सागर । शहर में बढ़ते तापमान को देखते हुए निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री के निर्देशानुसार विभिन्न चौराहों पर विशाल मशीनों द्वारा पानी की फुहार छोड़कर ठंडक बनाये रखने का प्रयास पहले ही किया जा रहा था। बुधवार को निगमायुक्त श्री खत्री ने कटरा बाजार के डिवाइडर सहित जय स्तम्भ के पास लगे फव्वारे चालू कराये। इसके साथ ही शहर में जितने भी फव्वारे नगर पालिक निगम द्वारा संचालित हैं उनका बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की भीषण गर्मी के दौरान फव्वारे के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों को थोड़ी बहुत ठंडक का अहसास होगा। इनके आसपास का तापमान अन्य स्थलों से कुछ कम होगा इससे नागरिकों को राहत मिलेगी। फव्वारे डस्ट पार्टिकल कम करके वायु गुणवत्ता सुधारने और स्वच्छता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण हैं। शहर के सभी फव्वारे चालू हो यह सुनिश्चित करें। फाउंटेन के टैंक की नियमित सफाई एवं स्वच्छ पानी हेतु समय पर पानी की पूर्ति सुनिश्चित करें।

निगमायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों का जायजा लेते हुये इंद्रानेत्र चिकित्सालय सुभाषनगर ब्रिज के पास बने 3R सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने 3R सेंटर में एकत्र पुरानी वस्तुओं की विस्तार से जानकारी ली एवं इन्हे पुनः उपयोग कैसे किया जा रहा है इसके बारे में जाना। 3R संचालक द्वारा बताया गया की स्थानीय नागरिकों और अन्य लोगों के द्वारा अपने घरों की अनुपयोगी कॉपी किताबें, कपड़े, बर्तन, क्रॉकरी, खिलौने आदि यहां पुनःउपयोग के उद्देश्य से दान किये गए हैं। यहां रखी वस्तुएँ जरूरतमंद लोगों को दी जाती हैं। जानकार जरूरतमंद लोग यहां आकार अपनी आवश्यकता की वस्तु यहां से ले जाते हैं। इससे पुरानी वस्तुओं को कचरा बनने से रोकने में महत्वपूर्ण सहयोग के साथ-साथ रिड्यूस, रीयूज़, रीसायकल की धारणा को बढ़ावा मिल रहा है। नागरिकों को कचरे को कम करें, वस्तुओं का पुनः उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें यह संदेश यहां से दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और कचरे की समस्या से निपटने का एक महत्वपूर्ण कदम है। निगमायुक्त ने शहर में बने सभी 3R सेंटरों के बेहतर संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की नेकी की दीवार, नेकी का पेड़ और 3R सेंटर जैसे प्रकल्प कचरे को कम करने और जरूरत मंदों की आवश्यकतापूर्ति का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा की हम नागरिकों के लिए अनुपयोगी हो चुकी सामग्री किसी जरूरतमंद की आवश्यकता हो सकती है उसे सही जगह पहुंचाने में सहयोगी बने। अक्सर घरों में अनुपयोगी पड़ी रहने वाली वस्तुएँ कुछ समय बाद कचरे में तब्दील हो जाती है और उन्हें बेकार समझकर कूड़े में फेक दिया जाता है, यदि हम समय रहते अपनी अनुपयोगी वस्तुओं जैसे कॉपी किताब, स्टेशनरी, कपड़े, बर्तन, प्लास्टिक डिब्बे, खिलोने, लकड़ी या लोहे की सामग्री आदि अन्य सामग्री ऐसे 3R सेंटरों में पंहुचा दें तो ये चीजें किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियाँ ला सकता है। इससे अनुपयोगी वास्तु का पुनःउपयोग होगा और कचरे का उत्पादन स्वतः कम होने लगेगा।
निगमायुक्त ने शहर में विभिन्न स्थलों पर की गई पेंटिंग और कबाड़ से जुगाड़ कर निर्मित वस्तुओं के प्रदर्शन का अवलोकन किया। उन्होंने टायरों से निर्मित जिराफ और चाय केटली आदि रचनाओं से सजे सेल्फीपॉइंट का निरीक्षण कर स्वयं सेल्फी खिचवाई। उन्होंने राहतगढ़ ब्रिज के पास स्थापित कबाड़ से जुगाड़ कर बनी तोप और इसके आसपास स्वच्छता व्यवस्था देखी इसके साथ ही अप्सरा अंडरब्रिज के पास नाला, अम्बेडकर चौक, राधा तिराहा, शीतलामाता मंदिर के पास नाला, कनेरादेव सड़क सहित संजय ड्राइव रोड का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिये।
भगतसिंह वार्ड में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुये विभिन्न कमियों को देखकर निगमायुक्त ने उक्त वार्ड के दरोगा प्रकाश ताम्रकार को कारण बताओ नोटिस देने और समय पर उचित जबाब प्रस्तुत न करने की स्थिति में वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की स्वच्छ सर्वेक्षण देशव्यापी महत्पूर्ण प्रतिस्पर्धा है इसका सीधा प्रभाव नागरिकों पर पड़ता है ऐसे में स्वच्छता का एक भी पहलु नहीं छूटना चाहिए, निगमकर्मी हों या नागरिक सभी स्वच्छता को लेकर सजग रहें। हम सभी का एक ही प्रयास हो की “सागर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाना है” सभी सागरवासी सहभागिता करें और सक्रीय भूमिका निभाते हुए देश में सागर को स्वच्छता में सिरमौर बनाएं।

निगमायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों का जायजा लेते हुये इंद्रानेत्र चिकित्सालय सुभाषनगर ब्रिज के पास बने 3R सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने 3R सेंटर में एकत्र पुरानी वस्तुओं की विस्तार से जानकारी ली एवं इन्हे पुनः उपयोग कैसे किया जा रहा है इसके बारे में जाना। 3R संचालक द्वारा बताया गया की स्थानीय नागरिकों और अन्य लोगों के द्वारा अपने घरों की अनुपयोगी कॉपी किताबें, कपड़े, बर्तन, क्रॉकरी, खिलौने आदि यहां पुनःउपयोग के उद्देश्य से दान किये गए हैं। यहां रखी वस्तुएँ जरूरतमंद लोगों को दी जाती हैं। जानकार जरूरतमंद लोग यहां आकार अपनी आवश्यकता की वस्तु यहां से ले जाते हैं। इससे पुरानी वस्तुओं को कचरा बनने से रोकने में महत्वपूर्ण सहयोग के साथ-साथ रिड्यूस, रीयूज़, रीसायकल की धारणा को बढ़ावा मिल रहा है। नागरिकों को कचरे को कम करें, वस्तुओं का पुनः उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें यह संदेश यहां से दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और कचरे की समस्या से निपटने का एक महत्वपूर्ण कदम है। निगमायुक्त ने शहर में बने सभी 3R सेंटरों के बेहतर संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की नेकी की दीवार, नेकी का पेड़ और 3R सेंटर जैसे प्रकल्प कचरे को कम करने और जरूरत मंदों की आवश्यकतापूर्ति का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा की हम नागरिकों के लिए अनुपयोगी हो चुकी सामग्री किसी जरूरतमंद की आवश्यकता हो सकती है उसे सही जगह पहुंचाने में सहयोगी बने। अक्सर घरों में अनुपयोगी पड़ी रहने वाली वस्तुएँ कुछ समय बाद कचरे में तब्दील हो जाती है और उन्हें बेकार समझकर कूड़े में फेक दिया जाता है, यदि हम समय रहते अपनी अनुपयोगी वस्तुओं जैसे कॉपी किताब, स्टेशनरी, कपड़े, बर्तन, प्लास्टिक डिब्बे, खिलोने, लकड़ी या लोहे की सामग्री आदि अन्य सामग्री ऐसे 3R सेंटरों में पंहुचा दें तो ये चीजें किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियाँ ला सकता है। इससे अनुपयोगी वास्तु का पुनःउपयोग होगा और कचरे का उत्पादन स्वतः कम होने लगेगा।
निगमायुक्त ने शहर में विभिन्न स्थलों पर की गई पेंटिंग और कबाड़ से जुगाड़ कर निर्मित वस्तुओं के प्रदर्शन का अवलोकन किया। उन्होंने टायरों से निर्मित जिराफ और चाय केटली आदि रचनाओं से सजे सेल्फीपॉइंट का निरीक्षण कर स्वयं सेल्फी खिचवाई। उन्होंने राहतगढ़ ब्रिज के पास स्थापित कबाड़ से जुगाड़ कर बनी तोप और इसके आसपास स्वच्छता व्यवस्था देखी इसके साथ ही अप्सरा अंडरब्रिज के पास नाला, अम्बेडकर चौक, राधा तिराहा, शीतलामाता मंदिर के पास नाला, कनेरादेव सड़क सहित संजय ड्राइव रोड का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिये।
भगतसिंह वार्ड में स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुये विभिन्न कमियों को देखकर निगमायुक्त ने उक्त वार्ड के दरोगा प्रकाश ताम्रकार को कारण बताओ नोटिस देने और समय पर उचित जबाब प्रस्तुत न करने की स्थिति में वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की स्वच्छ सर्वेक्षण देशव्यापी महत्पूर्ण प्रतिस्पर्धा है इसका सीधा प्रभाव नागरिकों पर पड़ता है ऐसे में स्वच्छता का एक भी पहलु नहीं छूटना चाहिए, निगमकर्मी हों या नागरिक सभी स्वच्छता को लेकर सजग रहें। हम सभी का एक ही प्रयास हो की “सागर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाना है” सभी सागरवासी सहभागिता करें और सक्रीय भूमिका निभाते हुए देश में सागर को स्वच्छता में सिरमौर बनाएं।
