सागर को प्रदेश एवं देश के प्रमुख शहरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विधायक ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग एवं प्रोत्साहन से सागर में एयरपोर्ट के विकास की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पर्याप्त भूमि की उपलब्धता के साथ ही इस दिशा में प्रभावी कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सागर में आधुनिक एयरपोर्ट का विकास न केवल जिले बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन एवं रोजगार विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
