सागर। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह के जन्मदिन पर आयोजित रक्तदान शिविर की सफलता इतिहास बनाने की ओर अग्रसर है। 12 वर्षों से यहां जिस उत्साह से रक्तदान होता है उसे देखते हुए लगता है कि भूपेंद्र सिंह का जन्मदिन 20 मई बुंदेलखंड का रक्तदान दिवस घोषित कर दिया जाना चाहिए। यह उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सागर विभाग संघ चालक, वरिष्ठ चिकित्सक डा जीएस चैबे ने यहां आयोजित चार दिवसीय रक्तदान शिविर का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए। शिविर के पहले दिन 298 यूनिट रक्त संग्रहीत हुआ।

मुख्य अतिथि डा जीएस चैबे ने रक्तदान का इतिहास बताते हुए कहा कि रक्तदान के क्षेत्र में भूपेंद्र सिंह का यह भागीरथी प्रयास पूरे देश में चर्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 400 साल पहले पहली बार मनुष्य को भेड़ का रक्त चढ़ाया गया था। सन् 1900 में रक्त को चार ग्रुपों में विभाजित किया गया। 1945 में उपेंद्र जी ने विश्वयुद्ध के समय एक लाख यूनिट रक्त संग्रहीत करने का सोचा था। आज जब भूपेन्द्र सिंह जी रक्तदान के कीर्तिमान बना रहे हैं तो संभव है कि उनके रक्तदान शिविरों का आंकड़ा भी एक लाख को छू जाएगा। डा चैबे ने कहा कि विश्व के 60 देशों में पूरी जनसंख्या के लोग रक्तदान करते हैं। भारत में सिर्फ तीन प्रदेश त्रिपुरा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल ही ऐसे हैं जहां रक्तदान की स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मनुष्य एक साल में 4 बार सहजता से रक्तदान कर सकता है। हमारे शरीर में जो रक्त प्रवाहित हो रहा है उसमें आरबीसी, डब्ल्यूबीसी और प्लेटलेट्स नाम से ब्रह्मा, विष्णु,महेश की तरह त्रिमूर्ति होती है जिनकी शरीर में अलग-अलग उपयोगिता है। डा चैबे ने बताया कि एक यूनिट ब्लड से एक ग्राम हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है। यह जो संकल्प और जागृति सागर में शुरू हुई है वह निरंतर चलती रहे निरंकारी संत नारायण दास ने कहा कि मानव को हो मानव प्यारा, इक दूजे का बने सहारा ऐसा गुरुओं का संदेश है। रक्तदान शिविर मानवता की भलाई के लिए किये जाते हैं। आज जब मानव मानव के लहू का प्यासा हो रहा है ऐसे में गुरुओं की शिक्षा है कि रक्त नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन ने वर्ष 1986 से रक्तदान शिविरों का अभियान शुरू किया था। अपने शिविरों से आज तक निरंकारी मिशन ने 15 लाख यूनिट ब्लड सरकारी चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराया है। संत नारायण दास जी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह का पूरा परिवार मानवजाति की भलाई के लिए काम कर रहा है। यहां रक्तदान जैसे कार्यक्रम हर्षोल्लास से संपन्न होते हैं। सभी से मेरा आग्रह है कि अधिक से अधिक ब्लड डोनेट करें । युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि हम सभी वरिष्ठ चिकित्सक डा जीएस चैबे का हृदय से आदर करते हैं। डा चैबे ने चिकित्सकीय पेशे के साथ-साथ अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभाग संघ चालक के रूप में दायित्व के साथ राष्ट्र निर्माण करते हुए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित किया है और एक वैभवशाली , गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनसे हम सभी युवाओं को प्रेरणा मिलती है कि हम कैसे भारत माता की सेवा करें हम कैसे राष्ट्र की सेवा करें। स्वयं से पहले राष्ट्र के बारे में सोचना है यह प्रेरणा हम सभी युवाओं को उनसे मिलती है।
चार दिवसीय रक्तदान शिविर के पहले दिन 298 लोगों ने रक्तदान किया। डा हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के क्रिमिनालाजी विभाग के छात्र ऋषिराज और बिलासपुर से आकर एमबीए कर रहे छात्र करण जायसवाल ने शिविर में पहुंच कर रक्तदान किया। रजवांस के उन्नत कृषक अंकित जैन ने अपनी सात साल की बेटी अन्वेषा की जिज्ञासा का समाधान करने उसको साथ बैठा कर रक्तदान किया और रक्तदान की आसान प्रक्रिया से उसे रूबरू कराया। पहले दिन रक्तदान करने वालों में महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने अपने पुत्र सूर्यांश और भतीजे रिशांक के साथ रक्तदान किया। पार्षद राजकुमार पटेल ने अपने चार पुत्रों के साथ रक्तदान किया। पहले ही दिन 12 महिलाओं ने रक्तदान किया है। इनमें महापौर के अलावा ओल्गा सिंह परिहार, श्रीमती सीमा गुप्ता ददरया, प्रियंका ठाकुर, दीक्षा पटेल, शिवानी घोषी, रुसाली तिवारी, शैलजा ताम्रकार, रीना रोहिताष, जसवंत चैबे, सोनल बरसैंया शामिल रहीं। क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष लखन सिंह , सत्यम सिंह बामोरा, प्रतीक चैकसे, रक्तवीरों में शामिल रहे।
रक्तदान शिविर के प्रथम दिवस आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने वाले गणमान्यों में श्रीमती संगीता तिवारी, डाॅ. सुशील तिवारी, शैलेंद्र ठाकुर पार्षद, अविराज सिंह जी, बलराम घोसी पूर्व पार्षद, रूबी पटेल पार्षद, कृष्ण कुमार पटेल, राजकुमार पटेल, सोमेश जड़िया ,अनुराग प्यासी, नवीन भट्ट, अरविंद तोमर, सूर्यांश तिवारी, शुभम घोसी, प्रतीक चैकसे, अज्जू तिवारी, रामकुमार बघेल, रमन यादव माहौलखास, देवेंद्र बुंदेला, अजीत सिंह चीलपहाड़ी, चंदू बुधवानी, सुरेश हसरेजा, नीलेश राय, सत्येंद्र सिंह बामोरा, लखन सिंह बामोरा अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा, उत्तम सिंह बामोरा, अरविंद सिंह लोधी मंडल अध्यक्ष मालथौन, राजकुमार अहिरवार गढ़ौली, रामू ठेकेदार पार्षद, संतोष तिवारी बमोरी हुड्डा, सुखपाल लोधी भैलेंया सरपंच, गोविंद सिंह सहावन, रविंद्र सिंह राजपूत खुरई, सौभाग्य सिंह राजपूत खुरई, राजीव सोनी बड़ा बाजार, राकेश चैबे, शरद अग्रवाल, शरद जैन, उत्तम सिंह बामोरा, पी. एस ठाकुर डीन मेडिकल कॉलेज, आई.एस जयंत सिविल सर्जन, राजेश जैन अधीक्षक मेडिकल कॉलेज, डॉक्टर ममता तिमोरी, डॉ महेश जैन ब्लड बैंक प्रभारी, लक्ष्मण सिंह, मनीष जैन हुंडई, उमेश यादव, बलराम सिंह बरोदिया, राजेश केसरवानी, नरेश यादव पार्षद, राजेंद्र पटेरिया एडवोकेट, संतोष सिंह एडवोकेट खुरई, विकास बेलापुरकर, अंकित जैन रजवांस, दयाराम चैरसिया बरोदिया, शत्रुघ्न सिंह गड़ोला जागीर, हर्षवर्धन चैबे सिविल लाइंस, चंद्रभान सिंह कुरवाई, राजू तिवारी, नरेंद्र सिंह बामोरा,जय सिंह सिदगुवां, पप्पू बहेरिया, चंद्रभान सिंह, डॉक्टर मनीष मिश्रा, राजकुमार सिंह ढाना, अंकित विश्वकर्मा, के के गुर्जर, नीतेश यादव मंडल अध्यक्ष बरोदिया, राजेश केशरवानी, नरेश यादव, शुभम तिवारी, रंजीत राजपूत, संतोष दुबे, गोविंद सिंह, अरविंद सिंह उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डा जीएस चैबे ने रक्तदान का इतिहास बताते हुए कहा कि रक्तदान के क्षेत्र में भूपेंद्र सिंह का यह भागीरथी प्रयास पूरे देश में चर्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 400 साल पहले पहली बार मनुष्य को भेड़ का रक्त चढ़ाया गया था। सन् 1900 में रक्त को चार ग्रुपों में विभाजित किया गया। 1945 में उपेंद्र जी ने विश्वयुद्ध के समय एक लाख यूनिट रक्त संग्रहीत करने का सोचा था। आज जब भूपेन्द्र सिंह जी रक्तदान के कीर्तिमान बना रहे हैं तो संभव है कि उनके रक्तदान शिविरों का आंकड़ा भी एक लाख को छू जाएगा। डा चैबे ने कहा कि विश्व के 60 देशों में पूरी जनसंख्या के लोग रक्तदान करते हैं। भारत में सिर्फ तीन प्रदेश त्रिपुरा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल ही ऐसे हैं जहां रक्तदान की स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मनुष्य एक साल में 4 बार सहजता से रक्तदान कर सकता है। हमारे शरीर में जो रक्त प्रवाहित हो रहा है उसमें आरबीसी, डब्ल्यूबीसी और प्लेटलेट्स नाम से ब्रह्मा, विष्णु,महेश की तरह त्रिमूर्ति होती है जिनकी शरीर में अलग-अलग उपयोगिता है। डा चैबे ने बताया कि एक यूनिट ब्लड से एक ग्राम हीमोग्लोबिन बढ़ जाता है। यह जो संकल्प और जागृति सागर में शुरू हुई है वह निरंतर चलती रहे निरंकारी संत नारायण दास ने कहा कि मानव को हो मानव प्यारा, इक दूजे का बने सहारा ऐसा गुरुओं का संदेश है। रक्तदान शिविर मानवता की भलाई के लिए किये जाते हैं। आज जब मानव मानव के लहू का प्यासा हो रहा है ऐसे में गुरुओं की शिक्षा है कि रक्त नालियों में नहीं नाड़ियों में बहना चाहिए। उन्होंने बताया कि निरंकारी मिशन ने वर्ष 1986 से रक्तदान शिविरों का अभियान शुरू किया था। अपने शिविरों से आज तक निरंकारी मिशन ने 15 लाख यूनिट ब्लड सरकारी चिकित्सा संस्थानों को उपलब्ध कराया है। संत नारायण दास जी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह का पूरा परिवार मानवजाति की भलाई के लिए काम कर रहा है। यहां रक्तदान जैसे कार्यक्रम हर्षोल्लास से संपन्न होते हैं। सभी से मेरा आग्रह है कि अधिक से अधिक ब्लड डोनेट करें । युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि हम सभी वरिष्ठ चिकित्सक डा जीएस चैबे का हृदय से आदर करते हैं। डा चैबे ने चिकित्सकीय पेशे के साथ-साथ अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभाग संघ चालक के रूप में दायित्व के साथ राष्ट्र निर्माण करते हुए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित किया है और एक वैभवशाली , गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। उनसे हम सभी युवाओं को प्रेरणा मिलती है कि हम कैसे भारत माता की सेवा करें हम कैसे राष्ट्र की सेवा करें। स्वयं से पहले राष्ट्र के बारे में सोचना है यह प्रेरणा हम सभी युवाओं को उनसे मिलती है।
चार दिवसीय रक्तदान शिविर के पहले दिन 298 लोगों ने रक्तदान किया। डा हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के क्रिमिनालाजी विभाग के छात्र ऋषिराज और बिलासपुर से आकर एमबीए कर रहे छात्र करण जायसवाल ने शिविर में पहुंच कर रक्तदान किया। रजवांस के उन्नत कृषक अंकित जैन ने अपनी सात साल की बेटी अन्वेषा की जिज्ञासा का समाधान करने उसको साथ बैठा कर रक्तदान किया और रक्तदान की आसान प्रक्रिया से उसे रूबरू कराया। पहले दिन रक्तदान करने वालों में महापौर श्रीमती संगीता तिवारी ने अपने पुत्र सूर्यांश और भतीजे रिशांक के साथ रक्तदान किया। पार्षद राजकुमार पटेल ने अपने चार पुत्रों के साथ रक्तदान किया। पहले ही दिन 12 महिलाओं ने रक्तदान किया है। इनमें महापौर के अलावा ओल्गा सिंह परिहार, श्रीमती सीमा गुप्ता ददरया, प्रियंका ठाकुर, दीक्षा पटेल, शिवानी घोषी, रुसाली तिवारी, शैलजा ताम्रकार, रीना रोहिताष, जसवंत चैबे, सोनल बरसैंया शामिल रहीं। क्षत्रिय महासभा जिला सागर के अध्यक्ष लखन सिंह , सत्यम सिंह बामोरा, प्रतीक चैकसे, रक्तवीरों में शामिल रहे।
रक्तदान शिविर के प्रथम दिवस आयोजन स्थल पर उपस्थित रहने वाले गणमान्यों में श्रीमती संगीता तिवारी, डाॅ. सुशील तिवारी, शैलेंद्र ठाकुर पार्षद, अविराज सिंह जी, बलराम घोसी पूर्व पार्षद, रूबी पटेल पार्षद, कृष्ण कुमार पटेल, राजकुमार पटेल, सोमेश जड़िया ,अनुराग प्यासी, नवीन भट्ट, अरविंद तोमर, सूर्यांश तिवारी, शुभम घोसी, प्रतीक चैकसे, अज्जू तिवारी, रामकुमार बघेल, रमन यादव माहौलखास, देवेंद्र बुंदेला, अजीत सिंह चीलपहाड़ी, चंदू बुधवानी, सुरेश हसरेजा, नीलेश राय, सत्येंद्र सिंह बामोरा, लखन सिंह बामोरा अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा, उत्तम सिंह बामोरा, अरविंद सिंह लोधी मंडल अध्यक्ष मालथौन, राजकुमार अहिरवार गढ़ौली, रामू ठेकेदार पार्षद, संतोष तिवारी बमोरी हुड्डा, सुखपाल लोधी भैलेंया सरपंच, गोविंद सिंह सहावन, रविंद्र सिंह राजपूत खुरई, सौभाग्य सिंह राजपूत खुरई, राजीव सोनी बड़ा बाजार, राकेश चैबे, शरद अग्रवाल, शरद जैन, उत्तम सिंह बामोरा, पी. एस ठाकुर डीन मेडिकल कॉलेज, आई.एस जयंत सिविल सर्जन, राजेश जैन अधीक्षक मेडिकल कॉलेज, डॉक्टर ममता तिमोरी, डॉ महेश जैन ब्लड बैंक प्रभारी, लक्ष्मण सिंह, मनीष जैन हुंडई, उमेश यादव, बलराम सिंह बरोदिया, राजेश केसरवानी, नरेश यादव पार्षद, राजेंद्र पटेरिया एडवोकेट, संतोष सिंह एडवोकेट खुरई, विकास बेलापुरकर, अंकित जैन रजवांस, दयाराम चैरसिया बरोदिया, शत्रुघ्न सिंह गड़ोला जागीर, हर्षवर्धन चैबे सिविल लाइंस, चंद्रभान सिंह कुरवाई, राजू तिवारी, नरेंद्र सिंह बामोरा,जय सिंह सिदगुवां, पप्पू बहेरिया, चंद्रभान सिंह, डॉक्टर मनीष मिश्रा, राजकुमार सिंह ढाना, अंकित विश्वकर्मा, के के गुर्जर, नीतेश यादव मंडल अध्यक्ष बरोदिया, राजेश केशरवानी, नरेश यादव, शुभम तिवारी, रंजीत राजपूत, संतोष दुबे, गोविंद सिंह, अरविंद सिंह उपस्थित रहे।
चिकित्सकीय स्टाफ में डा प्रमेंद्र सिंह ठाकुर डीन बीएमसी सागर, सीएमएचओ सागर डाॅ जीपी आर्य, डाॅ अमर गंगवानी प्रो एंड हेड पेथालाजी, डाॅ. अतुल जैन पैथालाजिस्ट, डाॅ महेश जैन जिला ब्लडबैंक, डाॅ राम जी ठाकुर, डाॅ शेखर श्रीवास्तव ब्लड बैंक प्रभारी खुरई,डा देवेश पटैरिया जिला मलेरिया अधिकारी, डा आस्था पुरोहित, डाॅ शिवानी, डाॅ तुषार मिश्रा, प्रवीण दुबे, पंकज कोष्ठी, अखिलेश कुशवाहा, प्रीति जैन, प्रेरणा गोयल, सत्यम सोनी, सतीश पटेल, सुनीता यादव, सुखदेव सिंह, गोविंद रोहित, जालम सिंह, हेमलता अहिरवार, प्रियंका उपाध्याय, प्रमोद जैन, राजीव सिंह ,राजेश खटीक,अजय सिंह ठाकुर शामिल रहे।
