
हाथी ‘ मोती ‘ तब प्रसिद्ध हुआ था जब
उसने इंदौर मैं नेहरू स्टेडियम आयोजित कार्यक्रम मैं अपनी सूंड से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को माला पह् नाई थी । अब यह हाई पावर कमेटी ने ‘मोती ‘ को वनतारा भेजने के आदेश दिए हैं ।
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय का चर्चित हाथी ‘मोती’ एक बार फिर चर्चा में है। 65 वर्षीय यह विशालकाय हाथी जिसने कभी देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को माला पहनाई थी, अब अपने भविष्य को लेकर विवादों में घिर गया है। हाई पावर कमेटी ने हाल ही में आदेश जारी कर मोती को अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट वनतारा में भेजने का सुझाव दिया है। इस आदेश के बाद इंदौर चिड़ियाघर प्रबंधन और नगर निगम दोनों ने ही आपत्ति दर्ज कराई है। बताया जाता है कि हाई कमेटी की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ‘मोती’ को ‘वनतारा’ सेंटर में स्थानांतरित किया जाए जहां पशु संरक्षण और देखरेख के लिए बेहतर सुविधाएं मौजूद हैं। लेकिन चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि मोती की उम्र और मानसिक स्थिति को देखते हुए इतनी लंबी यात्रा ‘ मोति’ के लिए खतरनाक होगी ।
चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव का कहना है कि मोती की मानसिक हालत फिलहाल स्थिर नहीं है। वह कभी-कभी आक्रामक भी हो जाता है। इस जू में उसे सुरक्षित, परिचित माहौल मिला है, जहां विशेष टीम उसकी लगातार निगरानी करती है।
श्री यादव ने बताया कि मोती को ऐसे वातावरण में रखा गया है जहां उसे कोई परेशानी न हो। वह अकेलापन महसूस न करे, इसके लिए एक मादा हाथी लाने की योजना भी बन रही है। जू प्रशासन के अलावा
नगर निगम भी ‘ मोती ‘ को
वनतारा भेजने के पक्ष में नहीं है । निगमायुक्त दिलीप यादव ने भी हाई कमेटी के आदेश पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि मोती अब काफी बूढ़ा और मानसिक रूप से कमजोर भी है। उसे नई जगह भेजना उसके लिए तनावपूर्ण साबित हो सकता है। हमारी प्राथमिकता उसकी सुरक्षा और भलाई है। इसलिए हमने मोती को इंदौर में ही रखने की सिफारिश की है।
*गुस्सैल है मोती*
इंदौर चिड़ियाघर में रहने वाला मोती का व्यवहार कई बार गुस्सैल हो जाता है और वह खुद को या कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर चुका ।
*इंदिरा को पहनाई थी ‘माला’*
मोती स इंदौर की विरासत का हिस्सा बन चुका है। 1960 में बिहार के सोनपुर मेले से खरीदे गए मोती को इंदौर लाया गया था। इसकी सबसे चर्चित याद उस समय की है जब नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोती ने अपनी ‘सूंड’ से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ‘माला’ पहनाई थी। यह दृश्य उस दौर में अखबारों की सुर्खियों में रहा था । वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट लागू होने से पहले मोती को सवारी के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है ।
चिड़ियाघर के प्रभारी श्री यादव का कहना है कि
मोती एक ‘मखना’ नस्ल का हाथी है जो अपनी समझदारी और सीखने की क्षमता के लिए जाना जाता है। उसके महावतों ने उसे कई कला सिखाई थीं। मोती ‘माउथ ऑर्गन’ बजाना जानता और ‘राम’ बोलने की कोशिश भी करता था। वर्तमान में चिड़ियाघर में मोती को एक एकड़ क्षेत्र में रखा गया है, जहां उसके लिए स्विमिंग पूल और पीने के पानी की विशेष व्यवस्था है। बहरहाल अब देखना है कि ‘ मोती ‘ को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है ।
