सागर। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के वैली कैंपस के पास एक संदिग्ध कार से करीब 20 किलोग्राम चांदी के जेवरात जब्त किए हैं। यह कार्रवाई दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। चर्चा है कि पुलिस को इस रोड से गांजे की तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके लिए नाकेबंदी की गई थी; लेकिन इस बीच चांदी से लदी यह गाड़ी पुलिस के हत्थे चढ़ गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाकेबंदी के दौरान शहर की ओर से आ रही इस काले रंग का कार का नंबर उज्जैन पासिंग होने के कारण संदेह के आधार पर उसे रोका गया। वाहन को शैलेंद्र जैन नामक व्यक्ति चला रहा था, जबकि कार में उनके साथ अमन सोनी और सुखदेव सोनी भी सवार थे। ये तीनों शहर के सराफा बाजार व आसपास के निवासी हैं। कार सवार लोगों का कहना था कि हम लोग ये माल सुरखी के सराफा दुकानदार को बेचने ले जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की पिछली सीट पर कपड़े की चादर से ढककर बॉक्स रखे गए थे, जिनमें भारी मात्रा में चांदी की पायल, बिछिया और करधन जैसे जेवरात मौजूद थे।
थाना प्रभारी आनंद सिंह गाड़ी और जेवरात को जब्त कर सिविल लाइंस थाने ले आए। हालांकि, कार में सवार व्यापारियों का स्पष्ट दावा है कि सारा माल पूरी तरह से वैध है। हम लोगों ने पुलिस के समक्ष जेवरात से जुड़े बिल और दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए हैं।
पुलिस अब व्यापारियों द्वारा सौंपे गए इन बिलों और कागजात की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता और टैक्स चोरी की आशंका को देखते हुए जीएसटी (माल एवं सेवा कर) विभाग को सूचना दे दी गई है। फिलहाल दस्तावेज़ों की कड़ियों को खंगाला जा रहा है ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नाकेबंदी के दौरान शहर की ओर से आ रही इस काले रंग का कार का नंबर उज्जैन पासिंग होने के कारण संदेह के आधार पर उसे रोका गया। वाहन को शैलेंद्र जैन नामक व्यक्ति चला रहा था, जबकि कार में उनके साथ अमन सोनी और सुखदेव सोनी भी सवार थे। ये तीनों शहर के सराफा बाजार व आसपास के निवासी हैं। कार सवार लोगों का कहना था कि हम लोग ये माल सुरखी के सराफा दुकानदार को बेचने ले जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की पिछली सीट पर कपड़े की चादर से ढककर बॉक्स रखे गए थे, जिनमें भारी मात्रा में चांदी की पायल, बिछिया और करधन जैसे जेवरात मौजूद थे।
थाना प्रभारी आनंद सिंह गाड़ी और जेवरात को जब्त कर सिविल लाइंस थाने ले आए। हालांकि, कार में सवार व्यापारियों का स्पष्ट दावा है कि सारा माल पूरी तरह से वैध है। हम लोगों ने पुलिस के समक्ष जेवरात से जुड़े बिल और दस्तावेज़ भी प्रस्तुत किए हैं।
पुलिस अब व्यापारियों द्वारा सौंपे गए इन बिलों और कागजात की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता और टैक्स चोरी की आशंका को देखते हुए जीएसटी (माल एवं सेवा कर) विभाग को सूचना दे दी गई है। फिलहाल दस्तावेज़ों की कड़ियों को खंगाला जा रहा है ।
