सागर। जिला अधिवक्ता संघ,डॉ सर हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय एल्यूमिनी एसोसिएशन, वितरक एसोसिएशन, कैटरिंग एसोसिएशन संघ,कैट एसोसिएशन, प्राइवेट नर्सिंग होम एसोसिएशन के सभी पदाधिकारीयो ने डॉ सर हरि सिंह गौर जी की जयंती के पूर्व कुलपति प्रो वायएस ठाकुर से मुलाकात कर गौर जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वाय एस ठाकुर ने कहा कि महादानी डॉक्टर सर हरि सिंह गौर द्वारा अपने जीवन की पूरी पूंजी विश्वविद्यालय में लगा दी। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष अनुसार बड़े हर्षोल्लास से मनाई जावेगी। आप सभी एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी भी डॉ सर हरि सिंह गौर की जयंती के कार्यक्रम की तैयारियां करें।
वरिष्ठ समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि डॉ सर हरि सिंह गौर हम सभी के लिए श्रद्धा का केंद्र है। सागर के समाजसेवियो और डॉक्टर गौर में श्रद्धा रखने वाले लोगों को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ वाय एस ठाकुर जी ने पहल की मैं उनका साधुवाद करता हूं। डॉ सर हरि सिंह गौर को भारत रत्न मिले जो कि हम सभी की मांग है उसको लेकर कैबिनेट एवं विधानसभा से प्रस्ताव पास हो इसके लिए कार्य करूंगा।आने वाली 26 नवंबर को डॉक्टर गौर की जन्म जयंती पर अगर प्रत्येक घर में दीपक जले तो यह डॉक्टर गौर के लिए सागरवासियों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि सागर शहर ही नहीं बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए डाॅ. हरिसिंह गौर की जयंती किसी उत्सव से कम नहीं होती है। जिले में जहां उन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी दान कर यूनिवर्सिटी की स्थापना की और यह केवल उत्सव नहीं बल्कि सागर का गौरव उत्सव है इसलिए इसे धूमधाम से मनाया जावेगा।
कैट के अध्यक्ष समाजसेवी सुरेंद्र जैन माल्थोन ने कहा कि डॉ सर हरि सिंह गौर की जयंती पर जो रैली निकाली जाती है उसके माध्यम से गौर साहब को भारत रत्न देने की बात रखी जावे।
प्रो जे के जैन ने कहा कि डॉ.गौर शहर के गौरव बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने सागर शहर जो कि शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत पिछड़ा था। इसके लिए सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की। सर गौर सागर ही नहीं पूरे देश के गौरव हैं और उनकी जयंती ऐसी मने जावे जिसे इतिहास याद रखे। जिसका हम सभी प्रयास कर रहे हैं। एल्यूमनी एसोसिएशन के सचिव अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि धन संग्रह बुरा नहीं अगर वह राष्ट्रहित, समाज हित या किसी अन्य अच्छे उद्देश्य के लिये किया जाये। इसी तरह डा. हरिसिंह गौर ने आजीवन संग्रह किया और एक अच्छे उद्देश्य के लिये, शिक्षा द्वारा समाज के उत्थान के लिये, अपने जन्म स्थान पर एक ऐसा विशाल विश्वविद्यालय बना दिया जिससे लाखों लोगों को लाभ हो रहा है और आने बाली पीढ़ियों को सतत होता रहेगा। अपने इस महान कार्य के द्वारा डाक्टर ग़ौर साहब सदा अमर रहेंगे,और हम सब तथा आने बाली पीढ़ियां सदा उनका गुणगान करती रहेंगी।
सुरेंद्र सुहाने ने कहा कि डॉ. सर गौर ने धन से ऊपर शिक्षा की अलख जगाते हुए बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र को ज्ञान के सागर से भरने का बीड़ा उठाया और स्वयं के कमाए धन और निजी संपत्ति से स्थापित किया जाने वाला भारत का पहला विश्वविद्यालय स्थापित किया। ऐसे महान दानी डॉक्टर हरि सिंह गौर की जयंती को बड़ी धूम से मनाया जावे इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है।
आभार डॉक्टर सर हरि सिंह गौर जयंती के समन्वयक आशीष वर्मा ने माना।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के सचिव वीरेंद्र सिंह, विवेक तिवारी अधिवक्ता दीपक पौराणिक, आई एम ए के पूर्व अध्यक्ष संजोत महेश्वरी, सुनील सिंह भदोरिया,सुरेश सोमानी, संदीप सोनी,सृजन सुहाने, साकेत शर्मा,प्रभात जैन, सीताराम पाठक आदि उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वाय एस ठाकुर ने कहा कि महादानी डॉक्टर सर हरि सिंह गौर द्वारा अपने जीवन की पूरी पूंजी विश्वविद्यालय में लगा दी। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष अनुसार बड़े हर्षोल्लास से मनाई जावेगी। आप सभी एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी भी डॉ सर हरि सिंह गौर की जयंती के कार्यक्रम की तैयारियां करें।
वरिष्ठ समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि डॉ सर हरि सिंह गौर हम सभी के लिए श्रद्धा का केंद्र है। सागर के समाजसेवियो और डॉक्टर गौर में श्रद्धा रखने वाले लोगों को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ वाय एस ठाकुर जी ने पहल की मैं उनका साधुवाद करता हूं। डॉ सर हरि सिंह गौर को भारत रत्न मिले जो कि हम सभी की मांग है उसको लेकर कैबिनेट एवं विधानसभा से प्रस्ताव पास हो इसके लिए कार्य करूंगा।आने वाली 26 नवंबर को डॉक्टर गौर की जन्म जयंती पर अगर प्रत्येक घर में दीपक जले तो यह डॉक्टर गौर के लिए सागरवासियों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि सागर शहर ही नहीं बल्कि पूरे बुंदेलखंड के लिए डाॅ. हरिसिंह गौर की जयंती किसी उत्सव से कम नहीं होती है। जिले में जहां उन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी दान कर यूनिवर्सिटी की स्थापना की और यह केवल उत्सव नहीं बल्कि सागर का गौरव उत्सव है इसलिए इसे धूमधाम से मनाया जावेगा।
कैट के अध्यक्ष समाजसेवी सुरेंद्र जैन माल्थोन ने कहा कि डॉ सर हरि सिंह गौर की जयंती पर जो रैली निकाली जाती है उसके माध्यम से गौर साहब को भारत रत्न देने की बात रखी जावे।
प्रो जे के जैन ने कहा कि डॉ.गौर शहर के गौरव बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने सागर शहर जो कि शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत पिछड़ा था। इसके लिए सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की। सर गौर सागर ही नहीं पूरे देश के गौरव हैं और उनकी जयंती ऐसी मने जावे जिसे इतिहास याद रखे। जिसका हम सभी प्रयास कर रहे हैं। एल्यूमनी एसोसिएशन के सचिव अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि धन संग्रह बुरा नहीं अगर वह राष्ट्रहित, समाज हित या किसी अन्य अच्छे उद्देश्य के लिये किया जाये। इसी तरह डा. हरिसिंह गौर ने आजीवन संग्रह किया और एक अच्छे उद्देश्य के लिये, शिक्षा द्वारा समाज के उत्थान के लिये, अपने जन्म स्थान पर एक ऐसा विशाल विश्वविद्यालय बना दिया जिससे लाखों लोगों को लाभ हो रहा है और आने बाली पीढ़ियों को सतत होता रहेगा। अपने इस महान कार्य के द्वारा डाक्टर ग़ौर साहब सदा अमर रहेंगे,और हम सब तथा आने बाली पीढ़ियां सदा उनका गुणगान करती रहेंगी।
सुरेंद्र सुहाने ने कहा कि डॉ. सर गौर ने धन से ऊपर शिक्षा की अलख जगाते हुए बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र को ज्ञान के सागर से भरने का बीड़ा उठाया और स्वयं के कमाए धन और निजी संपत्ति से स्थापित किया जाने वाला भारत का पहला विश्वविद्यालय स्थापित किया। ऐसे महान दानी डॉक्टर हरि सिंह गौर की जयंती को बड़ी धूम से मनाया जावे इसकी जिम्मेदारी हम सभी की है।
आभार डॉक्टर सर हरि सिंह गौर जयंती के समन्वयक आशीष वर्मा ने माना।
इस अवसर पर अधिवक्ता संघ के सचिव वीरेंद्र सिंह, विवेक तिवारी अधिवक्ता दीपक पौराणिक, आई एम ए के पूर्व अध्यक्ष संजोत महेश्वरी, सुनील सिंह भदोरिया,सुरेश सोमानी, संदीप सोनी,सृजन सुहाने, साकेत शर्मा,प्रभात जैन, सीताराम पाठक आदि उपस्थित रहे।
