सागर। शनि शिगनापुर महाराष्ट्र से काशी विश्वनाथ जा रही कावड़ यात्रा जो काशी विश्वनाथ के जल को लेकर वापस शनि सिगनापुर पहुंचेगी। जहां शनि जयंती के अवसर पर भगवान शनि देव को उसी जल से अभिषेक किया जावेगा। कावड़ यात्रा सनी सिगनापुर से निकलकर ओंकारेश्वर इंदौर उज्जैन होते हुए शुक्रवार को सागर पहुंची जहां पर रामसरोज के सदस्यों समाजसेवी शैलेश केसरवानी एवं समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी द्वारा पंडित पुरोहित पुजारी संघ के अध्यक्ष शिव शंकर तिवारी जी, वरिष्ठ कथावाचक राजेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के आतिथ्य में सभी कावड़ियों का बाबा खाटू श्याम के छायाचित्र भेंट कर सम्मान एवं स्वागत किया एवं भोजन प्रसादी ग्रहण कराई।

इस अवसर पर कांवड़ियों ने बताया कि यह कावड़ यात्रा विगत 22 वर्षों से हमारे द्वारा निकाली जाती है प्रत्येक वर्ष हम सभी कांवड़िये मोटरसाइकिल से सनी सिगनापुर से भोले बाबा की नगरी काशी विश्वनाथ जाते हैं। वहाँ से गंगाजल लेकर शनि जयंती पर सनी सिगनापुर में शनि देव का उसी जल से अभिषेक करते हैं। और हम सभी धन्यवाद करते हैं की रामसरोज समूह विगत 12 वर्षों से इसी तरह हमारा सम्मान करता आ रहा है। हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
इस अवसर पर पंडित शिवशंकर पुरोहित ने कहा कि रामसरोज समूह के सदस्य निरंतर ही किसी न किसी माध्यम से लोगों की सेवा करते रहते हैं आज सनी सिगनापुर से काशी विश्वनाथ जल लेने जा रहे कबड़ियों का स्वागत रामसरोज समूह द्वारा किया गया मैं उनका साधुवाद करता हूं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कथा व्यास पंडित श्री राजेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में मानव सेवा को ही माधव सेवा बताया गया है। और रामसरोज समूह के सदस्य वह काम कर रहे हैं। वह ऐसे ही कार्य करते रहे।
इस अवसर पर समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि आपकी समिति पिछले 22 वर्षों से यह कार्य कर रही है यह सुनकर मन प्रसन्नित है। आप सभी भक्त धन्य हैं। जो ऐसी गर्मी और धूप में बिना किसी परवाह के शनि सिगनापुर काशी विश्वनाथ जा रहे है। आप सभी की भक्ति अपरंपार है कुछ लोग होते हैं जो आसपास के मंदिरों में भी नहीं जाते परंतु आपके द्वारा एक छोर से दूसरे छोर जाकर जल लेकर वापस आएंगे और शनि जयंती पर जल चढ़ाएंगे यह बहुत बड़ी बात है।
इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा भक्तों की आस्था और भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक है और इस यात्रा से भक्तों को आध्यात्मिक विकास और परिवार की उन्नति होती है। भगवान भोलेनाथ की कृपा आप सभी पर बनी रहे ऐसी रामसरोज समूह कामना करता है।
इस अवसर पर विष्णु साहू,अब्बी साहू,प्रमोद व्यास,संतोष सेन,जगन्नाथ दर्नदले,नाना साहेब झीने,किशोर कुशमाड़े,सोपान चौहान, प्रदीप चौहान गौतम कुशलकर मेजर,लक्ष्मण सिंघे,भाऊराव ब्रह्माने,धर्मा गरुड़,सुनील चौहान,रविराज राशिंकर,शिवाजी बराते,लक्ष्मण चौहान,हनुमनतराव, दशरथ राशिंकर,दत्तदरेय,नामदेव वनी,मच्छिंद्र अंतरे,कुशलर मेजर,सुभाष शशि,राजू पिंपडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कांवड़ियों ने बताया कि यह कावड़ यात्रा विगत 22 वर्षों से हमारे द्वारा निकाली जाती है प्रत्येक वर्ष हम सभी कांवड़िये मोटरसाइकिल से सनी सिगनापुर से भोले बाबा की नगरी काशी विश्वनाथ जाते हैं। वहाँ से गंगाजल लेकर शनि जयंती पर सनी सिगनापुर में शनि देव का उसी जल से अभिषेक करते हैं। और हम सभी धन्यवाद करते हैं की रामसरोज समूह विगत 12 वर्षों से इसी तरह हमारा सम्मान करता आ रहा है। हम उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
इस अवसर पर पंडित शिवशंकर पुरोहित ने कहा कि रामसरोज समूह के सदस्य निरंतर ही किसी न किसी माध्यम से लोगों की सेवा करते रहते हैं आज सनी सिगनापुर से काशी विश्वनाथ जल लेने जा रहे कबड़ियों का स्वागत रामसरोज समूह द्वारा किया गया मैं उनका साधुवाद करता हूं।
इस अवसर पर वरिष्ठ कथा व्यास पंडित श्री राजेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने कहा कि शास्त्रों में मानव सेवा को ही माधव सेवा बताया गया है। और रामसरोज समूह के सदस्य वह काम कर रहे हैं। वह ऐसे ही कार्य करते रहे।
इस अवसर पर समाजसेवी शैलेश केसरवानी ने कहा कि आपकी समिति पिछले 22 वर्षों से यह कार्य कर रही है यह सुनकर मन प्रसन्नित है। आप सभी भक्त धन्य हैं। जो ऐसी गर्मी और धूप में बिना किसी परवाह के शनि सिगनापुर काशी विश्वनाथ जा रहे है। आप सभी की भक्ति अपरंपार है कुछ लोग होते हैं जो आसपास के मंदिरों में भी नहीं जाते परंतु आपके द्वारा एक छोर से दूसरे छोर जाकर जल लेकर वापस आएंगे और शनि जयंती पर जल चढ़ाएंगे यह बहुत बड़ी बात है।
इस अवसर पर समाजसेवी अखिलेश मोनी केसरवानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा भक्तों की आस्था और भगवान के प्रति समर्पण का प्रतीक है और इस यात्रा से भक्तों को आध्यात्मिक विकास और परिवार की उन्नति होती है। भगवान भोलेनाथ की कृपा आप सभी पर बनी रहे ऐसी रामसरोज समूह कामना करता है।
इस अवसर पर विष्णु साहू,अब्बी साहू,प्रमोद व्यास,संतोष सेन,जगन्नाथ दर्नदले,नाना साहेब झीने,किशोर कुशमाड़े,सोपान चौहान, प्रदीप चौहान गौतम कुशलकर मेजर,लक्ष्मण सिंघे,भाऊराव ब्रह्माने,धर्मा गरुड़,सुनील चौहान,रविराज राशिंकर,शिवाजी बराते,लक्ष्मण चौहान,हनुमनतराव, दशरथ राशिंकर,दत्तदरेय,नामदेव वनी,मच्छिंद्र अंतरे,कुशलर मेजर,सुभाष शशि,राजू पिंपडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
