सागर ! शहर के यातायात को नई दिशा देने वाले निर्माणाधीन वेस्टर्न बायपास (NH-146) के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने आज कलेक्टर दिलीप यादव स्वयं निर्माण स्थल पहुंचे। लेहदरा से बरखेड़ी गुरु तक प्रस्तावित इस 20.19 किमी लंबे मार्ग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और प्रभावित भू-स्वामियों के मुआवजा वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री यादव ने बायपास मार्ग का लेआउट देखा और प्रस्तावित फ्लाईओवर, रैंप तथा अधिग्रहित जमीनों का विस्तृत विवरण लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रभावित गांवों के किसानों एवं भू-स्वामियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुआवजा राशि की गणना और वितरण में कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए। फौती, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार तथा सिंचित-असिंचित भूमि से जुड़ी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। जिन मृतक भू-स्वामियों के मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची तत्काल पेश करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते वाले लंबित प्रकरणों का त्वरित निपटारा हो।
कलेक्टर श्री यादव ने यह भी निर्देश दिये कि बायपास को सर्वसुविधायुक्त और सुरक्षित बनाया जाए। वन क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के दोनों ओर बाउंड्री वॉल और जालीदार फेंसिंग लगाई जाए, साथ ही जरूरत के अनुसार रिटेनिंग वॉल बनाई जाए। मुख्य रोड क्रॉसिंग पर भविष्य के यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए सभी जगह साइनेज और ट्रैफिक कंट्रोल संरचनाएं विकसित की जाएं। उन्होंने पीएचई, राजस्व, एनएच सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि 688.31 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 20.19 किमी लंबे बायपास का निर्माण एम एस आर्केन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सागर शहर को भारी यातायात से मुक्ति दिलाते हुए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से सीधे जोड़ना है। निरीक्षण के दौरान पीडी एनएचएआई मृदुल राकेश मिश्रा, एसडीएम सागर रोहित वर्मा, एसडीएम जैसीनगर नवीन सिंह ठाकुर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री यादव ने बायपास मार्ग का लेआउट देखा और प्रस्तावित फ्लाईओवर, रैंप तथा अधिग्रहित जमीनों का विस्तृत विवरण लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रभावित गांवों के किसानों एवं भू-स्वामियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुआवजा राशि की गणना और वितरण में कोई त्रुटि नहीं होनी चाहिए। फौती, नामांतरण, सीमांकन, नक्शा सुधार तथा सिंचित-असिंचित भूमि से जुड़ी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। जिन मृतक भू-स्वामियों के मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनकी सूची तत्काल पेश करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आपसी समझौते वाले लंबित प्रकरणों का त्वरित निपटारा हो।
कलेक्टर श्री यादव ने यह भी निर्देश दिये कि बायपास को सर्वसुविधायुक्त और सुरक्षित बनाया जाए। वन क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के दोनों ओर बाउंड्री वॉल और जालीदार फेंसिंग लगाई जाए, साथ ही जरूरत के अनुसार रिटेनिंग वॉल बनाई जाए। मुख्य रोड क्रॉसिंग पर भविष्य के यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए सभी जगह साइनेज और ट्रैफिक कंट्रोल संरचनाएं विकसित की जाएं। उन्होंने पीएचई, राजस्व, एनएच सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि 688.31 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 20.19 किमी लंबे बायपास का निर्माण एम एस आर्केन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सागर शहर को भारी यातायात से मुक्ति दिलाते हुए नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से सीधे जोड़ना है। निरीक्षण के दौरान पीडी एनएचएआई मृदुल राकेश मिश्रा, एसडीएम सागर रोहित वर्मा, एसडीएम जैसीनगर नवीन सिंह ठाकुर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी और निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
