सागर । केंद्रीय जेल, सागर में आध्यात्मिक श्री 1008 सिद्ध चक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल के बंदियों में सकारात्मक परिवर्तन लाना और उनके नैतिक उत्थान पर जोर देना था। परम पूज्य मुनि श्री निष्कंप सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित इस विधान में शहर के गणमान्य नागरिकों, न्यायाधीशों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसे महेश बिलहरा और रायपुर से पधारे श्रावक श्रेष्टि विनोद बड़जात्या एवं संजना बड़जात्या ने संपन्न किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शहर विधायक श्री जैन ने अपने उद्बोधन में जेल प्रशासन द्वारा जनहित में किए जा रहे ऐसे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर न्यायपालिका के कई प्रतिष्ठित सदस्य भी मौजूद थे। जेल हथकरघा कमेटी के सीए प्रियेश जैन ने बताया कि यह विधान सातवीं बार केंद्रीय जेल सागर में संपन्न किया जा रहा है। इसी बात को दोहराते हुए, प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद जैन ने कहा कि प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत जेल में लगातार हो रहा यह पूजन विधान बंदियों में संस्कारों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। सत्र न्यायाधीश सचिन जैन ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा शिक्षा ग्रहण करने की एक उम्र होती है, लेकिन संस्कारों को कभी भी और कहीं भी ग्रहण किया जा सकता है। इसी क्रम में, अपर सत्र न्यायाधीश सिमरन सिंह ने हाथकरघा केंद्र के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ समाज सेवा का उत्कृष्ट कार्य हो रहा है।
मुनि श्री निष्कंप सागर महाराज ने कहा कि सागर जेल में निरंतर हो रहे ऐसे कार्यक्रमों से व्यक्ति के स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा क्रोध आने पर यदि व्यक्ति कुछ पल रुक जाए, तो वह अपराध करने से बच सकता है। उनके और परम पूज्य मुनि श्री निष्काम सागर महाराज के सानिध्य में ब्रह्मचारी अंकित भैया (धनेटा) द्वारा पूरा कार्यक्रम सानंद संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। दोपहर में, प्रसिद्ध बुंदेली गायक जीतू जैन ‘टडा’ ने अपने भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके बुंदेली भजनों का जेल के बंदी भाइयों और स्टाफ ने भरपूर आनंद लिया। अन्य विशिष्ट अतिथियों में एडिशनल कमिश्नर पवन जैन, जो पिछले चार वर्षों से इस विधान में शामिल हो रहे हैं, और हाई कोर्ट के अध्यक्ष डीके जैन ने इसे सामाजिक समरसता की एक अच्छी पहल बताया। कृषि वैज्ञानिक अधिकारी श्री यादव ने भी ऐसे कार्यक्रमों को दुर्लभ और प्रशंसनीय बताया। अंत में जेलर मनोज मिश्रा जी ने इस कार्यक्रम को जेल के लिए एक आनंददायक और सफल आयोजन बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सुधार और सकारात्मकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ

कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ, जिसे महेश बिलहरा और रायपुर से पधारे श्रावक श्रेष्टि विनोद बड़जात्या एवं संजना बड़जात्या ने संपन्न किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शहर विधायक श्री जैन ने अपने उद्बोधन में जेल प्रशासन द्वारा जनहित में किए जा रहे ऐसे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर न्यायपालिका के कई प्रतिष्ठित सदस्य भी मौजूद थे। जेल हथकरघा कमेटी के सीए प्रियेश जैन ने बताया कि यह विधान सातवीं बार केंद्रीय जेल सागर में संपन्न किया जा रहा है। इसी बात को दोहराते हुए, प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद जैन ने कहा कि प्राइवेट पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत जेल में लगातार हो रहा यह पूजन विधान बंदियों में संस्कारों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। सत्र न्यायाधीश सचिन जैन ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा शिक्षा ग्रहण करने की एक उम्र होती है, लेकिन संस्कारों को कभी भी और कहीं भी ग्रहण किया जा सकता है। इसी क्रम में, अपर सत्र न्यायाधीश सिमरन सिंह ने हाथकरघा केंद्र के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ समाज सेवा का उत्कृष्ट कार्य हो रहा है।
मुनि श्री निष्कंप सागर महाराज ने कहा कि सागर जेल में निरंतर हो रहे ऐसे कार्यक्रमों से व्यक्ति के स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा क्रोध आने पर यदि व्यक्ति कुछ पल रुक जाए, तो वह अपराध करने से बच सकता है। उनके और परम पूज्य मुनि श्री निष्काम सागर महाराज के सानिध्य में ब्रह्मचारी अंकित भैया (धनेटा) द्वारा पूरा कार्यक्रम सानंद संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। दोपहर में, प्रसिद्ध बुंदेली गायक जीतू जैन ‘टडा’ ने अपने भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके बुंदेली भजनों का जेल के बंदी भाइयों और स्टाफ ने भरपूर आनंद लिया। अन्य विशिष्ट अतिथियों में एडिशनल कमिश्नर पवन जैन, जो पिछले चार वर्षों से इस विधान में शामिल हो रहे हैं, और हाई कोर्ट के अध्यक्ष डीके जैन ने इसे सामाजिक समरसता की एक अच्छी पहल बताया। कृषि वैज्ञानिक अधिकारी श्री यादव ने भी ऐसे कार्यक्रमों को दुर्लभ और प्रशंसनीय बताया। अंत में जेलर मनोज मिश्रा जी ने इस कार्यक्रम को जेल के लिए एक आनंददायक और सफल आयोजन बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सुधार और सकारात्मकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ
