सागर । स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में नागरिकों के फीडबैक हेतु लिंक जारी हो चुकी है जल्दी ही ग्राउंड स्तर पर सर्वेक्षण टीमों का आना भी प्रारम्भ होगा। ऐसे में नगर निगम के स्वच्छता अधिकारी, जोन प्रभारी, सफाईदरोगा, सफाईमित्र अपने-अपने क्षेत्र वार्डों में स्वच्छ सर्वेक्षण हेतु आवश्यक समस्त तैयारियां मुस्तैद रखें। उक्त निर्देश निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने मंगलवार को सुबह-सुबह शहर के ओचक निरीक्षण के दौरान स्वच्छता व्यवस्था एवं स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों का जायजा लेते हुए दिये।

उन्होंने बसस्टैंड परिसर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर बस स्टैंड बिल्डिंग की रंगाई पुताई का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की बस स्टैंड जैसे परिसर शहर की मुख्य पहचान है यहां आने जाने वाले यात्री बसस्टैंड की स्थिति देखकर शहर का आंकलन करते हैं। हमारा सागर सब ओर से स्वच्छ सुंदर हो रहा है बस स्टैंड भी सभी प्रकार से स्वच्छ सुंदर और व्यवस्थित दिखे। उन्होंने बस स्टैंड परिसर में यात्रियों की सुविधा हेतु बने सुलभ शौचालय, सार्वजनिक शौचालय के अलावा नवनिर्मित यूरिनल की स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया और यूरिनल की रंगाई पुताई कर सुंदर बनाने व उपयोगकर्ता की सुविधा को ध्यान में रखकर सामने की तरफ रैलिंग से कबर करने के निर्देश दिये। ताकि यात्री आसान पहुंच के साथ यूरिनल का उपयोग कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने विद्यासागर बस स्टैंड (खुरई बस स्टैंड) के सार्वजनिक व स्मार्ट शौचालयों का जायजा लिया व नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यकताओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने शौचालय उपयोगकर्ताओं से स्वच्छता संवाद कर यहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्थानीय उपयोगकर्ता ने बताया की शौचालय समय पर खुलता है और सफाई पानी आदि व्यवस्था भी रहती है। बस स्टैंड दुकानों व भवन की और नियमित सफाई की जाये। निगमायुक्त ने संबंधित सफाई दरोगा को नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने भाग्योदय अस्पताल, सब्जी मंडी, बरदान होटल आदि स्थलों पर पहुंचकर थोक अपशिष्ट उत्पादकों द्वारा अपशिष्ट के उचित निपटान का जायजा लिया। उन्होंने सब्जी मंडी में गीले कचरे से खाद निर्माण हेतु सब्जी मंडी बोर्ड द्वारा संचालित नाडेप पिट देखी। इसकी रंगाई पुताई कर स्वच्छ सर्वेक्षण की ब्रांडिंग कराने के निर्देश दिये। भाग्योदय अस्पताल में बने बल्क मयून्सिपल वेस्ट कलेक्शन पॉइंट सहित अलग-अलग प्रकार के कचरे हेतु बने कम्पार्टमेन्ट का निरीक्षण किया और मेडिकल वेस्ट, गीला-सूखा कचरा सहित अन्य कचरा व्यवस्थित रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा की गीला कचरा छोड़कर बांकी मेडिकल वेस्ट व अन्य कचरा कचारा कलेक्शन वाहनों में दें ताकि कूड़े को अत्याधुनिक कचरा प्रोसेसिंग प्लांट में पहुंचाकर उचीत निपटान किया जाएँ, और गीले कचरे से खाद बनाएं व बगीचे में उपयोग करें। शहर में जितने भी थोक अपशिष्ट उत्पादक wbg’s हैं उनके द्वारा अपशिष्ट प्रसंस्करण हर हाल में किया जाना चाहिए ताकि सोर्स पर कचरे के उत्पादन को कम किया जा सके। सभी जगह व्यवस्थित नाडेप पिट आदि हों और इनमें बनने वाली खाद का उपयोग पौधों में खाद देने के लिए कराना सुनिश्चित करें।
