सागर । कमरदर्द और साइटिका के लिए कुछ साल पहले नागपुर में सर्जरी करवा कर लौटे एक बुजुर्ग कामता प्रसाद यादव ,जिनकी उम्र पैंसठ वर्ष थी , जब उनको कमरदर्द और नितंब में जकड़न को लाभ नहीं मिला तो उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया एवं पेन क्लिनिक विभाग में सम्पर्क किया.

पिछले तीन साल से हर साल उन्हें एक इंजेक्शन रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में ,सी आर्म मशीन में देखकर लगाया जाता है और वो तकरीबन एक से डेढ़ साल के लिए दर्द से मुक्त हो जाते है.ताजा ताजा लगे कोडल ऐपिड्यूरल इंजेक्शन नाम के इंजेक्शन से ,जिसको एक्स रे किरणों के आधार पर देखते हुए लगाया था,से मरीज को बहुत लाभ है. उक्त इंजेक्शन डॉ शशिबाला चौधरी द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो डा सर्वेश जैन की निर्देशन में लगाया. एक घंटे बाद मरीज घर चला गया.

पिछले तीन साल से हर साल उन्हें एक इंजेक्शन रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में ,सी आर्म मशीन में देखकर लगाया जाता है और वो तकरीबन एक से डेढ़ साल के लिए दर्द से मुक्त हो जाते है.ताजा ताजा लगे कोडल ऐपिड्यूरल इंजेक्शन नाम के इंजेक्शन से ,जिसको एक्स रे किरणों के आधार पर देखते हुए लगाया था,से मरीज को बहुत लाभ है. उक्त इंजेक्शन डॉ शशिबाला चौधरी द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो डा सर्वेश जैन की निर्देशन में लगाया. एक घंटे बाद मरीज घर चला गया.
*रीढ़ की हड्डी या साइटिका के ऑपरेशन के बाद कई बार दर्द कम होने की जगह बढ़ जाता है. हमारी पेन क्लिनिक में रोजाना ऐसे मरीज आते है. ऐसे सारे मरीज जिनकी कमरदर्द या साइटिका है ऐपिड्यूरल इंजेक्शन से भली भांति ठीक हो सकते है*
प्रो डॉ सर्वेश जैन,इंचार्ज पेन क्लिनिक ,बीएमसी
