भाजपा कार्यालय बांदरी, भाजपा कार्यालय मालथौन, ग्राम मुड़िया (धनौरा) स्थित सामुदायिक भवन (पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास) तथा खुरई नगर एवं ग्रामीण मंडल, ऑफिसर कॉलोनी खुरई में आयोजित बैठकों में अविराज सिंह ने कहा कि पार्टी की विचारधारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा बोए गए जनसंघ के बीज से प्रारंभ होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ सिद्धांत से विकसित हुई और अटल बिहारी वाजपेयी के लोकतांत्रिक मूल्यों व संवाद के माध्यम से जन-जन तक पहुंची। उन्होंने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे ने संगठन की मजबूत नींव रखी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संगठन विस्तार में अमित शाह के नेतृत्व ने भाजपा को वैश्विक पहचान दिलाई।
उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल आत्मा उसकी पांच निष्ठाओंकृराष्ट्रवाद, लोकतंत्र, गांधीवादी समाजवाद, सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता और मूल्य आधारित राजनीतिकृमें निहित है, जिन पर कार्यकर्ताओं को सदैव अडिग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1984 में मात्र 2 सीटों से प्रारंभ हुआ यह सफर आज 303 सीटों तक पहुंच चुका है, जो यह सिद्ध करता है कि भाजपा का विकास केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि विचार, संगठन और कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है। आज देश में लगातार 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है और अनेक राज्यों में भाजपा-नीत सरकारें विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
अविराज सिंह ने कहा कि भाजपा की यात्रा केवल सत्ता तक पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास की कहानी है जिसमें अंतिम पंक्ति का व्यक्ति भी स्वयं को राष्ट्र निर्माण का सहभागी मानता है। उन्होंने कहा कि ‘अंत्योदय’ भाजपा का मूल मंत्र है, जिसके माध्यम से गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों तक विकास पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है और जनधन योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 का उन्मूलन, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियान भाजपा की वैचारिक प्रतिबद्धता और मजबूत नेतृत्व का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश को कौशल आधारित और आत्मनिर्भर शिक्षा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे भारत के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
अविराज सिंह ने कहा कि भाजपा का आंतरिक लोकतंत्र उसे अन्य राजनीतिक दलों से अलग बनाता है, जहां एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी निष्ठा और परिश्रम के बल पर शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि संगठन की सबसे छोटी इकाई ‘बूथ’ है और बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही भाजपा की असली ताकत है, जो चुनाव जीतने के साथ-साथ राष्ट्रवाद की विचारधारा को सशक्त करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘पंच-प्राण’कृविकसित भारत का लक्ष्य, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता और कर्तव्य पालनकृभाजपा की भावी कार्ययोजना का आधार हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा “राष्ट्र प्रथम, फिर दल और अंत में स्वयं” के सिद्धांत पर कार्य करती है, जो इसे एक विशिष्ट और अनुशासित राजनीतिक संगठन बनाता है।
अविराज सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भी कार्यकर्ता आधारित संगठन संस्कृति के कारण विकास और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और वरिष्ठों के अनुभव का समन्वय ही भाजपा की सफलता का मूल आधार है और यही संतुलन संगठन को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, वैचारिक गोष्ठियों और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें केवल ‘वोट कार्यकर्ता’ नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रहरी’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो देश की चुनौतियों को समझते हुए उनके समाधान में भागीदारी निभाते हैं।
