नई दिल्ली। GAIL (India) Limited में लंबित कार्यकारी (एक्जीक्यूटिव) मुद्दों के समाधान में हो रही देरी को लेकर गेल अधिकारी संघ (जीओए) ने 17 से 19 फरवरी 2026 तक देशभर के सभी कार्यस्थलों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
संघ ने चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा सभी प्रकार्यात्मक निदेशकों को संबोधित पत्र में गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि प्रबंधन द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब तक लंबित हैं।

गेल अधिकारी संघ के अनुसार 14 अगस्त 2024 को हुई बैठक में प्रबंधन ने कई मांगों पर सहमति जताई थी, जिसे बैठक की कार्यवाही (मिनट्स ऑफ मीटिंग) में भी दर्ज किया गया था। हालांकि डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन बिंदुओं पर कोई ठोस निर्णय या क्रियान्वयन सामने नहीं आया।
संघ का कहना है कि 15 अगस्त 2024 से 16 जनवरी 2026 के बीच कई बार पत्राचार और अनुस्मारक भेजे गए, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
केंद्रीय कार्यकारिणी ने जताई गंभीर चिंता
12 दिसंबर 2025 को आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (सीईसी) की बैठक में संगठन के भीतर औद्योगिक संबंधों के बिगड़ते माहौल, नीतिगत ठहराव, अधिकारियों के मनोबल में गिरावट और संवाद तंत्र की कमजोरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
GOA-केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के निर्णयों से प्रबंधन को 2 जनवरी 2026 को अवगत कराया गया, किंतु संघ का आरोप है कि इसके बाद भी कोई सार्थक पहल नहीं की गई।
एचआर निदेशालय की भूमिका पर सवाल
गेल अधिकारी संघ ने निदेशक (मानव संसाधन) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बैठकों में किए गए वादों से पीछे हटना, संरचित बैठकों का आयोजन न करना, संघ की आंतरिक कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप, पदोन्नति व तबादलों में पक्षपात तथा पदाधिकारियों को लक्षित करना जैसी कार्रवाइयों से आपसी विश्वास कमजोर हुआ है।
7 नवंबर 2025 को GAIL विजयपुर में हुई बैठक के बाद निदेशक (एचआर) द्वारा बैठक को निरस्त घोषित कर कार्यवृत्त तैयार न करने के निर्देश दिए जाने को भी संघ ने स्थापित परामर्श तंत्र के लिए झटका बताया है ।
गेल अधिकारी संघ ने घोषणा की है कि 17 से 19 फरवरी तक सभी इकाइयों में सदस्य काले बैज पहनकर गेट मीटिंग/जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित करेंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-विघटनकारी होगा।
आगे की चेतावनी
संघ ने कहा है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह प्रशासनिक मंत्रालय, लोक उपक्रम विभाग (डीपीई) सहित अन्य संस्थानों से संपर्क करने, मीडिया के समक्ष मुद्दा उठाने तथा कानूनी विकल्प अपनाने पर विचार करेगा।
गेल अधिकारी संघ ने प्रबंधन से औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने और विश्वास बहाली के लिए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। मामले में जब गैल के उच्चाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो फोन रिसीव नहीं हुआ ।
संघ ने चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा सभी प्रकार्यात्मक निदेशकों को संबोधित पत्र में गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि प्रबंधन द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब तक लंबित हैं।

गेल अधिकारी संघ के अनुसार 14 अगस्त 2024 को हुई बैठक में प्रबंधन ने कई मांगों पर सहमति जताई थी, जिसे बैठक की कार्यवाही (मिनट्स ऑफ मीटिंग) में भी दर्ज किया गया था। हालांकि डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इन बिंदुओं पर कोई ठोस निर्णय या क्रियान्वयन सामने नहीं आया।
संघ का कहना है कि 15 अगस्त 2024 से 16 जनवरी 2026 के बीच कई बार पत्राचार और अनुस्मारक भेजे गए, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
केंद्रीय कार्यकारिणी ने जताई गंभीर चिंता
12 दिसंबर 2025 को आयोजित केंद्रीय कार्यकारिणी समिति (सीईसी) की बैठक में संगठन के भीतर औद्योगिक संबंधों के बिगड़ते माहौल, नीतिगत ठहराव, अधिकारियों के मनोबल में गिरावट और संवाद तंत्र की कमजोरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
GOA-केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के निर्णयों से प्रबंधन को 2 जनवरी 2026 को अवगत कराया गया, किंतु संघ का आरोप है कि इसके बाद भी कोई सार्थक पहल नहीं की गई।
एचआर निदेशालय की भूमिका पर सवाल
गेल अधिकारी संघ ने निदेशक (मानव संसाधन) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि बैठकों में किए गए वादों से पीछे हटना, संरचित बैठकों का आयोजन न करना, संघ की आंतरिक कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप, पदोन्नति व तबादलों में पक्षपात तथा पदाधिकारियों को लक्षित करना जैसी कार्रवाइयों से आपसी विश्वास कमजोर हुआ है।
7 नवंबर 2025 को GAIL विजयपुर में हुई बैठक के बाद निदेशक (एचआर) द्वारा बैठक को निरस्त घोषित कर कार्यवृत्त तैयार न करने के निर्देश दिए जाने को भी संघ ने स्थापित परामर्श तंत्र के लिए झटका बताया है ।
गेल अधिकारी संघ ने घोषणा की है कि 17 से 19 फरवरी तक सभी इकाइयों में सदस्य काले बैज पहनकर गेट मीटिंग/जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित करेंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण और गैर-विघटनकारी होगा।
आगे की चेतावनी
संघ ने कहा है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह प्रशासनिक मंत्रालय, लोक उपक्रम विभाग (डीपीई) सहित अन्य संस्थानों से संपर्क करने, मीडिया के समक्ष मुद्दा उठाने तथा कानूनी विकल्प अपनाने पर विचार करेगा।
गेल अधिकारी संघ ने प्रबंधन से औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने और विश्वास बहाली के लिए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। मामले में जब गैल के उच्चाधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो फोन रिसीव नहीं हुआ ।
