सागर । गढ़ाकोटा में न्याय व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में गढ़ाकोटा को 17 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक व्यवहार न्यायालय भवन की सौगात मिली। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने इस नवीन न्यायालय भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति विशाल धगत भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर करीब 1.68 हेक्टेयर भूमि में निर्मित इस आधुनिक न्यायालय परिसर का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 6,210 वर्गमीटर है। लोक निर्माण विभाग और न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में बने इस भवन में न्यायिक कार्यों को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
भवन में तीन आधुनिक कोर्ट रूम, ई-फाइलिंग सेंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, सेंट्रल रिकॉर्ड रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और नजारत शाखा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा न्यायाधीशों के विश्राम कक्ष, सरकारी और लोक अभियोजकों के लिए अलग कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुविधायुक्त कमरे तथा लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है।
आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर को पूरी तरह दिव्यांग अनुकूल बनाया गया है। रैंप, विशेष शौचालय, स्वच्छ पेयजल, प्रतीक्षालय, महिला एवं पुरुष शौचालय के साथ छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं के लिए क्रेच रूम की भी व्यवस्था की गई है। महिला पीड़ितों के लिए अलग कक्ष और सुरक्षा के लिए गार्ड रूम भी बनाया गया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.के. शर्मा ने समय-समय पर निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की।
लोकार्पण समारोह में न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्तागण और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने विश्वास जताया कि ई-फाइलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं से गढ़ाकोटा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ न्याय मिल सकेगा।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं सागर जिले के पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति विशाल धगत भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सागर-गढ़ाकोटा मार्ग पर करीब 1.68 हेक्टेयर भूमि में निर्मित इस आधुनिक न्यायालय परिसर का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 6,210 वर्गमीटर है। लोक निर्माण विभाग और न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में बने इस भवन में न्यायिक कार्यों को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
भवन में तीन आधुनिक कोर्ट रूम, ई-फाइलिंग सेंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, सेंट्रल रिकॉर्ड रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और नजारत शाखा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा न्यायाधीशों के विश्राम कक्ष, सरकारी और लोक अभियोजकों के लिए अलग कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुविधायुक्त कमरे तथा लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है।
आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर को पूरी तरह दिव्यांग अनुकूल बनाया गया है। रैंप, विशेष शौचालय, स्वच्छ पेयजल, प्रतीक्षालय, महिला एवं पुरुष शौचालय के साथ छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिलाओं के लिए क्रेच रूम की भी व्यवस्था की गई है। महिला पीड़ितों के लिए अलग कक्ष और सुरक्षा के लिए गार्ड रूम भी बनाया गया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एम.के. शर्मा ने समय-समय पर निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित की।
लोकार्पण समारोह में न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अधिवक्तागण और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने विश्वास जताया कि ई-फाइलिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाओं से गढ़ाकोटा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अब पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और सुलभ न्याय मिल सकेगा।
