सागर । निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने निर्देश दिए हैं कि नगर निगम सीमा क्षेत्र में संचालित जिन डेयरी संचालकों को डेयरी विस्थापन परियोजना अंतर्गत रतौना, हफसिली में भू-खण्ड आवंटित किए गए हैं, वे यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर अपनी डेयरी का विस्थापन नहीं करते हैं, तो संबंधित भू-खण्ड का आवंटन निरस्त कर उनकी जमा राशि राजसात कर ली जाएगी।

नगर निगम द्वारा डेयरी विस्थापन परियोजना के तहत डेयरी संचालकों को उनके पशुओं की संख्या के आधार पर सशर्त अस्थायी भू-खण्ड आवंटित किए गए थे। आवंटन की शर्तों के अनुसार प्रत्येक डेयरी संचालक को 15 दिवस के भीतर स्वयं शेड निर्माण कर डेयरी विस्थापन स्थल पर डेयरी संचालन प्रारंभ करना था।
नगर निगम द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी कर लिखित एवं मौखिक रूप से निर्देश दिए जाने के बावजूद अनेक डेयरी संचालकों द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया है तथा लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
निगमायुक्त ने सभी डिफॉल्टर डेयरी संचालकों को अंतिम अवसर देते हुए निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर आवंटित भू-खण्ड पर शेड निर्माण पूर्ण कर अपने पशुओं को विस्थापित करते हुए डेयरी संचालन प्रारंभ करें तथा जियो-टैग फोटोग्राफ सहित इसकी सूचना नगर निगम कार्यालय को प्रस्तुत करें।
निर्धारित समय-सीमा के बाद भी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले डेयरी संचालकों का आवंटन स्वतः निरस्त कर उनकी जमा राशि राजसात कर ली जाएगी। ऐसे भू-खण्ड पात्र नए डेयरी संचालकों को आवंटित किए जाएंगे। यदि कोई डेयरी संचालक निगम सीमा क्षेत्र में पशु रखकर डेयरी संचालित करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित डेयरी संचालक की होगी।

नगर निगम द्वारा डेयरी विस्थापन परियोजना के तहत डेयरी संचालकों को उनके पशुओं की संख्या के आधार पर सशर्त अस्थायी भू-खण्ड आवंटित किए गए थे। आवंटन की शर्तों के अनुसार प्रत्येक डेयरी संचालक को 15 दिवस के भीतर स्वयं शेड निर्माण कर डेयरी विस्थापन स्थल पर डेयरी संचालन प्रारंभ करना था।
नगर निगम द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी कर लिखित एवं मौखिक रूप से निर्देश दिए जाने के बावजूद अनेक डेयरी संचालकों द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया है तथा लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
निगमायुक्त ने सभी डिफॉल्टर डेयरी संचालकों को अंतिम अवसर देते हुए निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर आवंटित भू-खण्ड पर शेड निर्माण पूर्ण कर अपने पशुओं को विस्थापित करते हुए डेयरी संचालन प्रारंभ करें तथा जियो-टैग फोटोग्राफ सहित इसकी सूचना नगर निगम कार्यालय को प्रस्तुत करें।
निर्धारित समय-सीमा के बाद भी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले डेयरी संचालकों का आवंटन स्वतः निरस्त कर उनकी जमा राशि राजसात कर ली जाएगी। ऐसे भू-खण्ड पात्र नए डेयरी संचालकों को आवंटित किए जाएंगे। यदि कोई डेयरी संचालक निगम सीमा क्षेत्र में पशु रखकर डेयरी संचालित करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित डेयरी संचालक की होगी।
