मप्र । प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति और राशि के आवंतन के नाम पर गरीबों से रिश्वत लेने का खेल चल रहा है । ऐसा हि एक मामला बरधात तहसील से सामने आया है । मिली जानकारी के अनुसार
बरघाट तहसील की ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी के ग्राम रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी को लोकायुक्त जबलपुर टीम ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। ग्राम रोजगार सहायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जल्दी नाम जोड़ने और जल्दी राशि दिलवाने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी।
आवेदक अब्दुल वाहब पिता मान्बुद खान निवासी ग्राम साल्हे कोसमी थाना बरघाट जिला सिवनी ने बताया था कि ओमेंद्र कुमार पारधी पिता जगन्नाथ पारधी ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी तहसील बरघाट जिला सिवनी द्वारा आवेदक की पत्नी सबीना बी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम साल्हे कोसमी में आवास योजना में सबसे पहले नाम जोड़ने एवं आवास की राशि 150000 रूपये का आवंटन जल्दी कराने के लिए 5 हजार रुपये की मांग की जा राजी थी। गुरुवार को आरोपी के घर ग्राम साल्हे कोसमी बरघाट में 5000 रुपए लेते ग्राम रोजगार सहायक को रंगे हाथों उसके निज निवास से ट्रैप किया गया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने ट्रेप कार्यवाही की । इस कार्यवाही में प्रभारी डी एस पी नीतू त्रिपाठी, शशि मर्सकोले निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया एवं लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।
