सागर । नगर निगम परिषद का विशेष सम्मिलन निगमाध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार की अध्यक्षता में महापौर श्रीमति संगीता सुशील तिवारी एवं निगमायुक्त राजकुमार खत्री की उपस्थिति में आयोजित किया गया।

नारी वंदन अधिनियम के पक्ष में संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति, बहनों और बेटियों के सम्मान, अधिकार एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी दिलाने का मजबूत संकल्प है।हमारे देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल, व्यापार और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। अब समय आ गया है कि उन्हें नीति निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में अधिक अवसर प्रदान कर लोकतंत्र को और सशक्त बनाएगा। जब महिलाएं निर्णय लेने वाली संस्थाओं में शामिल होंगी, तब समाज के हर वर्ग की समस्याओं और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा और समाधान किया जा सकेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प का परिणाम है, जिन्होंने सदैव महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। आज देश की महिलाएं उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, मातृत्व योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मैं नगर निगम सागर की महापौर होने के नाते यह मानती हूँ कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तब परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति करता है। हमें अपनी बेटियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना होगा। आइए, हम सभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करें और महिलाओं के सम्मान, समानता तथा भागीदारी को मजबूत बनाने का संकल्प लें। यही सशक्त भारत और विकसित भारत की आधारशिला है। महापौर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण एक कानून नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्णायक कदम है हमारी नगर निगम की परिषद की ओर से इसे पूरा समर्थन है। संसद में भले ही 54 वोट कम पड़े और संशोधन बिल पास न हो पाया हो लेकिन मैं, मान.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देती हूॅ कि उन्होने 2023 में ही नारी शक्ति अधिनियम पास कराकर कानून बना दिया। 17 अप्रैल वाला संशोधन तो सिर्फ 2029 में लागू कराने के लिये था। हमें उम्मीद है कि मान.प्रधानमंत्री जी पुनः कोशिश करंेगे और 2029 के पहिले बहिनों को उनका हक मिलेगा।
निगमाध्यक्ष ने सभी भाजपा पार्षदों से कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण हेतु लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये संसद में बिल पेश किया था जिसका कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि बिल के समर्थन में सभी पार्षद चर्चा में भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत करें। चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया कि नगर निगम परिषद द्वारा नारी वंदन अधिनियम के समर्थन का प्रस्ताव पारित किया जाता है तथा कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध करने पर निंदा प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जावे। परिषद में बाबा साहिब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर .महापौर, निगमाध्यक्ष , निगमायुक्त तथा पार्षदों ने माल्यार्पण कर पुुष्पांजलि अर्पित की।
पार्षद श्रीमति रूबी कृष्णकुमार पटैल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत् नारी के सम्मान को देखते हुये सरकार द्वारा यह विधेयक लाया गया था क्योंकि सरकार की मंशा थी कि लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी हो और वे निर्णय कर सकें। कांग्रेस एवं विपक्षी दल नारी को आगे बढ़ना देखना नहीं चाहते। सभी महिलाओं को सड़क पर आकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन करना चाहिये।
पार्षद श्रीमती रेखा नरेश यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत किया था। यह बिल विकसित भारत के निर्माण में महिलाआंे को बराबरी का हक प्रदान करता लेकिन कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिलायंे इस हक वंचित रह गयी, मैं इसकी घोर निंदा करती हूॅ।
श्रीमति आयुषी अमन चौरसिया ने कहा कि विपक्षी पार्टियों द्वारा नारी वंदन अधिनियम का विरोध करने से महिलााओं को पीछे रखने की मंशा साफ हो गई। मान.प्रधानमंत्री जी लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये लगातार प्रयास कर रहे है। मैं, उनका धन्यवाद करती हूॅ।
श्रीमति पूजा सोनी ने कहा कि मान.प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिये लगातार कार्य कर रही है नारी वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा एवं विधानसभा महिलाओं को अपनी बात रखने के लिये अधिकार दिये जाने हेतु बिल प्रस्तुत किया गया था जिसका कांग्रेस पाटी एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया गया इसकी मैं निंदा करती हूूूॅ।
सुश्री मेघा दुबे ने कहा कि मान.प्रधानमंत्री जी द्वारा नारी वंदन अधिनियम 2023 में लागू कर दिया गया था लेकिन उसमें संशोधन कर महिलाओं को संसद एवं विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिये बिल लाया गया जिसका कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा विरोध करने से यह साफ हो गया है कि कंाग्रेस पार्टी तथा विपक्षी दल महिलाओं के उत्थान के प्रति संवेदनशील नहीं है और उन्हें आगे बढाना नहीं चाहती। मैं इसकी निंदा करती हूॅ।
धर्मेन्द्र खटीक ने कहा कि देश की बहिनों के लिये मान.प्रधानमंत्री जी द्वारा नारी वंदन अधिनियम बनाया गया और उनकी भागीदारी संसद एवं विधानसभा में सुनिश्चित करने हेतु संशोधन बिल लाया गया था जिसका कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध करके यह साफ कर दिया गया है कि महिलाओं के कल्याण के प्रति उत्तरदायी नहीं है तथा उन्हे ंभी राजनैतिक क्षेत्र में आगे लाना नहीं चाहती। लोकसभा एवं विधानसभा में नारी संख्या होती है तो वे भी देश व प्रदेश के विकास में भागीदार होती तथा उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका मिलता। मैं इसकी निंदा करता हूॅ तथा शासन को समर्थन करने का प्रस्ताव भेजने की अनुरोध करता हूॅ।
देवेन्द्र अहिरवार ने कहा कि आज ल सम्मिलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने के लिये बुलाया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के सभी पार्षद अनुस्थित रहे इससे यह सिध्द होता है कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल महिलाओं कल्याण के प्रति संवेदनशील नहीं है तथा उन्हें आगे बढाना नही चाहते है। मैं विपक्षी दलों की निंदा करता हूूॅ।
बैठक में भाजपा पार्षद एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

नारी वंदन अधिनियम के पक्ष में संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति, बहनों और बेटियों के सम्मान, अधिकार एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी दिलाने का मजबूत संकल्प है।हमारे देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल, व्यापार और सामाजिक सेवा जैसे प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई है। अब समय आ गया है कि उन्हें नीति निर्माण और लोकतांत्रिक संस्थाओं में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में अधिक अवसर प्रदान कर लोकतंत्र को और सशक्त बनाएगा। जब महिलाएं निर्णय लेने वाली संस्थाओं में शामिल होंगी, तब समाज के हर वर्ग की समस्याओं और आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा और समाधान किया जा सकेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प का परिणाम है, जिन्होंने सदैव महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है। आज देश की महिलाएं उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, मातृत्व योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। मैं नगर निगम सागर की महापौर होने के नाते यह मानती हूँ कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तब परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति करता है। हमें अपनी बेटियों को शिक्षित, आत्मनिर्भर और नेतृत्व के लिए प्रेरित करना होगा। आइए, हम सभी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करें और महिलाओं के सम्मान, समानता तथा भागीदारी को मजबूत बनाने का संकल्प लें। यही सशक्त भारत और विकसित भारत की आधारशिला है। महापौर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण एक कानून नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्णायक कदम है हमारी नगर निगम की परिषद की ओर से इसे पूरा समर्थन है। संसद में भले ही 54 वोट कम पड़े और संशोधन बिल पास न हो पाया हो लेकिन मैं, मान.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद देती हूॅ कि उन्होने 2023 में ही नारी शक्ति अधिनियम पास कराकर कानून बना दिया। 17 अप्रैल वाला संशोधन तो सिर्फ 2029 में लागू कराने के लिये था। हमें उम्मीद है कि मान.प्रधानमंत्री जी पुनः कोशिश करंेगे और 2029 के पहिले बहिनों को उनका हक मिलेगा।
निगमाध्यक्ष ने सभी भाजपा पार्षदों से कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण हेतु लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये संसद में बिल पेश किया था जिसका कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि बिल के समर्थन में सभी पार्षद चर्चा में भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत करें। चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया कि नगर निगम परिषद द्वारा नारी वंदन अधिनियम के समर्थन का प्रस्ताव पारित किया जाता है तथा कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध करने पर निंदा प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजा जावे। परिषद में बाबा साहिब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र पर .महापौर, निगमाध्यक्ष , निगमायुक्त तथा पार्षदों ने माल्यार्पण कर पुुष्पांजलि अर्पित की।
पार्षद श्रीमति रूबी कृष्णकुमार पटैल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत् नारी के सम्मान को देखते हुये सरकार द्वारा यह विधेयक लाया गया था क्योंकि सरकार की मंशा थी कि लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी हो और वे निर्णय कर सकें। कांग्रेस एवं विपक्षी दल नारी को आगे बढ़ना देखना नहीं चाहते। सभी महिलाओं को सड़क पर आकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन करना चाहिये।
पार्षद श्रीमती रेखा नरेश यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु नारी शक्ति वंदन अधिनियम प्रस्तुत किया था। यह बिल विकसित भारत के निर्माण में महिलाआंे को बराबरी का हक प्रदान करता लेकिन कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के विरोध के कारण महिलायंे इस हक वंचित रह गयी, मैं इसकी घोर निंदा करती हूॅ।
श्रीमति आयुषी अमन चौरसिया ने कहा कि विपक्षी पार्टियों द्वारा नारी वंदन अधिनियम का विरोध करने से महिलााओं को पीछे रखने की मंशा साफ हो गई। मान.प्रधानमंत्री जी लोकसभा एवं विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये लगातार प्रयास कर रहे है। मैं, उनका धन्यवाद करती हूॅ।
श्रीमति पूजा सोनी ने कहा कि मान.प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिये लगातार कार्य कर रही है नारी वंदन अधिनियम के माध्यम से लोकसभा एवं विधानसभा महिलाओं को अपनी बात रखने के लिये अधिकार दिये जाने हेतु बिल प्रस्तुत किया गया था जिसका कांग्रेस पाटी एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया गया इसकी मैं निंदा करती हूूूॅ।
सुश्री मेघा दुबे ने कहा कि मान.प्रधानमंत्री जी द्वारा नारी वंदन अधिनियम 2023 में लागू कर दिया गया था लेकिन उसमें संशोधन कर महिलाओं को संसद एवं विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिये बिल लाया गया जिसका कांग्रेस सहित विपक्षी दलों द्वारा विरोध करने से यह साफ हो गया है कि कंाग्रेस पार्टी तथा विपक्षी दल महिलाओं के उत्थान के प्रति संवेदनशील नहीं है और उन्हें आगे बढाना नहीं चाहती। मैं इसकी निंदा करती हूॅ।
धर्मेन्द्र खटीक ने कहा कि देश की बहिनों के लिये मान.प्रधानमंत्री जी द्वारा नारी वंदन अधिनियम बनाया गया और उनकी भागीदारी संसद एवं विधानसभा में सुनिश्चित करने हेतु संशोधन बिल लाया गया था जिसका कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध करके यह साफ कर दिया गया है कि महिलाओं के कल्याण के प्रति उत्तरदायी नहीं है तथा उन्हे ंभी राजनैतिक क्षेत्र में आगे लाना नहीं चाहती। लोकसभा एवं विधानसभा में नारी संख्या होती है तो वे भी देश व प्रदेश के विकास में भागीदार होती तथा उन्हें भी अपनी बात रखने का मौका मिलता। मैं इसकी निंदा करता हूॅ तथा शासन को समर्थन करने का प्रस्ताव भेजने की अनुरोध करता हूॅ।
देवेन्द्र अहिरवार ने कहा कि आज ल सम्मिलन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने के लिये बुलाया गया था जिसमें कांग्रेस पार्टी के सभी पार्षद अनुस्थित रहे इससे यह सिध्द होता है कि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल महिलाओं कल्याण के प्रति संवेदनशील नहीं है तथा उन्हें आगे बढाना नही चाहते है। मैं विपक्षी दलों की निंदा करता हूूॅ।
बैठक में भाजपा पार्षद एवं नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
